'अहंकार, कायरता, क्रूरता की हदें पार…', छात्रों के समर्थन में आईं सोनिया गांधी, मोदी सरकार पर साधा निशाना

Sonia Gandhi: सोनिया गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा. संसद मार्च में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अहंकार, कायरता और क्रूरता की हदें पार कर दी हैं.

Sonia Gandhi

सोनिया गांधी ने अपने लेख में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए.

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कांग्रेस संसदीय दल (PPC) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने वर्तमान में चल रहे छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि छात्र पेपर लीक के मामलों पर सरकार से जवाब चाहते हैं और सरकार उनके सवालों का जवाब देने की बजाय अहंकार, कायरता और क्रूरता की हदें पार कर रही है. छात्रों के साथ केंद्र सरकार इस तरह का व्यवहार कर रही है, जैसे वे देश का भविष्य नहीं, बल्कि दुश्मन हों.

लोकतांत्रिक सरकार को हिंसा शोभा नहीं देती

‘द हिंदू’ में प्रकाशित लेख में सोनिया गांधी ने कहा है कि लोकतांत्रिक देश की सरकार को ऐसा व्यवहार शोभा नहीं देता, बल्कि सरकार को तो छात्रों के साथ खड़े होना चाहिए. छात्रों के भविष्य की रक्षा करना सरकार की नैतिक, राजनीतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी बनती है, लेकिन मोदी सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों को राष्ट्रीय शत्रु मानकर उनका दमन कर रही है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले पुलिस विभाग ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ जो ‘क्रूरता’ की, वह इस सरकार के कोई नई घटना नहीं है.

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महिला पहलवानों पर भी हुई थी ऐसी कार्रवाई

सोनिया गांधी ने कहा कि 2020 में CAA-NRC से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों ने यूनिवसिर्टी कैंपस को तहस-नहस कर दिया था. देश की महिला पहलवानों के खिलाफ हुई पुलिस की हिंसक दमनकारी कार्रवाई पूरे देश ने देखी थी. अब 20 जुलाई 2026 का दिन कलंक बन गया. दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करते हुए हिंसा के जरिए प्रदर्शनकारियों को दबाने की कोशिश की और यह दमन-हिंसा भी पूरे देश ने देखी.

पुलिस ने लाठियां बरसाईं, अंधाधुंध छर्रे दागे

सोनिया गांधी ने लेख में कहा कि 20 जुलाई को पुलिस की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए. घर लौट रहे छात्रों को भी नहीं बख्शा गया. पुलिस ने उन पर अंधाधुंध लाठियां बरसाईं. युवाओं के शरीर छर्रों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, शायद पुलिस को उस कार्रवाई की परमिशन खुद अमित शाह ने दी होगी. उस दिन जो मंजर दिखा, उसने हमारी अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया. असहमति को राष्ट्रविरोधी करार देने के पुराने ‘तरीकों’ का इस्तेमाल छात्रों के खिलाफ इतने क्रूर तरीके से किया जा रहा है.

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मोदी सरकार को आत्मनिरीक्षण करने की सलाह

सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाने और साजिश रचने के लिए अपने सभी हथकंडों का भरपूर इस्तेमाल किया है, जबकि मोदी सरकार को अपनी नीतियों पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए था, जिन्होंने छात्रों को सड़कों पर उतरने और विरोध प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया. छात्रों ने मोदी सरकार के धोखे का पर्दाफाश कर दिया है. मोदी सरकार सार्वजनिक शिक्षा से पीछे हटी. स्कूली शिक्षा पर खर्च होने वाले बजट 50% और उच्च शिक्षा पर खर्च होने वाला बजट 33% घटा दिया.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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