जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच संगठन ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत से पहले ही अपना रुख साफ कर दिया है. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार चाहे किसी भी स्तर पर बातचीत का प्रस्ताव दे, लेकिन उनकी सबसे बड़ी और पहली मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है. इसके बिना कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
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सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
अभिजीत दिपके का यह बयान ऐसे समय आया है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है. दिपके ने वांगचुक के अनशन खत्म करने का स्वागत करते हुए कहा कि देश के लिए उनका जीवन बेहद महत्वपूर्ण है और सभी को राहत मिली है कि उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी. हालांकि दिपके ने ये भी कहा कि सोनम के अनशन खत्म कर देने का ये मतलब नहीं कि CJP का आंदोलन भी खत्म हो गया है. सीजेपी आज भी अपनी मांगों पर पहले की तरह अड़ी हुई है.
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धर्मेंद्र के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
दिपके ने यह भी कहा कि अगर केंद्र सरकार बातचीत करना चाहती है तो बैठक किसी निष्पक्ष स्थान पर होनी चाहिए. अभिजीत दिपके का कहना है कि आंदोलनकारियों और सरकार के बीच वार्ता ऐसे स्थान पर हो, जहां दोनों पक्ष समान स्थिति में हों. उन्होंने दोहराया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं और यही आंदोलन की केंद्रीय मांग बनी रहेगी. उधर, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं सौंपते.
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