भारत में त्योहारी सीजन शुरू होते ही अक्टूबर-नवंबर में ठंडक बढ़ने लगती है. तापमान गिरने के साथ कार पर भी इसका असर दिखने लगता है. खासतौर पर सुबह के समय कार स्टार्ट होने में दिक्कत आ सकती है या कभी-कभी सफर के दौरान गाड़ी अचानक बंद भी हो सकती है. ठंड में बैटरी इंडन ऑयल और टायर जैसे हिस्सों पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा दबाव पड़ता है. ऐसे में सर्दियों शुरू होने से पहले कार की कुछ जरूरी चीजों की जांच कर लेना समझदारी है.
बैटरी की सेहत अभी चेक कराएं
सर्दियों कारा स्टार्ट न होने की सबसे आम वजहों में बैटरी की कमजोरी शामिल है. कम तापमान में बैटरी के अंदर होने वाले केमिकल रिएक्शन की रफ्तार धीमी हो जाती है. इससे इंजन को स्टार्ट करने के लिए जरूरी पावर नहीं मिल पाती. अगर आपकी कार की बैटरी तीन-चार साल पुरानी है तो ठंड शुरू होने से पहले किसी मैकेनिक उसकी वोल्टेज और ओवरऑल हेल्थ जरूर चेक करवा लें.
इंजन ऑयल और कूलेंट का लेवल देखें
ठंड में इंजन ऑयल गाढ़ा हो जाता है. अगर कार में पुराना या गंदा ऑयल पड़ा है तो कम तापमान में यह और ज्यादा थिक हो सकता हैं. इसस इंजन के अंदरूनी हिस्सों में लुब्रिकेशन ठीक से नहीं हो पाता और कार स्टार्ट करने में परेशानी आ सकती है. सर्दियों से पहले इंजन ऑयल की जांच कराएं और जरूरत होतो बदलवा लें. कोशिश करें कि कार कंपनी की ओर से सुझाए गए सही ग्रेड के ऑयल का इस्तेमाल ही करें. इसके साथ कूलेंट का लेवल भी जरूर चेक कर लें.
टायर प्रेशर को न करें नजरअंदाज
तापमान गिरने पर टायरों के अंदर की हवा सिकुड़ती है, जिससे टायर प्रेशर को हो सकता है.कम हवा वाले टायरों के साथ कार चलाने पर माइलेज प्रभावित हो सकता है और खासकर हाईवे पर गाड़ी की ग्रिप पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए सर्दियों में हर हफ्ते टायर प्रेशर चेक करें और कार कंपनी की ओर से बताए गए स्तर के मुताबिक हवा रखें.
हीटर और डिफॉगर जरूर चेक करें
सर्दियों में कार के शीशों पर भाप जमना आम बात है. अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने की वजह से विंडशील्ड और दूसरे शीशों पर धुंध जम सकती है, जिससे सड़क साफ दिखाई नहीं देती. ऐसे में कार का फ्रंट और रियर डिफॉगर काफी काम आता है. ठंड बढ़ने से पहले हीटर और डिफॉगर को चलाकर देख लें कि दोनों सही तरीके से काम कर रहे हैं.
वाइपर भी होने चाहिए ठीक
सर्दियों में कोहरे और नमी के कारण विंडशील्ड पर विजिबिलिटी कम हो सकती है. ऐसे में वाइपर सही हालत में होना जरूरी है. अगर वाइपर ब्लेड घिस गए हैं या शीशे को ठीक से साफ नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें बदलवा लेना बेहतर रहेगा. साफ विंडशील्ड ड्राइविंग के दौरान विजिबिलिटी बनाए रखने में मदद करती है.
हेडलाइट और फॉग लैंप की जांच करें
सर्दियों में कोहरे का कारण सड़क पर विजिबिलिटी कम हो सकती है. इसलिए कार की हेडलाइट, टेललाइट, इंडिकेटर और फॉग लैंप्स करो पहले ही चेक कर लें. कोई बल्ब खराब है तो उसे बदलवा लें. अगर हेडलाइट का कवर पुराना होने के कारण पीला या धुंधला हो गया है, तो उसे साफ करवाना भी जरूरी है. इससे रात और कोहरे के दौरान रोशनी बेहतर तरीके से सड़क पर पड़ सकती है और दूसरे वाहन चालकों को भी आपकी कार आसानी से दिखाई दे सकती है.