सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: ठकेदार बोला- दीवार हटाते ही भरभरा कर गिर गई इमारत, दुकान के लिए बनानी थी जगह
पुलिस का कहना है कि अगस्त 2025 में शुधांशु और शुभम ने हादसे वाली इमारत की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये प्रतिमाह किराये पर ली थीं. इमारत की जर्जर स्थिति के कारण उन्हें यह प्रॉपर्टी मार्केट रेट से कम किराये पर मिली थी.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Sep 9, 2026 19:29
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Sep 9, 2026 19:29
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दीवारें इमारत का भार नहीं सह सकीं. (Photo: ANI)
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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के मामले की जांच में पुलिस ने कंस्ट्रक्शन और किराये से जुड़े पहलुओं को लेकर बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, हादसे के सिलसिले में तीन आरोपियों मकान मालिक महेश गुप्ता, मजदूर ठेकेदार सनोज कुमार और पीजी संचालक शुधांशु लोवनीश को गिरफ्तार किया गया है. तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस हिरासत के दौरान ठेकेदार सनोज कुमार से पूछताछ के दौरान उसने कई बड़े खुलासे किए.
सनोज को मिल रहे थे प्रतिदिन के 2800 रुपये
पुलिस के अनुसार, मजदूर ठेकेदार सनोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया. पूछताछ में उसने बताया कि करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता ने उसे इमारत में मरम्मत और निर्माण संबंधी काम के लिए लगाया था. ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर करने के लिए वहां करीब तीन ट्रक निर्माण सामग्री भरवाई गई थी. इस काम के लिए सनोज को प्रतिदिन 2,800 रुपये दिए जा रहे थे.
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#UPDATE | Satya Niketan building collapse | Delhi Police say, "During investigation, the labour contractor Sanoj Kumar was apprehended from Kasganj, UP and brought back. He was arrested in the case and examined in detail. He disclosed that he was engaged in renovation work in the…
जांच में सामने आया कि ग्राउंड फ्लोर पर एक दुकान के लिए अतिरिक्त जगह बनाने की कोशिश की जा रही थी. पुलिस के मुताबिक, हादसे वाले दिन दुकान के रास्ते में आ रही एक दीवार को मजदूरों ने हटा दिया. इसके बाद अन्य दीवारें इमारत का भार नहीं सह सकीं और बिल्डिंग भर-भराकर गिर पड़ी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों और भवन की मजबूती का कितना ध्यान रखा गया था.
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‘Hostel Daze’ नाम से चल रहा था PG
मामले में गिरफ्तार पीजी संचालक शुधांशु लोवनीश ने पूछताछ में बताया कि उसने 2019 में दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी. पुलिस के मुताबिक, वह 2022 से अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ सत्य निकेतन इलाके में ‘Hostel Daze’ नाम से पीजी चलाता है. फिलहाल दोनों की ओर से आसपास 7 पीजी चलाए जाने की जानकारी मिली है.
पुलिस का कहना है कि अगस्त 2025 में शुधांशु और शुभम ने हादसे वाली इमारत की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये प्रतिमाह किराये पर ली थीं. इमारत की जर्जर स्थिति के कारण उन्हें यह प्रॉपर्टी मार्केट रेट से कम किराये पर मिली थी. पुलिस के मुताबिक, निर्माण कार्य चलने की जानकारी होने के बावजूद शुधांशु ने इसकी गंभीरता को नजरअंदाज किया और यह नहीं समझा कि इससे पूरी इमारत का ढांचा प्रभावित हो सकता है.