भारत के विकास में जान फूंक देंगे ये 5 एक्सप्रेसवे, 'बुलेट की रफ्तार' से दौड़ा सकेंगे कार!

India's Top 5 Future Expressways: अगर भारत को आर्थिक विकास की गति बढ़ाने है, तो हर हाल में हाइवे का जाल बिछाना होगा. पिछले कुछ दशकों में देश में ऐसी सड़कें बनी हैं जिनके कारण 2 शहरों का ट्रैवल टाइम काफी कम हो गया है. हालांकि आने वाले सालों में इंडिया में कुछ ऐसे एक्सप्रेसवे पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएंगे, जो हिंदुस्तान की तस्वीर बदलकर रख देंगे.

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आज हम ऐसे 5 एक्सप्रेसवे के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो फिलहाल अंडर कंस्ट्रक्शन हैं, और पूरी तरह चालू नहीं हुए हैं. लेकिन आने वाले वक्त में ये देश के विकास को एक नई रफ्तार देंगे. इन शानदार सड़कों पर 120 की स्पीड से गाड़ी चलाना आम बात होगी.  (AI Image)

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जो तकरीबन 1,350 किलोमीटर लंबा है. दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरने वाला ये एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के बीच ट्रैवल टाइम को करीब 24 घंटे से घटाकर करीब 12 घंटे कर देगा. इसके कई हिस्से पहले से ही चालू हैं, जबकि बाकी हिस्सों में कंस्ट्रक्शन चल रहा है. इस प्रोजेक्ट के 2026 के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है. (AI Image)

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दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे

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दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे एक ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जिसकी टोटल प्लांड लेंथ तकरीबन 600 किलोमीटर है. ये हरियाणा और पंजाब होते हुए दिल्ली को अमृतसर और कटरा से जोड़ेगा, जिससे ट्रैवल टाइम काफी कम हो जाएगा. इसके जरिए दिल्ली से कटरा का सफर में लगभग 6-7 घंटे लगने की उम्मीद है. इसके ज्यादातर हिस्सों का कंस्ट्रक्शन चल रहा है और एक्सप्रेसवे के 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. (AI Image)

रायपुर-वाइजैग एक्सप्रेसवे

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रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे एक प्रपोज्ड 464 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है जो छत्तीसगढ़ में रायपुर को आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर से सफर का वक्त काफी कम होने और मध्य और पूर्वी भारत के बीच बिजनेस, टूरिज्म और माल ढुलाई के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है. ये प्रोजेक्ट अभी डेवलपमेंट स्टेज में है और कंस्ट्रक्शन की प्रोग्रेस और जरूरी मंजूरी मिलने पर इसके 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है. (AI Image)

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इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे

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इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे एक प्रपोज्ड ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर है जिसकी लंबाई तकरीबन 713 किलोमीटर है. य् महाराष्ट्र से होते हुए मध्य प्रदेश में इंदौर को तेलंगाना में हैदराबाद से जोड़ेगा. इस एक्सप्रेसवे से जर्नी टाइम कम होने, माल ढुलाई बेहतर होने और रीजनल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. ये प्रोजेक्ट अभी प्लानिंग और डेवलपमेंट स्टेज में है और इसके 2028-2029 तक पूरा होने की उम्मीद है. (AI Image)

बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे

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बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे 272 किलोमीटर लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है जो आंध्र प्रदेश होते हुए कर्नाटक में बेंगलुरु को तमिलनाडु में चेन्नई से जोड़ता है. पूरी तरह चालू होने पर, इससे दोनों शहरों के बीच ट्रैवल टाइम तकरीबन 6-7 घंटे से घटकर करीब 3-4 घंटे हो जाने की उम्मीद है. इसके कई हिस्से पूरे हो चुके हैं, जबकि बाकी हिस्सों का काम अभी चल रहा है. पूरे एक्सप्रेसवे के 2026 के आखिर तक बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है. (AI Image)

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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