सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: ठेकेदार बोला- दीवार हटाते ही भरभरा कर गिर गई इमारत, दुकान के लिए बनानी थी जगह

पुलिस का कहना है कि अगस्त 2025 में शुधांशु और शुभम ने हादसे वाली इमारत की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये प्रतिमाह किराये पर ली थीं. इमारत की जर्जर स्थिति के कारण उन्हें यह प्रॉपर्टी मार्केट रेट से कम किराये पर मिली थी.

Satya Niketan Delhi

दीवारें इमारत का भार नहीं सह सकीं. (Photo: ANI)

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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के मामले की जांच में पुलिस ने कंस्ट्रक्शन और किराये से जुड़े पहलुओं को लेकर बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, हादसे के सिलसिले में तीन आरोपियों मकान मालिक महेश गुप्ता, मजदूर ठेकेदार सनोज कुमार और पीजी संचालक शुधांशु लोवनीश को गिरफ्तार किया गया है. तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस हिरासत के दौरान ठेकेदार सनोज कुमार से पूछताछ के दौरान उसने कई बड़े खुलासे किए.

सनोज को मिल रहे थे प्रतिदिन के 2800 रुपये

पुलिस के अनुसार, मजदूर ठेकेदार सनोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया. पूछताछ में उसने बताया कि करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता ने उसे इमारत में मरम्मत और निर्माण संबंधी काम के लिए लगाया था. ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर करने के लिए वहां करीब तीन ट्रक निर्माण सामग्री भरवाई गई थी. इस काम के लिए सनोज को प्रतिदिन 2,800 रुपये दिए जा रहे थे.

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दुकान के लिए बनाई जा रही थी जगह

जांच में सामने आया कि ग्राउंड फ्लोर पर एक दुकान के लिए अतिरिक्त जगह बनाने की कोशिश की जा रही थी. पुलिस के मुताबिक, हादसे वाले दिन दुकान के रास्ते में आ रही एक दीवार को मजदूरों ने हटा दिया. इसके बाद अन्य दीवारें इमारत का भार नहीं सह सकीं और बिल्डिंग भर-भराकर गिर पड़ी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों और भवन की मजबूती का कितना ध्यान रखा गया था.

‘Hostel Daze’ नाम से चल रहा था PG

मामले में गिरफ्तार पीजी संचालक शुधांशु लोवनीश ने पूछताछ में बताया कि उसने 2019 में दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी. पुलिस के मुताबिक, वह 2022 से अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ सत्य निकेतन इलाके में ‘Hostel Daze’ नाम से पीजी चलाता है. फिलहाल दोनों की ओर से आसपास 7 पीजी चलाए जाने की जानकारी मिली है.

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पुलिस का कहना है कि अगस्त 2025 में शुधांशु और शुभम ने हादसे वाली इमारत की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये प्रतिमाह किराये पर ली थीं. इमारत की जर्जर स्थिति के कारण उन्हें यह प्रॉपर्टी मार्केट रेट से कम किराये पर मिली थी. पुलिस के मुताबिक, निर्माण कार्य चलने की जानकारी होने के बावजूद शुधांशु ने इसकी गंभीरता को नजरअंदाज किया और यह नहीं समझा कि इससे पूरी इमारत का ढांचा प्रभावित हो सकता है.

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Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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