“मेरी मां मेयर है, मैं कुछ भी कर सकता हूं!” यह कथित दावा अब पटना नगर निगम की बैठकों में हंगामा करने वाले मेयर सीता साहू के पुत्र शिशिर कुमार की पहचान बनता जा रहा है। दरअसल, नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोपों के बाद शिशिर कुमार के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। 11 जुलाई को पटना के एक होटल में आयोजित सशक्त स्थायी समिति की बैठक में तीन प्रस्तावों को लेकर पार्षदों के दो गुटों में टकराव हो गया।
एक ओर नगर आयुक्त अनिमेष पाराशर, तो दूसरी ओर मेयर सीता साहू और उनके समर्थक थे। यह विवाद इतना बढ़ गया कि कमिश्नर बैठक बीच में छोड़कर चले गए। इसके बाद शिशिर कुमार की पार्षदों से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज शुरू हो गई। पूर्व डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू और शिशिर के बीच तीखी बहस और अपशब्दों का वीडियो भी सामने आया है।
पुलिस कार्रवाई और विरोध
इस घटना के बाद गांधी मैदान थाना में एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर के बाद बीती रात से रविवार सुबह तक पटना पुलिस ने शिशिर कुमार की गिरफ्तारी के लिए पटना सिटी स्थित उनके आवास पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को मेयर और उनके समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि शिशिर और मेयर सीता साहू मौके पर नहीं मिले।
कमिश्नर ने की निषेधाज्ञा की मांग
पटना नगर निगम के आयुक्त अनिमेष पाराशर ने जिलाधिकारी को पत्र लिख कर मांग की है कि मेयर पुत्र के निगम कार्यालय, बैठकों और कार्यक्रमों में प्रवेश पर निषेधाज्ञा लगाई जाए। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया है कि शिशिर निजी अंगरक्षकों (बाउंसर) और हथियारों के साथ बैठकों में पहुंचते हैं, जिससे कार्यालय का वातावरण भयभीत रहता है।
शिशिर कुमार पर पहले भी कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं-
- गांधी मैदान थाना कांड सं. 232/23- मारपीट
- आलमगंज थाना कांड सं. 511/24- हत्या
- कोतवाली थाना कांड सं. 207/25- नगर उप आयुक्त से मारपीट और गाली-गलौज
- इसके साथ ही महिलाओं से छेड़खानी, धमकी और भू-माफिया कनेक्शन के आरोप
पूर्व डिप्टी मेयर का समर्थन
पूर्व डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने प्रशासनिक कार्रवाई को सही और जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि निगम की गरिमा को बनाए रखने के लिए ऐसे तत्वों पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। इसी बीच शिशिर कुमार ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह सब मेरे और मेरी मां के खिलाफ साजिश है। उनका आरोप है कि निगम कमिश्नर और कुछ पार्षद मेयर सीता साहू को हटाना चाहते हैं। इसलिए उन्हें बदनाम किया जा रहा है।