Delhi Metro: कालिंदी कुंज, तुगलकाबाद और सरिता विहार को मिलेगा बड़ा फायदा, 3.9 KM का नया मेट्रो कॉरिडोर बदलेगा NCR की रफ्तार
Delhi Metro की गोल्डन लाइन का 3.9 KM लंबा नया कॉरिडोर कालिंदी कुंज, तुगलकाबाद और सरिता विहार की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. जानें 4 नए स्टेशन, 2 इंटरचेंज और 2028 तक पूरे होने वाले इस बड़े प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jun 26, 2026 17:40
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jun 26, 2026 17:40
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दिल्ली मेट्रो का विस्तार. (Image: AI/Pexels)
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खबर की मुख्य बातें:-
दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन का 3.9 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें 4 नए स्टेशन और 2 इंटरचेंज होंगे.
कालिंदी कुंज पर गोल्डन लाइन मैजेंटा लाइन से और तुगलकाबाद पर वॉयलेट लाइन से जुड़ेगी, जिससे सफर और आसान होगा.
इस नए रूट से नोएडा, फरीदाबाद, दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, साथ ही ट्रैफिक और प्रदूषण कम होने की उम्मीद है.
दिल्ली मेट्रो फेज-5A के तहत बन रहा यह कॉरिडोर 2028 के आखिर तक तैयार होने की संभावना है.
दिल्ली और NCR में रहने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. दिल्ली मेट्रो अपने गोल्डन लाइन नेटवर्क का विस्तार करने जा रही है, जिससे राजधानी और आसपास के शहरों के बीच सफर पहले से ज्यादा आसान होगा. नए कॉरिडोर के शुरू होने के बाद नोएडा, फरीदाबाद और दक्षिण दिल्ली के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. खास बात यह है कि यह रूट मैजेंटा और वॉयलेट लाइन को जोड़ते हुए यात्रियों का समय बचाएगा और सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव भी कम करने में मदद करेगा. आइए इस स्टोरी में इस प्रोजेक्ट के बारे में जानते हैं, कि कैसे यह दिल्ली के लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा.
3.9 किलोमीटर लंबे रूट पर बनेंगे 4 स्टेशन, दो जगह मिलेगा इंटरचेंज
इस नए कॉरिडोर की लंबाई करीब 3.9 किलोमीटर होगी. इस मार्ग पर सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर, कालिंदी कुंज और तुगलकाबाद सहित कुल चार स्टेशन बनाए जाएंगे. इनमें तीन स्टेशन एलिवेटेड होंगे, जबकि तुगलकाबाद स्टेशन भूमिगत बनाया जाएगा. कालिंदी कुंज स्टेशन पर यात्रियों को गोल्डन लाइन और मैजेंटा लाइन के बीच इंटरचेंज मिलेगा, वहीं तुगलकाबाद स्टेशन पर गोल्डन लाइन सीधे वॉयलेट लाइन से जुड़ेगी. इससे मेट्रो बदलना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा.
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नोएडा, फरीदाबाद, एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली जाना होगा आसान
इस परियोजना के पूरा होने के बाद दक्षिण और पश्चिम दिल्ली से नोएडा तथा फरीदाबाद तक सफर करने वाले लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा. यह कॉरिडोर यमुना रिवरफ्रंट क्षेत्र के साथ-साथ कई नए रिहायशी और औद्योगिक इलाकों को भी बेहतर मेट्रो सुविधा देगा. इसके अलावा साकेत, छतरपुर और आसपास के क्षेत्रों से यात्रा करने वाले लोग भी आसानी से एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख इलाकों तक पहुंच सकेंगे. ऐसा मानना जा रहा है कि इससे सड़क पर वाहनों की संख्या कम होगी, ट्रैफिक जाम घटेगा और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है.
कब तक तैयार हो जाएगा नया कॉरिडोर
दिल्ली मेट्रो के फेज-5A के तहत तैयार हो रहा यह नया कॉरिडोर वर्ष 2028 के आखिर तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है. इसके साथ ही फेज-5 में कई अन्य महत्वपूर्ण मेट्रो परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है, जिनमें गोल्डन, मैजेंटा और रेड लाइन का विस्तार शामिल है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर का मेट्रो नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा, जिससे लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा करने का विकल्प मिलेगा.
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मुख्य निष्कर्ष:- नया गोल्डन लाइन कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर के मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत बनाएगा. इसके शुरू होने से लाखों यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जबकि सड़क पर ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी.