Gardening Tips: अक्टूबर के महीने में लगाएं मटर के बीज, सर्दियों में पौधे पर मिलेगी भरपूर फसल  

Matar Ka Paudha: अगर आप घर पर किचन गार्डन बनाने का शौक रखते हैं तो इस महीने मटर का पौधा लगाया जा सकता है. अगर वक्त पर ध्यान दिया जाए या पानी सही मात्रा में डाला जाए तो सर्दियों के मौसम में फ्रेश मटर की फली देखने को मिल सकती है. 

how to grow green peas plant

अगर आप भी घर की बालकनी, छत या किचन गार्डन में ताजी मटर उगाना चाहते हैं तो अक्टूबर का महीना इसकी शुरुआत के लिए अच्छा समय हो सकता है. Image Credit- AI

सर्दियों के मौसम में हरे मटर बहुत ही ज्यादा खाए जाते हैं, क्योंकि इस मौसम में मटर का स्वाद हर किसी को पसंद आता है. इसलिए इसका इस्तेमाल सब्जी से लेकर पुलाव बनाने के लिए किया जाता है. हालांकि, कुछ लोगों को इसका स्वाद इतना पसंद आता है कि पूरे साल फ्रिज में स्टोर करके रखते हैं, लेकिन आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि मटर का पौधा घर पर आसानी से लगाया जा सकता है. अगर आप भी घर की बालकनी, छत या किचन गार्डन में ताजी मटर उगाना चाहते हैं तो अक्टूबर का महीना इसकी शुरुआत के लिए अच्छा समय हो सकता है. सही मिट्टी, धूप और पानी मिलने पर मटर का पौधा अच्छी तरह से बढ़ता है. बस आपको इसे सही तरह से लगाना आना चाहिए जिसे इस लेख में विस्तार से बताया गया है. 

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मटर उगाने के लिए कैसी मिट्टी सेलेक्ट करें?

मटर के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी सेलेक्ट करें, जिसमें पानी आसानी से निकल सके. जिसमें बहुत ज्यादा चिपचिपी या पानी रोकने वाली नहीं होनी चाहिए. आप गमले की मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या कंपोस्ट मिला सकते हैं. इससे मिट्टी में पोषक तत्व बढ़ाने में मदद मिलती है और पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है. 

मटर का बीज लगाने का तरीका

सबसे पहले गमले या ग्रो बैग में मिट्टी तैयार करें और फिर अच्छी क्वालिटी वाले बीज नर्सरी से खरीदें. उन्हें मिट्टी में लगभग 2-3 सेंटीमीटर गहराई पर लगाएं और बीजों के बीच थोड़ी दूरी रखें, ताकि पौधों को बढ़ने के लिए जगह मिल सके. बीज लगाने के बाद हल्का पानी दें और पौधा बढ़ने का इंतजार करें. 

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पौधे को कितनी धूप चाहिए? 

मटर के पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए धूप की जरूरत होती है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोजाना कई घंटे धूप मिल सके. हालांकि, बहुत तेज गर्मी में पौधे को नुकसान हो सकता है, इसलिए मौसम के हिसाब से जगह देखें और पौधे की जगह बदलते रहें. बस पौधे को बिना धूप के बिल्कुल भी न रखें, इससे पौधे की ग्रोथ रुक सकती है. 

क्या इसके पौधे को सहारा देने की होती है जरूरत?

मटर एक बेल वाली फसल है, इसलिए पौधा बढ़ने के साथ उसे सहारे की जरूरत पड़ सकती है. इसके लिए गमले में लकड़ी की पतली डंडी, जाली या रस्सी का सहारा दिया जा सकता है. इससे बेल ऊपर की ओर बढ़ती है और पौधे को संभालना आसान होता है. 

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कब आने लगती है मटर? 

अगर मटर का पौधा अच्छी तरह से लगाया जाए तो पौधा 1 महीने में आसानी से बढ़ सकता है. हालांकि, पौधे की ग्रोथ बीज की किस्म, मौसम और देखभाल के आधार पर मटर के पौधे में फूल और फलियां आने में समय अलग-अलग हो सकती है. पौधे में फूल आने के बाद धीरे-धीरे मटर की फलियां आती हैं जब फलियां अच्छी तरह भर जाएं और हरी हों, तब उन्हें तोड़ा जा सकता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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