Bihar Sugar Industry: पटना स्थित विकास भवन में हाल में ही उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में गन्ना भुगतान की स्थिति, सर्वेक्षण, चीनी मिलों के विकास और प्रमुख विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने सभी चीनी मिलों को चेतावनी दी कि किसान भुगतान में किसी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब तक 99.8 प्रतिशत गन्ना भुगतान किया जा चुका है। मंत्री ने मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यंत्रीकरण योजना और बिहार गुड़ प्रोत्साहन योजना को तेजी से लागू करने का निर्देश दिया। मंत्री ने अगले साल तक 9 इथेनॉल फैक्ट्रियां खोलने की बात कही। बैठक में गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा, संयुक्त गन्ना आयुक्त जेपीएन सिंह तथा बिहार और उत्तर प्रदेश की चालू चीनी मिलों के महाप्रबंधकों और कार्यालय प्रमुखों सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शोध और बीज उत्पादन में क्रांति
राज्य में ऊंची उत्पादकता वाले बीज तैयार किए जा रहे हैं, जिससे गन्ना उत्पादन में तेजी आएगी और किसानों को लाभ मिलेगा। टिशू कल्चर से गन्ने के उन्नत बीज उत्पादित किए जाएंगे। इसके साथ ही गुड़ उत्पादन को भी सहायता मिल रही है। बिहार अब इथेनॉल उत्पादन में भी अव्वल साबित हो रहा है। बिहार में वर्ष 2026 तक 9 इथेनॉल फैक्ट्रियां खुलने जा रही हैं।
बिहार में यहां होता है सबसे ज्यादा गन्ना
बिहार राज्य का पश्चिमी चंपारण जिला गन्ने के उत्पादन में सबसे आगे है। इसके अलावा पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, सिवान और समस्तीपुर जिलों में भी गन्ने का उत्पादन अधिक होता है। इन जिलों को मिलाकर पूरे राज्य के वार्षिक गन्ना उत्पादन का लगभग 60% हिस्सा होता है।