राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च में कई पुलिसवालों ने आंदोलनकारी छात्रों पर लाठियां भांजी. सोशल मीडिया पर पुलिस की बर्बरता के कई वीडियो सामने आए जिसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी एक जनहित याचिका दायर की गई. मार्च के दौरान कई पुलिसवालों के भी घायल होने की जानकारी है, लेकिन इस बीच ADCP संदीप लांबा का नाम सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. जंतर मंतर पर महिला को थप्पड़ मारने वाले संदीप पर कड़ी कार्रवाई की गई है. उनकी इस हरकत की शिकायत दिल्ली हाई कोर्ट से भी की गई है.
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कौन हैं ADCP संदीप लांबा?
जंतर-मंतर पर महिला को थप्पड़ मारने वाले अधिकारी संदीप लांबा केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के आधीन आने वाली सिविल पुलिस सेवा DANIPS (Delhi, Andaman and Nicobar Islands Police Service) के 2011 बैच के अधिकारी हैं. इस पुलिस काडर में कार्यरत आधिकारियों की पोस्टिंग केंद्र शासित प्रदेशों में की जाती है. संदीप लांबा दिल्ली पुलिस के नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) हैं. संदीप लांबा साल 2021 में मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं. इसके साथ ही वो दिल्ली दंगों की जांच टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं.
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हाई कोर्ट से की गई संदीप लांबा की शिकायत
संदीप लांबा द्वारा महिला को थप्पड़ मारे जाने का मामला बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट भी पहुंचा. 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत के सामने एडीशनल डीसीपी संदीप लांबा के व्यवहार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एक महिला शांतिपूर्वक सड़क किनारे खड़ी थी, लेकिन अधिकारी ने बिना किसी उकसावे के उसे थप्पड़ मार दिया.
अदालत में वरिष्ठ वकील ने कहा कि कानून की रक्षा करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है. उन्होंने टिप्पणी की कि अगर वर्दी में मौजूद अधिकारी ही इस तरह का व्यवहार करेंगे तो लोगों का भरोसा कमजोर होगा. उन्होंने अदालत से ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाने की मांग की. इसी सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा.
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च में कई पुलिसवालों ने आंदोलनकारी छात्रों पर लाठियां भांजी. सोशल मीडिया पर पुलिस की बर्बरता के कई वीडियो सामने आए जिसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी एक जनहित याचिका दायर की गई. मार्च के दौरान कई पुलिसवालों के भी घायल होने की जानकारी है, लेकिन इस बीच ADCP संदीप लांबा का नाम सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. जंतर मंतर पर महिला को थप्पड़ मारने वाले संदीप पर कड़ी कार्रवाई की गई है. उनकी इस हरकत की शिकायत दिल्ली हाई कोर्ट से भी की गई है.
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कौन हैं ADCP संदीप लांबा?
जंतर-मंतर पर महिला को थप्पड़ मारने वाले अधिकारी संदीप लांबा केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के आधीन आने वाली सिविल पुलिस सेवा DANIPS (Delhi, Andaman and Nicobar Islands Police Service) के 2011 बैच के अधिकारी हैं. इस पुलिस काडर में कार्यरत आधिकारियों की पोस्टिंग केंद्र शासित प्रदेशों में की जाती है. संदीप लांबा दिल्ली पुलिस के नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) हैं. संदीप लांबा साल 2021 में मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं. इसके साथ ही वो दिल्ली दंगों की जांच टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं.
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हाई कोर्ट से की गई संदीप लांबा की शिकायत
संदीप लांबा द्वारा महिला को थप्पड़ मारे जाने का मामला बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट भी पहुंचा. 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत के सामने एडीशनल डीसीपी संदीप लांबा के व्यवहार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एक महिला शांतिपूर्वक सड़क किनारे खड़ी थी, लेकिन अधिकारी ने बिना किसी उकसावे के उसे थप्पड़ मार दिया.
अदालत में वरिष्ठ वकील ने कहा कि कानून की रक्षा करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है. उन्होंने टिप्पणी की कि अगर वर्दी में मौजूद अधिकारी ही इस तरह का व्यवहार करेंगे तो लोगों का भरोसा कमजोर होगा. उन्होंने अदालत से ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाने की मांग की. इसी सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा.