Sonam Wangchuk Big announcement : सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने संसद सदस्यों को एक पत्र लिखकर अनशन खत्म करने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने शर्त रखी है कि यदि सरकार हाल ही में हुए पेपर लीक जैसी शिक्षा प्रणाली की विफलताओं पर जवाबदेही तय करे या विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद उनसे मिलकर संसद के मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाने का आश्वासन दें तो वे 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर देंगे. वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने उन्हें किसी निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसे राहत नहीं मिल सकी.
सोनम वांगचुक तोड़ देंगे अनशन अगर पूरी हो ये शर्त, पत्नी गीतांजलि का जंतर-मंतर से ऐलान
अनशन खत्म करने की 3 मुख्य शर्तें
19 जुलाई की तारीख से जारी और सफदरजंग अस्पताल से लिखे गए पत्र में सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अनशन वापस लेने को तैयार हैं, बशर्ते उनकी मुख्य मांगों पर संसद में गंभीर चर्चा का आश्वासन मिले. वांगचुक ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनकी गतिविधियों और संवाद पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं.
- पेपर लीक और शिक्षा विफलता पर जवाबदेही: सरकार संसद में शिक्षा प्रणाली में हो रही बार-बार पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी स्वीकार करे.
- संसद द्वार पर आश्वासन: यदि वांगचुक और सीजेपी का नेतृत्व संसद भवन के प्रवेश द्वार तक पहुंचता है तो विभिन्न दलों के सांसद वहां आकर उन्हें मुद्दा उठाने का आश्वासन दें.
- अस्पताल में मुलाकात: यदि स्वास्थ्य कारणों से वांगचुक संसद द्वार तक जाने में असमर्थ रहते हैं तो सांसदों को अस्पताल आकर उनसे मिलना होगा और संसद के मानसून सत्र में इस विषय को उठाने की प्रतिबद्धता जतानी होगी.
CJP का 'संसद चलो' मार्च
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित इस मार्च में लगभग 20,000 समर्थकों के जंतर-मंतर पर एकत्र होने का दावा किया गया है. संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही यह मुद्दा सरकार और विपक्ष दोनों के लिए रणनीतिक रूप से अहम बन गया है. वांगचुक ने बार-बार जोर दिया है कि उनका यह मार्च पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण रहे ताकि असामाजिक तत्व इसका दुरुपयोग न कर सकें.
सोनम वांगचुक की सेहत पर सफदरजंग से बड़ा अपडेट, डॉ. मनीषा ने बताया-अब कैसी है तबीयत
Sonam Wangchuk Big announcement : सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने संसद सदस्यों को एक पत्र लिखकर अनशन खत्म करने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने शर्त रखी है कि यदि सरकार हाल ही में हुए पेपर लीक जैसी शिक्षा प्रणाली की विफलताओं पर जवाबदेही तय करे या विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद उनसे मिलकर संसद के मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाने का आश्वासन दें तो वे 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर देंगे. वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने उन्हें किसी निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसे राहत नहीं मिल सकी.
सोनम वांगचुक तोड़ देंगे अनशन अगर पूरी हो ये शर्त, पत्नी गीतांजलि का जंतर-मंतर से ऐलान
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19 जुलाई की तारीख से जारी और सफदरजंग अस्पताल से लिखे गए पत्र में सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अनशन वापस लेने को तैयार हैं, बशर्ते उनकी मुख्य मांगों पर संसद में गंभीर चर्चा का आश्वासन मिले. वांगचुक ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनकी गतिविधियों और संवाद पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं.
- पेपर लीक और शिक्षा विफलता पर जवाबदेही: सरकार संसद में शिक्षा प्रणाली में हो रही बार-बार पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी स्वीकार करे.
- संसद द्वार पर आश्वासन: यदि वांगचुक और सीजेपी का नेतृत्व संसद भवन के प्रवेश द्वार तक पहुंचता है तो विभिन्न दलों के सांसद वहां आकर उन्हें मुद्दा उठाने का आश्वासन दें.
- अस्पताल में मुलाकात: यदि स्वास्थ्य कारणों से वांगचुक संसद द्वार तक जाने में असमर्थ रहते हैं तो सांसदों को अस्पताल आकर उनसे मिलना होगा और संसद के मानसून सत्र में इस विषय को उठाने की प्रतिबद्धता जतानी होगी.
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित इस मार्च में लगभग 20,000 समर्थकों के जंतर-मंतर पर एकत्र होने का दावा किया गया है. संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही यह मुद्दा सरकार और विपक्ष दोनों के लिए रणनीतिक रूप से अहम बन गया है. वांगचुक ने बार-बार जोर दिया है कि उनका यह मार्च पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण रहे ताकि असामाजिक तत्व इसका दुरुपयोग न कर सकें.
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