सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का ताबड़तोड़ एक्शन, गिराई जाएंगी 27 जर्जर इमारतें; 7 सील तो 37 को नोटिस
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद रेखा गुप्ता सरकार और MCD ताबड़तोड़ एक्शन मोड में है. एमसीडी करीब 27 जर्जर इमारतों को ध्वस्त करने में जुटी है.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Sep 9, 2026 15:42
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Sep 9, 2026 15:42
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दिल्ली में गिराई जाएंगी 27 जर्जर इमारतें
(Photo: PTI)
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दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद रेखा गुप्ता सरकार और MCD ताबड़तोड़ एक्शन मोड में है. एमसीडी करीब 27 जर्जर इमारतों को ध्वस्त करने में जुटी है. सत्य निकेतन के अलावा पांडव नगर, लक्ष्मी नगर, नेहरू विहार और उत्तम नगर जैसे इलाकों में पुरानी बिल्डिंग्स को गिराने का काम जारी है. MCD ने 7 इमारतों को सील कर दिया है, जबकि 37 को नोटिस जारी किया गया है.
#WATCH | MCD crackdown underway at a residential building in Pandav Nagar area of Delhi after Chief Minister Rekha Gupta directed the municipal body to use bulldozers against illegal structures.
#WATCH | Delhi: Action against illegal construction across the capital. MCD initiates structural audits, takes action against a house in Nehru Vihar area pic.twitter.com/cPQtG8vcWf
सत्य निकेतन इमारत हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 5 स्टूडेंट्स थे और 2 मजदूर. इस घटना के बाद से MCD ने अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया. सत्य निकेतन में जो इमारत धराशायी हुई, उसके साथ वाली बिल्डिंग को भी MCD ने असुरक्षित घोषित किया और तुरंत एक्शन लेते हुए उसे गिराना शुरू कर दिया. इस इमारत को एक्सपर्ट्स की देख-रेख में फेज फाइव तरीके से गिराया जा रहा है. सबसे पहले हथौड़े के जरिए खिड़कियां-दरवाजे गिराए जा रहे हैं.
निवासियों ने MCD पर लगाया आरोप
उत्तरी दिल्ली के नेहरू विहार इलाके में एक आवासीय इमारत करीब एक दशक में कई बार झुक चुकी है. स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि खराब सीवर लाइन के कारण ये समस्या पैदा हुई और नगर निकायों ने स्थायी समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया है. क निवासी ने मंगलवार को मीडिया से कहा, ”खराब सीवर लाइन के कारण इमारत झुकने लगी थी. इसे एक बार तोड़कर दोबारा बनाया गया था. लेकिन कुछ ही सालों में फिर वही समस्या दोबारा सामने आ गई.” उन्होंने बताया कि हाल में करीब तीन साल पहले इसका पुनर्निर्माण किया गया था लेकिन इमारत फिर से झुक गयी. निवासी ने आरोप लगाया, ”हम लगातार शिकायत करते रहते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती. इससे पहले किसी भी सरकारी एजेंसी, ना तो दिल्ली जल बोर्ड और ना ही MCD ने सही रखरखाव किया.”