---विज्ञापन---

बिहार के इन 2 जिलों के बीच हाइवे का होगा मेकओवर, मखाना और केला उगाने वाले किसानों को फायदा

Bihar News: बिहार के विकास में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए खगड़िया और पूर्णिया जिले के बीच हाइवे को 4 लेन बनाने को मंजूरी मिल गई है. इससे कई इलाकों का विकास होगा, खासकर मखाना और केला उगाने वाले किसानों को दूसरे जिलों तक व्यापार करना आसान हो जाएगा.

---विज्ञापन---

मुख्य बिंदु

  • NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन को 4-लेन हाईवे में अपग्रेड किया जाएगा.
  • इस प्रोजेक्ट में अनुमानित 3,936.05 करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट होगा.
  • ट्रैवल 3.5–4 घंटे से घटकर लगभग 1.5–2 घंटे होने की उम्मीद है.
  • यह हाईवे बिहार के केला और मखाना किसानों के लिए ट्रांसपोर्टेशन को बेहतर बनाएगा.
  • यह कॉरिडोर 5 PM गति शक्ति इकोनॉमिक नोड्स और 11 लॉजिस्टिक्स हब को जोड़ेगा.

Khagaria Purnea 4-Lane Highway: केंद्र सरकार ने बिहार में NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन को 4-लेन में बदलने की मंजूरी दे दी है. यह एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जिससे ट्रांसपोर्टेशन बेहतर होने, खेती को मजबूती मिलने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है. कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) से मंजूरी मिलने के बाद, इस प्रोजेक्ट को 3,936.05 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से डेवलप किया जाएगा.

---विज्ञापन---

इन किसानों को होगा फायदा

इस हाईवे के अपग्रेड होने से पूर्वी बिहार के किसानों को, खासकर केला और मखाना की खेती करने वालों को, काफी राहत मिलने की उम्मीद है. खगड़िया बड़े पैमाने पर केले के उत्पादन के लिए जाना जाता है, जबकि पूर्णिया भारत के अहम मखाना उत्पादक जिलों में से एक है. तेज ट्रांसपोर्टेशन से जल्दी खराब होने वाली उपज की बर्बादी कम होगी, प्रोडक्ट की क्वालिटी बेहतर होगी और किसान ज्यादा आसानी से बाजारों तक पहुंच सकेंगे.

यह भी पढ़ें- भारत में 8300 करोड़ की लागत से बन रहा है कोस्टल हाइवे, समंदर के नजारे के साथ 100 की स्पीड में कर सकेंगे सफर

---विज्ञापन---

बाढ़ से सुरक्षा की गारंटी

कोसी और गंगा रिवर सिस्टम के कारण आने वाली मौसमी बाढ़ लंबे समय से पूर्वी बिहार में रोड कनेक्टिविटी पर असर पड़ता रहा है. मॉनसून के दौरान ट्रैफिक में रुकावट से अक्सर कृषि उत्पादों की आवाजाही में देरी होती है और स्थानीय निवासियों के लिए यात्रा का समय बढ़ जाता है. नए चार-लेन कॉरिडोर को आधुनिक इंजीनियरिंग सुविधाओं के साथ डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें बेहतर सड़क अलाइनमेंट, मजबूत पेवमेंट स्ट्रक्चर और बाढ़ से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए एडवांस्ड ड्रेनेज सिस्टम शामिल हैं.

यह भी पढ़ें- भारत के विकास में जान फूंक देंगे ये 5 एक्सप्रेसवे, ‘बुलेट की रफ्तार’ से दौड़ा सकेंगे कार!

---विज्ञापन---

सीमांचल तक कनेक्टिविटी में सुधार

इस प्रोजेक्ट से सीमांचल क्षेत्र में भी कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जहां कई सालों से सीमित ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ने आर्थिक विकास को प्रभावित किया है. पूरा होने पर, कॉरिडोर पर अहम जगहों के बीच ट्रैवल टाइम तकरीबन 3.5 से 4 घंटे से घटकर लगभग 1.5 से 2 घंटे होने की उम्मीद है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन तेज और ज्यादा भरोसेमंद हो जाएगा.

इंटर-स्टेट रूट तक पहुंच बढ़ाएगा

बिहार को फायदा पहुंचाने के अलावा, अपग्रेड किया गया हाईवे पश्चिम बंगाल के साथ इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और नेशनल हाईवे नेटवर्क के जरिए झारखंड तक पहुंच को बेहतर बनाएगा. ये शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में संकरी सड़कों, तीखे मोड़ों और भीड़-भाड़ के कारण होने वाली लंबे समय से चली आ रही रुकावटों को भी दूर करेगा.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें- खुल गया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, यूपी में 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में बाइपास बनाने की भी तैयारी

रोजगार के बढ़ेंगे मौके

ये कॉरिडोर टेक्सटाइल क्लस्टर, मेगा फूड पार्क और मछली पालन से जुड़ी सुविधाओं सहित 5 पीएम गति शक्ति इकोनॉमिक नोड्स को जोड़कर क्षेत्रीय विकास को और बढ़ावा देगा. इसके अलावा, रेलवे स्टेशनों, एक एयरपोर्ट, नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे सहित 11 लॉजिस्टिक्स नोड्स को नेटवर्क में शामिल किया जाएगा. बेहतर हाईवे से पूर्वी बिहार में व्यापार, लॉजिस्टिक्स, खेती, रोजगार और समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

---विज्ञापन---

निष्कर्ष

खगड़िया-पूर्णिया 4-लेन हाईवे के पूर्वी बिहार में आर्थिक विकास का मेन फैक्टर्स बनने की उम्मीद है. रोड कनेक्टिविटी में सुधार, ट्रैवल टाइम में कमी और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करके, ये प्रोजेक्ट किसानों, बिजनेसेस और मुसाफिरों सभी को फायदा पहुंचाएगा. लॉजिस्टिक्स हब और पड़ोसी राज्यों से बेहतर नेटवर्क ट्रेड को बढ़ावा देगा, जबकि बाढ़-रोधी निर्माण साल भर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा. एक बार चालू होने के बाद, ये कॉरिडोर कृषि, क्षेत्रीय विकास और रोजगार के मौकों को बढ़ावा देने में अहम रोल अदा करेगा.

Frequently Asked Questions

इस प्रोजेक्ट को 3936.05 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर मंजूरी दी गई है.
इस प्रोजेक्ट में NH-31 और NH-231 का खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन शामिल है.
ये केला, मखाना और दूसरे एग्रिकल्चर प्रोडक्ट्स के तेजी से ट्रांसपोर्टेशन को आसान बनाएगा, जिससे बर्बादी कम होगी और बाजार तक पहुंच बेहतर होगी.
ट्रैवल टाइम तकरीबन 3.5 से 4 घंटे से घटकर लगभग 1.5 से 2 घंटे होने की उम्मीद है.
ये हाईवे इंटर स्टेट कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, लॉजिस्टिक्स को सपोर्ट करेगा, आर्थिक केंद्रों को जोड़ेगा, बाढ़ से निपटने की क्षमता को मजबूत करेगा और पूरे पूर्वी बिहार में क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा.
First published on: Jul 19, 2026 06:43 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola