पारदर्शिता और स्वच्छता की दिशा में बड़ा कदम, बिहार सरकार ने शुरू किया ये खास पोर्टल

बिहार में सामान्य प्रशासन विभाग ने ‘स्वच्छ बिहार’ पोर्टल शुरू किया है। राज्य के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने इसे लॉन्च किया। इसे स्वच्छता और पारदर्शिता की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। इस दौरान डीएआरपीजी की संयुक्त सचिव समेत कई सीनियर अफसर भी मौजूद रहे। विस्तार से मामले के बारे में जान लेते हैं।

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बिहार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), भारत सरकार की तकनीकी सहायता से विकसित ‘स्वच्छ बिहार पोर्टल’ का शुभांरभ किया। इस पोर्टल को राज्य के सभी प्रशासनिक कार्यालयों में स्वच्छता मानकों की निगरानी, मूल्यांकन और पारदर्शी रिपोर्टिंग के उद्देश्य से विकसित किया गया है। पुराना सचिवालय स्थित सभा कक्ष में मंगलवार को इसे लेकर सभी जिलों के डीएम और प्रमंडलीय आयुक्त से लेकर संबंधित विभागों के सीनियर अधिकारी भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए थे।

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केंद्रीय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) की संयुक्त सचिव सरिता चौहान भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ी थीं। ‘स्वच्छ बिहार पोर्टल’ की शुरुआत बिहार सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जो डिजिटल तकनीक के माध्यम से एक साफ, जवाबदेह और पारदर्शी प्रशासन की नींव रखती है। ‘स्वच्छ बिहार’ पोर्टल की लॉन्चिंग के मौके पर बिहार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि एनआईसी के सहयोग से इस पोर्टल को विकसित किया गया है। इसमें सिर्फ स्वच्छता ही नहीं है, बल्कि गवर्नेंस पर भी जोर दिया गया है।

19 बिंदुओं पर होगी समीक्षा

इसमें स्क्रैप डिस्पोजल की भी मॉनिटरिंग होगी। साथ ही 19 बिंदुओं पर उनके कार्यों की समीक्षा की जाएगी और फिर प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग की जाएगी। विभागों या जिलों में मौजूद पुराने स्क्रैप से लेकर उनकी स्थापना से जुड़े रखरखाव को मानकों के आधार पर परखा जाएगा। उन्होंने सभी विभागों में इस पोर्टल के रखरखाव के लिए एक-एक नोडल ऑफिसर तैनात करने के आदेश भी जारी किए। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों के साथ-साथ जिलाधिकारी और प्रमंडलीय आयुक्तों से कहा कि जिन्होंने नोडल ऑफिसर अब तक नियुक्त नहीं किए हैं, वे तुरंत इसकी तैनाती करें। साथ ही इसको लेकर वीकली रिव्यू मीटिंग करें।

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उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि वर्ष 2026 में होने वाले सिविल सर्विस-डे के दौरान 3 बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिला कार्यालयों, तीन प्रमंडल कार्यालयों और तीन विभागों को सम्मानित करें। इसके माध्यम से बेहतर मॉनिटरिंग विकसित कर ओवरऑल गवर्नेंस को और सुधारने का प्रयास करें। इस पोर्टल का क्रियान्वयन भारत सरकार के स्तर पर कई वर्षों से सफलतापूर्वक किया जा रहा है। मौके पर उन्होंने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) की संयुक्त सचिव सरिता चौहान के साथ-साथ सभी वरीय अधिकारियों को धन्यवाद दिया। सामान्य प्रशासन विभाग की इस पहल का उद्देश्य कार्यालयों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

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अपलोड करनी होगी स्वच्छता रिपोर्ट

इसके माध्यम से जिला से लेकर राज्य स्तर के महकमों तक की साफ-सफाई से लेकर फाइलों के समुचित तरीके से निपटारे का भी लेखा-जोखा रखा जाएगा। यह पोर्टल अधिकारियों को नियमित स्वच्छता रिपोर्ट अपलोड करने, निरीक्षण करने और जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाने का मंच प्रदान करेगा। अब तक 23 विभागों, 13 जिलों और 6 प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालयों के स्तर से नोडल पदाधिकारियों की सूचना उपलब्ध कराई गई है। मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मोहम्मद सोहेल, विशेष सचिव रचना पाटिल भी मौजूद थे।

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