NDA में आ गई दरार! चिराग पासवान ने जीतनराम मांझी और उनके बेटे से मांगा इस्तीफा, लेकिन क्यों?
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चीफ और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मोदी कैबिनेट में अपने सहयोगी और हिंदुस्तान आवामी मोर्चा (HAM) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी और उनके बेटे से इस्तीफा देने को कहा है.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Aug 29, 2026 17:25
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Aug 29, 2026 17:25
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चिराग पासवान ने मांगा जीतनराम मांझी और उनके बेटे का इस्तीफा
(Photo: ANI/X)
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NDA में दलित आरक्षण को लेकर दरार साफ नज़र आ रही है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चीफ और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मोदी कैबिनेट में अपने सहयोगी और हिंदुस्तान आवामी मोर्चा (HAM) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी से इस्तीफा देने को कहा है. सिर्फ इतना ही नहीं, चिराग पासवान ने बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन को भी अपना पद छोड़ने को कहा है. केंद्रीय मंत्री ने शनिवार को कहा कि जीतनराम मांझी दलित रिजर्वेशन में सब-कैटगराइजेशन की बात कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें और उनके बेटे को मंत्रीपद सबसे पहले छोड़ना चाहिए.
शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा- ”अनुसूचित वर्ग की सभी जातियां एक साथ खड़ी हैं, इसीलिए मजबूत हैं. अगर इनकी एकजुटता नहीं रही, तो आरक्षण खत्म हो जाएगा.” उन्होंने कहा- मैंने तब भी आवाज उठाई थी, जब दलित और महादलित का बंटवारा करने की कोशिश की गई थी. हमारी पार्टी दलित आरक्षण में सब-कोटा के फेवर में बिल्कुल भी वहीं है.” चिराग पासवान ने इसे पूरी तरह से संविधान का अपमान करार दिया. उन्होंने कहा-”संविधान में दलितों को बेहद सोच-समझकर आरक्षण दिया गया है, ये समाज और छूआछूत के आधार पर दिया गया है, उसमें कहीं भी आर्थिक स्थिति को आरक्षण का आधार नहीं बताया गया है.”
#WATCH | Patna, Bihar: Union Minister Chirag Paswan says, "The Congress party and its leader—the Leader of the Opposition, Rahul Gandhi—have expressed concern regarding the discrimination Dalits still face today, citing several examples. If the social situation remains unchanged,… pic.twitter.com/93cJ96ZMhg
चिराग पासवान ने केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा, ”अगर वो चाहते हैं कि आरक्षण में सब कैटेगरी होनी चाहिए, तो सबसे पहले वो मंत्री पद छोड़ें और बिहार सरकार में मंत्री उनके बेटे संतोष सुमन भी इस्तीफा सौंपे.” उन्होंने कहा- ”दोनों पिता-पुत्र अगर संविधान बदलना चाहते हैं, तो इस्तीफा देने के बाद आरक्षण के मुद्दे पर सदन में आकर चर्चा करें.” दरअसल, शुक्रवार को संतोष सुमन ने रिजर्वेशन सिस्टम की समीक्षा का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि SC-ST आरक्षण में सब-कैटगराइजेशन लागू हो. जीतनराम मांझी के बेटे ने कहा कि उनका मानना है कि किस समुदाय को आरक्षण का कितना लाभ मिल रहा है, इसका मूल्यांकन होना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि कई जातियां इतनी पिछड़ी हुई हैं, जिन्हें आरक्षण का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है.