Gujarat News: (ठाकुर भूपेंद्र सिंह, अहमदाबाद) गुजरात के बनासकांठा में बुधवार शाम को प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। अंबाजी मंदिर से एक किलोमीटर दूर गब्बर शक्तिपीठ के पास बसी रबारी कॉलोनी पर बने अवैध निर्माणों पर जिला प्रशासन द्वारा बुलडोजर कार्रवाई की गई। शाम 5 बजे तक जिला प्रशासन द्वारा अवैध मकानों को छोड़ देने का आखिरी मौका दिया गया था। इस दौरान करीब 90 मकानों पर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने कई कॉलोनियों में जितने भी रिहायशी मकान अवैध कब्जा कर बनाए गए थे, उनको नोटिस जारी किया गया था।
इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा रबारी कॉलोनी में बने 90 अवैध मकानों की पहचान की गई थी। सभी लोगों को नोटिस देकर मकान खाली करने के निर्देश दिए गए थे। अंबाजी मंदिर से लेकर गब्बर शक्तिपीठ तक करीब 4 किलोमीटर लंबा अंबाजी कॉरिडोर डेवलप किया जाना है। इसका काम आगामी कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन ने रबारी कॉलोनी में रहने वाले लोगों को मकान के एवज में पीएम आवास योजना में घर देने का आश्वासन तक दिया था। बुधवार शाम को भारी पुलिस बल के साथ करीब 16 डिमोलिशन टीमों ने बुलडोजर एक्शन चलाया।
द्वारका में ध्वस्त किए थे 525 ढांचे
बुधवार को रिहायशी के अलावा दूसरी इमारतों पर भी बुलडोजर चला। इससे पहले गुजरात के द्वारका में सरकार ने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया था। गुजरात सरकार ने द्वारका के बेट द्वारका में बने 525 अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया था। बताया जा रहा है कि इनमें 9 धार्मिक स्थल और तीन कमर्शियल इमारतें शामिल थीं। बेट द्वारका गुजरात के द्वारका शहर से 35 किलोमीटर दूर एक छोटा सा द्वीप है।
कृष्ण नगरी द्वारका को सरकार टूरिस्ट प्लेस के तौर पर डेवलप कर रही है। केंद्र सरकार यहां स्कूबा ड्राइविंग शुरू करवाने की सोच रही है। बेट द्वारका में कार्रवाई को लेकर AIMIM चीफ और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुजरात सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि द्वारका में तोड़फोड़ मुसलमानों के मजारों और कब्रिस्तानों को निशाना बनाकर की गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।