सर्दियों के मौसम में हरे मटर बहुत ही ज्यादा खाए जाते हैं, क्योंकि इस मौसम में मटर का स्वाद हर किसी को पसंद आता है. इसलिए इसका इस्तेमाल सब्जी से लेकर पुलाव बनाने के लिए किया जाता है. हालांकि, कुछ लोगों को इसका स्वाद इतना पसंद आता है कि पूरे साल फ्रिज में स्टोर करके रखते हैं, लेकिन आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि मटर का पौधा घर पर आसानी से लगाया जा सकता है. अगर आप भी घर की बालकनी, छत या किचन गार्डन में ताजी मटर उगाना चाहते हैं तो अक्टूबर का महीना इसकी शुरुआत के लिए अच्छा समय हो सकता है. सही मिट्टी, धूप और पानी मिलने पर मटर का पौधा अच्छी तरह से बढ़ता है. बस आपको इसे सही तरह से लगाना आना चाहिए जिसे इस लेख में विस्तार से बताया गया है.
मटर उगाने के लिए कैसी मिट्टी सेलेक्ट करें?
मटर के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी सेलेक्ट करें, जिसमें पानी आसानी से निकल सके. जिसमें बहुत ज्यादा चिपचिपी या पानी रोकने वाली नहीं होनी चाहिए. आप गमले की मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या कंपोस्ट मिला सकते हैं. इससे मिट्टी में पोषक तत्व बढ़ाने में मदद मिलती है और पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है.
मटर का बीज लगाने का तरीका
सबसे पहले गमले या ग्रो बैग में मिट्टी तैयार करें और फिर अच्छी क्वालिटी वाले बीज नर्सरी से खरीदें. उन्हें मिट्टी में लगभग 2-3 सेंटीमीटर गहराई पर लगाएं और बीजों के बीच थोड़ी दूरी रखें, ताकि पौधों को बढ़ने के लिए जगह मिल सके. बीज लगाने के बाद हल्का पानी दें और पौधा बढ़ने का इंतजार करें.
पौधे को कितनी धूप चाहिए?
मटर के पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए धूप की जरूरत होती है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोजाना कई घंटे धूप मिल सके. हालांकि, बहुत तेज गर्मी में पौधे को नुकसान हो सकता है, इसलिए मौसम के हिसाब से जगह देखें और पौधे की जगह बदलते रहें. बस पौधे को बिना धूप के बिल्कुल भी न रखें, इससे पौधे की ग्रोथ रुक सकती है.
क्या इसके पौधे को सहारा देने की होती है जरूरत?
मटर एक बेल वाली फसल है, इसलिए पौधा बढ़ने के साथ उसे सहारे की जरूरत पड़ सकती है. इसके लिए गमले में लकड़ी की पतली डंडी, जाली या रस्सी का सहारा दिया जा सकता है. इससे बेल ऊपर की ओर बढ़ती है और पौधे को संभालना आसान होता है.
कब आने लगती है मटर?
अगर मटर का पौधा अच्छी तरह से लगाया जाए तो पौधा 1 महीने में आसानी से बढ़ सकता है. हालांकि, पौधे की ग्रोथ बीज की किस्म, मौसम और देखभाल के आधार पर मटर के पौधे में फूल और फलियां आने में समय अलग-अलग हो सकती है. पौधे में फूल आने के बाद धीरे-धीरे मटर की फलियां आती हैं जब फलियां अच्छी तरह भर जाएं और हरी हों, तब उन्हें तोड़ा जा सकता है.