दिल्ली AIIMS में 12 साल से हार्ट सर्जरी के लिए मिलती रही डेट, इंतजार में 15 साल की बच्ची ने तोड़ा दम; अब जागा प्रशासन

तन्वी के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी लंबे समय तक हार्ट सर्जरी की तारीख का इंतजार करती रही, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका. तन्वी की मौत का मामला तूल पकड़ने के बाद अब AIIMS ने पूरे मामले की समीक्षा के लिए एक जांच कमेटी का गठन किया है.

Tanvi dies at AIIMS

तन्वी लंबे समय तक हार्ट सर्जरी की तारीख का इंतजार करती रही. (Photo: ANI)

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नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में दिल की बीमारी से पीड़ित 15 वर्षीय तन्वी अब हमारे बीच नहीं है. सरकारी अस्पतालों में टेस्ट और सर्जरी के लिए लंबी लाइन और तारीखों का लंबा इतंजार किसी से छिपा नहीं है. दिल की बीमारी के साथ जन्मी तन्वी ने भी करीब 12 साल तक अपनी हार्ट सर्जरी का इंतजार किया, लेकिन कथित तौर पर मासूम बच्ची अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की शिकार हो गई. तन्वी के माता-पिता का आरोप है कि पिछले 12 साल से तन्वी का इलाज दिल्ली के एम्स में चल रहा था, लेकिन सर्जरी के लिए उन्हें तारीख पर तारीख ही दी जा रही थी.

चली गई जान, लेकिन नहीं आई सर्जरी की तारीख

तन्वी के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी लंबे समय तक हार्ट सर्जरी की तारीख का इंतजार करती रही, लेकिन ऑपरेशन नहीं हो सका. वहीं, AIIMS का कहना है कि मामले की जांच के बाद साल 2017 में पाया गया था कि तन्वी की हार्ट समस्या ऐसी नहीं थी कि जिसका सर्जरी की जाके. हालांकि तन्वी की मौत का मामला तूल पकड़ने के बाद अब AIIMS ने पूरे मामले की समीक्षा के लिए एक जांच कमेटी का गठन किया है. बनाई गई कमेटी तन्वी के क्लीनिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट, इलाज और मौत से पहले की घटनाओं की पूरी कड़ी की जांच करेगी.

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पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

अस्पताल ने ये भी कहा कि फिलहाल किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, क्योंकि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी चल रही है. परिजनों ने बताया कि तन्वी पहली बार 10 अक्टूबर 2012 को महज दो साल की उम्र में AIIMS लाई गई थी. जांच में उसे वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD) और पल्मोनरी एट्रेसिया की समस्या पाई गई. यह एक गंभीर जन्मजात दिल की बीमारी है, जिसमें हार्ट से फेफड़ों तक खून पहुंचने का रास्ता बाधित होता है या फिर शरीर में वो रास्ता बनता ही नहीं है.

तन्वी के पिता मुकेश परियारानी का आरोप है कि अस्पताल द्वारा सर्जरी की तारीख बार-बार बदल दी गई, लेकिन ऑपरेशन नहीं हुआ. उनका दावा है कि 2 सितंबर 2015 की तारीख आगे बढ़ाकर 16 नवंबर कर दी गई, लेकिन इसके बाद भी सर्जरी नहीं हो सकी. जल्दी सर्जरी करवाने के लिए परिवार ने एक व्यक्ति को 30 हजार रुपये देने का भी आरोप लगाया है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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