Patna Water Metro: बिहार वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, पटना में अगस्त से शुरू हो सकती है गंगा वाटर मेट्रो; जानें रूट, किराया!
बिहार की राजधानी में नई वाटर मेट्रो परिवहन सेवा शुरू होने वाली है, जिसकी मदद से बड़ी संख्या में यात्रियों और खासतौर पर पर्यटकों को फायदा मिलेगा. जानिए कब शुरू होगी पटना में ये नहीं परिवहन सेवा और क्या रहेगा टिकट का किराया?
Written By: Azhar Naim|Updated: Jul 25, 2026 19:02
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jul 25, 2026 19:02
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पटना में जल्द चलेगी वाटर मेट्रो. (Image: AI/Social Media)
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खबर की मुख्य बातें:-
पटना में जल्द ही गंगा नदी पर वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने की तैयारी चल रही है, जिससे लोगों को तेज, आसान और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी.
इस परियोजना का पहला चरण करीब 10.5 किलोमीटर लंबे रूट पर शुरू होने की संभावना है, जो दीघा घाट से कंगन घाट तक जाएगा.
वाटर मेट्रो में आधुनिक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड बोट का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा.
यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा शुरू की जा सकती है.
बिहार की राजधानी पटना में जल्द ही गंगा नदी पर वाटर मेट्रो सेवा आपको चलती दिखेगी. इस सेवा को जल्द से जल्द शुरू करने की दिशा में काम भी तेजी से चल रही है. माना जा रहा है कि इस नई परियोजना के शुरू होने से लोगों को नया और आसान रास्ता मिल जाएगा, जिससे न सिर्फ सड़क पर दबाव कम होगा बल्कि कम समय में कम किराए के साथ परिवहन का भी इस्तेमाल हो सकेगा, जिससे जेब पर भी बोझ कम पड़ेगा. बताया जा रहा है कि जब यह मेट्रो सेवा शुरू होगी, तो एक बारी में 100 लोग बैठकर सफर कर सकेंगे. आइए अब जानते हैं इस परियोजना का काम कहां तक पहुंचा और क्या रहेगा रूट.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नई परियोजना को अगस्त महीने से गंगा नदी में शुरू करने की तैयारी चल रही है, हालांकि अभी कोई अधिकारिक टाइम व तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की देखरेख में शुरू होने वाली है. रिपोर्ट्स बताते हैं कि, पटना वाटर मेट्रो परियोजना को आधुनिक जल परिवहन के मॉडल पर विकसित किया जा रहा है. यह परियोजना कोच्चि वाटर मेट्रो की तर्ज पर तैयार की जा रही है, जिसमें इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड तकनीक से चलने वाली नाव का इस्तेमाल किया जाएगा. इस तकनीक की मदद पर्यावरण पर असर भी नहीं पड़ेगा और घाटों की यात्रा भी हो सकेगी.
क्या रहेगा पटना वाटर मेट्रो का रूट
पटना वाटर मेट्रो के पहले चरण में करीब 10.5 किलोमीटर लंबे रूट पर सेवा शुरू होने की संभावना है. यह रूट दीघा घाट से शुरू होकर कंगन घाट तक जाएगा. इस दौरान कई महत्वपूर्ण घाटों को जोड़ा जाएगा, जिसमें दीघा घाट, एनआईटी घाट, गांधी घाट, गाय घाट, कंगन घाट, हरिहरनाथ मंदिर घाट, पहलेजा घाट और बिदुपुर घाट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं. माना जा रहा है कि दीघा घाट से दानापुर और आसपास के इलाकों के यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है. जबकि एनआईटी घाट और गांधी घाट से छात्रों और कर्मचारियों के लिए काफी सुविधाजनक साबित होगा. वहीं कंगन घाट के जरिए पटना साहिब पहुंचना आसान हो सकेगा. इस नई परिवहन सेवा से न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि पर्यटन का भी बढ़ावा मिलेगा.
ऐप से कर सकेंगे वाटर मेट्रो की टिकट बुक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नई परिवहन सेवा के शुरू होने के बाद इसे लोगों के लिए आसान और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कई कार्य किए जाएंगे. इसमें एक सबसे अच्छी पहल वाटर मेट्रो की टिकट बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाना है. लोगों को लंबी लाइनों में न लगना पड़े और असुविधा न हो, इसके लिए जल्द ही मोबाइल ऐप और वेबसाइट पोर्टल लॉन्च किया जाएगा. इस सुविधा की मदद से यात्री घर बैठे ही यात्रा की टिकट बुक कर सकेंगे. दावा किया जा रहा है कि इस परिवहन सुविधा का फायदा उठाने के लिए लोगों को 50 से 100 रुपये तक खर्च करना होगा. हालांकि, अभी किराए को लेकर कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुआ है.
कितनी खास होगा ये वाटर मेट्रो सेवा
बताया जा रहा है कि इस वाटर मेट्रो को काफी आधुनिक बनाया गया है. इसमें एयर कंडीशनिंग सुविधा होगी, ताकि यात्रियों को गर्मी में राहत मिले. साथ ही, मेट्रो बोट जल्दी चार्ज हो, इसके लिए गांधी घाट पर तेजी से चार्ज करने वाला सुपर चर्जर लगाया जाएगा, जो महज 10-15 मिनट में बोट को चार्ज कर देगा. वहीं, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑटोमेटिक लोकेशन सिस्टम और सीसीटीवी कैमर भी होगा. बोट की लगातार निगरानी रिमोट सिस्टम से की जाएगी. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर वक्त 3 से 4 रेस्क्यू बोट भी तैनात रहेंगी.
मेट्रो और बस सेवा से जुड़ेगी नई परिवहन योजना
पटना वाटर मेट्रो को भविष्य में और विस्तार देने की योजना पर भी काम चल रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले समय में इसके नेटवर्क को शहर के अन्य नदी किनारे वाले क्षेत्रों तक बढ़ाया जा सकता है. इसके अलावा वाटर टर्मिनल को पटना मेट्रो, बस सेवा और ऑटो जैसे स्थानीय परिवहन साधनों से जोड़ने की योजना है, जिससे यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में आसानी होगी.
मुख्य निष्कर्ष:- पटना वाटर मेट्रो बिहार के लिए एक बड़ी परिवहन पहल है, जो गंगा नदी के जरिए लोगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा सुविधा देने का काम करेगी. दीघा घाट से कंगन घाट तक शुरू होने वाली यह सेवा भविष्य में पटना आने वाले लोगों के लिए काफी अच्छी साबित होगी.
पटना में जल्द ही गंगा नदी पर वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने की तैयारी चल रही है, जिससे लोगों को तेज, आसान और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी.
इस परियोजना का पहला चरण करीब 10.5 किलोमीटर लंबे रूट पर शुरू होने की संभावना है, जो दीघा घाट से कंगन घाट तक जाएगा.
वाटर मेट्रो में आधुनिक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड बोट का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा.
यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा शुरू की जा सकती है.
बिहार की राजधानी पटना में जल्द ही गंगा नदी पर वाटर मेट्रो सेवा आपको चलती दिखेगी. इस सेवा को जल्द से जल्द शुरू करने की दिशा में काम भी तेजी से चल रही है. माना जा रहा है कि इस नई परियोजना के शुरू होने से लोगों को नया और आसान रास्ता मिल जाएगा, जिससे न सिर्फ सड़क पर दबाव कम होगा बल्कि कम समय में कम किराए के साथ परिवहन का भी इस्तेमाल हो सकेगा, जिससे जेब पर भी बोझ कम पड़ेगा. बताया जा रहा है कि जब यह मेट्रो सेवा शुरू होगी, तो एक बारी में 100 लोग बैठकर सफर कर सकेंगे. आइए अब जानते हैं इस परियोजना का काम कहां तक पहुंचा और क्या रहेगा रूट.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नई परियोजना को अगस्त महीने से गंगा नदी में शुरू करने की तैयारी चल रही है, हालांकि अभी कोई अधिकारिक टाइम व तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की देखरेख में शुरू होने वाली है. रिपोर्ट्स बताते हैं कि, पटना वाटर मेट्रो परियोजना को आधुनिक जल परिवहन के मॉडल पर विकसित किया जा रहा है. यह परियोजना कोच्चि वाटर मेट्रो की तर्ज पर तैयार की जा रही है, जिसमें इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड तकनीक से चलने वाली नाव का इस्तेमाल किया जाएगा. इस तकनीक की मदद पर्यावरण पर असर भी नहीं पड़ेगा और घाटों की यात्रा भी हो सकेगी.
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क्या रहेगा पटना वाटर मेट्रो का रूट
पटना वाटर मेट्रो के पहले चरण में करीब 10.5 किलोमीटर लंबे रूट पर सेवा शुरू होने की संभावना है. यह रूट दीघा घाट से शुरू होकर कंगन घाट तक जाएगा. इस दौरान कई महत्वपूर्ण घाटों को जोड़ा जाएगा, जिसमें दीघा घाट, एनआईटी घाट, गांधी घाट, गाय घाट, कंगन घाट, हरिहरनाथ मंदिर घाट, पहलेजा घाट और बिदुपुर घाट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं. माना जा रहा है कि दीघा घाट से दानापुर और आसपास के इलाकों के यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है. जबकि एनआईटी घाट और गांधी घाट से छात्रों और कर्मचारियों के लिए काफी सुविधाजनक साबित होगा. वहीं कंगन घाट के जरिए पटना साहिब पहुंचना आसान हो सकेगा. इस नई परिवहन सेवा से न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि पर्यटन का भी बढ़ावा मिलेगा.
ऐप से कर सकेंगे वाटर मेट्रो की टिकट बुक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नई परिवहन सेवा के शुरू होने के बाद इसे लोगों के लिए आसान और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कई कार्य किए जाएंगे. इसमें एक सबसे अच्छी पहल वाटर मेट्रो की टिकट बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाना है. लोगों को लंबी लाइनों में न लगना पड़े और असुविधा न हो, इसके लिए जल्द ही मोबाइल ऐप और वेबसाइट पोर्टल लॉन्च किया जाएगा. इस सुविधा की मदद से यात्री घर बैठे ही यात्रा की टिकट बुक कर सकेंगे. दावा किया जा रहा है कि इस परिवहन सुविधा का फायदा उठाने के लिए लोगों को 50 से 100 रुपये तक खर्च करना होगा. हालांकि, अभी किराए को लेकर कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुआ है.
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कितनी खास होगा ये वाटर मेट्रो सेवा
बताया जा रहा है कि इस वाटर मेट्रो को काफी आधुनिक बनाया गया है. इसमें एयर कंडीशनिंग सुविधा होगी, ताकि यात्रियों को गर्मी में राहत मिले. साथ ही, मेट्रो बोट जल्दी चार्ज हो, इसके लिए गांधी घाट पर तेजी से चार्ज करने वाला सुपर चर्जर लगाया जाएगा, जो महज 10-15 मिनट में बोट को चार्ज कर देगा. वहीं, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑटोमेटिक लोकेशन सिस्टम और सीसीटीवी कैमर भी होगा. बोट की लगातार निगरानी रिमोट सिस्टम से की जाएगी. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर वक्त 3 से 4 रेस्क्यू बोट भी तैनात रहेंगी.
मेट्रो और बस सेवा से जुड़ेगी नई परिवहन योजना
पटना वाटर मेट्रो को भविष्य में और विस्तार देने की योजना पर भी काम चल रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले समय में इसके नेटवर्क को शहर के अन्य नदी किनारे वाले क्षेत्रों तक बढ़ाया जा सकता है. इसके अलावा वाटर टर्मिनल को पटना मेट्रो, बस सेवा और ऑटो जैसे स्थानीय परिवहन साधनों से जोड़ने की योजना है, जिससे यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में आसानी होगी.
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मुख्य निष्कर्ष:- पटना वाटर मेट्रो बिहार के लिए एक बड़ी परिवहन पहल है, जो गंगा नदी के जरिए लोगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा सुविधा देने का काम करेगी. दीघा घाट से कंगन घाट तक शुरू होने वाली यह सेवा भविष्य में पटना आने वाले लोगों के लिए काफी अच्छी साबित होगी.
पटना वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी तेजी से चल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे अगस्त 2026 से शुरू करने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है.
पटना वाटर मेट्रो का शुरुआती रूट करीब 10.5 किलोमीटर लंबा होगा. यह सेवा गंगा नदी में दीघा घाट से कंगन घाट तक चलेगी, इस दौरान कई प्रमुख घाटों को जोड़ा जाएगा.
इस आधुनिक वाटर मेट्रो में एक बार में करीब 100 यात्रियों के बैठने की क्षमता होने की उम्मीद है. यात्रियों को आरामदायक सफर देने के लिए इसमें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
अभी तक वाटर मेट्रो के किराए की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार, अनुमान लगाया जा रहा है कि टिकट की कीमत करीब 50 से 100 रुपये के बीच हो सकती है.