Benipatti Election Result 2025 LIVE: दूसरी बार विधायक बने बीजेपी के विनोद नारायण झा, 87153 वोटों से जीते
Benipatti Election Result 2025 LIVE: बेनीपट्टी विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबल बीजेपी बनाम महागठबंधन का था. यहां से बीजेपी के उम्मीदवार विनोद नारायण झा को जीत मिली है. विनोद नारायण 2020 में भी विधायक बने थे.
Benipatti Election Result 2025: बिहार में बेनीपट्टी विधानसभा सीट पर इस बार बीजेपी और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला था. इसमें बीजेपी उम्मीदवार विनोद नारायण झा ने शानदार जीत दर्ज की है. उन्हें कुल 87,153 वोट मिले और 23,932 वोटों के बड़े अंतर से उन्होंने प्रतिद्वंदियों को पछाड़ दिया. विनोद नारायण झा 2020 में भी जीत चुके थे, और 2025 की यह जीत उनकी मजबूत जनसमर्थन का संकेत है.
जैसा कि साफ है कि बिहार की राजनीति में इस बार तीन प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला है. एनडीए, जिसमें बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (रामविलास), हम समेत कुल 6 दल शामिल हैं. यहां से NDA के बीजेपी उम्मीदवार विनोद नारायण झा हैं. महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, सीपीआई समेत कई दल शामिल हैं. यहां मुकाबला विनोद नारायण बनाम नलिनी रंजन झा के बीच है. नलिनी रंजन झा यहां से महागठबंधन से कांग्रेस उम्मीदवार हैं.
2020 में किसे कितने वोट मिले?
प्रत्याशी
पार्टी
वोट
विनोद नारायण झा
बीजेपी
78,862
भावना झा
कांग्रेस
46,210
2015 में किसे कितने वोट मिले?
प्रत्याशी
पार्टी
वोट
भावना झा
कांग्रेस
55,978
विनोद नारायण झा
बीजेपी
51,244
2020 और 2015 के चुनावी आंकड़े
2020 के विधानसभा चुनाव में बेनीपट्टी सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी विनोद नारायण झा ने 78,723 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. वहीं, कांग्रेस की प्रत्याशी भावना झा को 45,819 वोट मिले थे. राजद उम्मीदवार राजेश कुमार यादव को यहां से 9,525 वोट मिले थे. साल 2015 के विधानसभा चुनाव में विनोद नारायण झा जेडीयू से चुनाव लड़े थे उस वक्त उन्हें कांग्रेस की प्रत्याशी भावना झा से हार का सामना करना पड़ा था. मगर उस वर्ष जीत का अंतर मात्र 3% का ही था.
बेनीपट्टी सीट पर कैसा था चुनावी माहौल?
इस बार राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने भी इस सीट पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है. इस क्षेत्र में महंगाई, बेरोजगारी, और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे काफी सक्रिय रहे हैं. बेनीपट्टी सीट मिथिला क्षेत्र का राजनीतिक रूप से प्रभावशाली इलाका माना जाता है. यहां महिला मतदाताओं की भागीदारी भी काफी अधिक रहती है. जातीय समीकरणों की बात करें तो ब्राह्मण, यादव और दलित समुदाय निर्णायक भूमिका निभाते हैं.