पेपर लीक के मुद्दे पर देश की सियासत उबल रही है. छात्रों से लेकर विपक्षी दल तक सड़कों पर हैं और केंद्र सरकार घिरी हुई है. विवाद को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने देररात वीडियो संदेश जारी करके पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा और जुर्माने वाला कानून बनाने का ऐलान किया. PM मोदी ने रात 11.52 बजे अपने X हैंडल पर 2.56 मिनट का वीडियो मैसेज पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि कैबिनेट मीटिंग में चर्चा करके बिल बनाएंगे, जिसे अगले हफ्ते संसद में पेश कर मंजूर कराएंगे.
पेपर लीक के खिलाफ मोदी सरकार की तैयारी
मोदी सरकार की योजना पेपर लीक और नकल के खिलाफ मौजूदा कानून को और सख्त करने का है. केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 में संशोधन का प्रस्ताव दिया है. केंद्र सरकार परीक्षाओं को सेंट्रलाइज्ड करने के लिए UPSC के तर्ज पर कोई स्वायत्त संस्था बनाने पर भी विचार कर सकती है. संधोधित बिल में पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान जोड़ा जा सकता है. फास्ट ट्रैक कोर्ट को पहले से ज्यादा कानूनी अधिकार दिए जाने की भी तैयारी है.
सजा और जुर्माना दोनों बढ़ाए जाने का प्रस्ताव
पेपर लीक के दोषियों के लिए सजा और जुर्माना दोनों बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है. वर्तमान में पेपर लीक के मामलों में दोषी को 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. संशोधन के बाद पेपर लीक में शामिल सर्विस प्रोवाइडर्स पर 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है. संगठित अपराध के मामलों में 5 से 10 साल जेल की सजा और न्यूनतम 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है. केंद्र सरकार का उद्देश्य कानून को इतना सख्त बनाना है कि पेपर लीक और नकल के मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
पेपर लीक के खिलाफ CJP और विपक्ष लामबंद
बता दें कि मई 2026 में नीट पेपर लीक के चलते करीब 15 छात्रों ने सुसाइड किया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों ने सुसाइड के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया. साथ ही CJP ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. गत 28 जून से CJP जंतर-मंतर पर धरनारत है और इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है. वहीं CJP के समर्थन में अब विपक्षी दल, छात्र संगठन, बॉलीवुड और देश की कई जानी-मानी हस्तियां भी आ गई हैं.
संसद मार्च के बाद उग्र-हिंसक हुआ विरोध प्रदर्शन
CJP के विरोध प्रदश्रन के तहत जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांचगुक को दिल्ली पुलिस जबरन उठाकर ले गई. उसके विरोध में पार्टी ने संसद मार्च निकाला, जिसमें पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों का हिंसक टकराव हुआ. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने धरना दिया तो फिर पुलिस के साथ हिंसक टकराव हुआ. अब देशभर में छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज की निंदा हो रही है और इसी विवाद को दबाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने संशोधित बिल का ऐलान किया.
पेपर लीक के मुद्दे पर देश की सियासत उबल रही है. छात्रों से लेकर विपक्षी दल तक सड़कों पर हैं और केंद्र सरकार घिरी हुई है. विवाद को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने देररात वीडियो संदेश जारी करके पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा और जुर्माने वाला कानून बनाने का ऐलान किया. PM मोदी ने रात 11.52 बजे अपने X हैंडल पर 2.56 मिनट का वीडियो मैसेज पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि कैबिनेट मीटिंग में चर्चा करके बिल बनाएंगे, जिसे अगले हफ्ते संसद में पेश कर मंजूर कराएंगे.
पेपर लीक के खिलाफ मोदी सरकार की तैयारी
मोदी सरकार की योजना पेपर लीक और नकल के खिलाफ मौजूदा कानून को और सख्त करने का है. केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 में संशोधन का प्रस्ताव दिया है. केंद्र सरकार परीक्षाओं को सेंट्रलाइज्ड करने के लिए UPSC के तर्ज पर कोई स्वायत्त संस्था बनाने पर भी विचार कर सकती है. संधोधित बिल में पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान जोड़ा जा सकता है. फास्ट ट्रैक कोर्ट को पहले से ज्यादा कानूनी अधिकार दिए जाने की भी तैयारी है.
सजा और जुर्माना दोनों बढ़ाए जाने का प्रस्ताव
पेपर लीक के दोषियों के लिए सजा और जुर्माना दोनों बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है. वर्तमान में पेपर लीक के मामलों में दोषी को 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. संशोधन के बाद पेपर लीक में शामिल सर्विस प्रोवाइडर्स पर 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है. संगठित अपराध के मामलों में 5 से 10 साल जेल की सजा और न्यूनतम 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है. केंद्र सरकार का उद्देश्य कानून को इतना सख्त बनाना है कि पेपर लीक और नकल के मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
पेपर लीक के खिलाफ CJP और विपक्ष लामबंद
बता दें कि मई 2026 में नीट पेपर लीक के चलते करीब 15 छात्रों ने सुसाइड किया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों ने सुसाइड के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया. साथ ही CJP ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. गत 28 जून से CJP जंतर-मंतर पर धरनारत है और इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है. वहीं CJP के समर्थन में अब विपक्षी दल, छात्र संगठन, बॉलीवुड और देश की कई जानी-मानी हस्तियां भी आ गई हैं.
संसद मार्च के बाद उग्र-हिंसक हुआ विरोध प्रदर्शन
CJP के विरोध प्रदश्रन के तहत जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांचगुक को दिल्ली पुलिस जबरन उठाकर ले गई. उसके विरोध में पार्टी ने संसद मार्च निकाला, जिसमें पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों का हिंसक टकराव हुआ. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने धरना दिया तो फिर पुलिस के साथ हिंसक टकराव हुआ. अब देशभर में छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज की निंदा हो रही है और इसी विवाद को दबाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने संशोधित बिल का ऐलान किया.