वॉशिंगटन सुंदर के साथ हो रही है ‘नाइंसाफी’? टीम में भूमिका को लेकर अश्विन ने उठाए सवाल
Washington Sundar: आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में वॉशिंगटन सुंदर ना गेंद और ना ही बल्ले से कुछ खास कमाल कर पाए. मैच के बाद वॉशिंगटन की टीम में भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच अश्विन ने सुंदर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.
R Ashwin on Washington Sundar: आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारत की करारी हार के बाद एक बार फिर वॉशिंगटन सुंदर की भूमिका को लेकर बहस शुरू हो गई है. सवाल यह है कि आखिर टीम मैनेजमेंट उन्हें किस रूप में देखता है? एक ऐसे बल्लेबाज के तौर पर जो जरूरत पड़ने पर ऑफ स्पिन कर सकते हैं या फिर एक स्पेलिस्ट स्पिनर के रूप में जो बल्लेबाजी में भी योगदान देने की क्षमता रखता है.
बेलफास्ट में खेले गए मुकाबले में सुंदर को सिर्फ एक ओवर गेंदबाजी का मौका मिला, जिसमें उन्होंने 19 रन लुटा दिए. इसके बाद वह बल्लेबाजी में भी कुछ खास नहीं सके और 12 गेंदों पर सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि, यह सिर्फ एक मैच की बात नहीं है. पिछले कुछ समय से टीम में उनके इस्तेमाल का तरीका लगातार सवालों के घेरे में रहा है. इसी बीच पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सुंदर की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं.
अश्विन ने वॉशिंगटन सुंदर की भूमिका को लेकर उठाए सवाल
आंकड़ों पर नजर डालें तो वॉशिंगटन सुंदर ने अब तक भारत के लिए खेले खेले 61 टी20 इंटरनेशनल मैचों में कुल 1049 वैध गेंदें फेंकी हैं, यानी औसतन प्रति मैच करीब 17 गेंदें. इसका मतलब यह है कि ज्यादातर मुकाबलों में उन्हें अपना पूरा चार ओवर का स्पेल भी पूरा करने का मौका नहीं मिला. पिछले 12 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उनकी भूमिका और भी अस्थिर रही है. कभी उन्हें सिर्फ एक ओवर दिया गया, कभी दो, जबकि इन 12 मुकाबलों में सिर्फ दो बार ही उन्होंने अपना पूरा चार ओवर का कोटा फेंका.
ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर आर अश्विन ने अपने यूट्यूब शो 'ऐश की बात' में वॉशिंगटन सुंदर की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. अश्विन ने कहा, "वॉशिंगटन को लगातार टीम में मौके मिल रहे हैं, लेकिन उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं है. कभी उन्हें एक ओवर मिलता है, कभी बिल्कुल नहीं. अगर आपको याद हो तो टी20 वर्ल्ड कप में उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर कर वॉशिंगटन को मौका दिया गया था, जो टीम मैनेजमेंट के भरोसे को दर्शाता है."
अश्विन का मानना है कि वॉशिंगटन सुंदर को फिनिशर की भूमिका में इस्तेमाल करना सही रणनीति नहीं है. उन्होंने कहा, "वॉशिंगटन को फिनिशर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि वह उस भूमिका के खिलाड़ी नहीं हैं. उन्हें अगर लंबे समय तक टीम में रखना है तो उन्हें अक्षर पटेल की तरह स्पष्ट भूमिका दी जानी चाहिए, जैसा कि कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा के समय अक्षर का फ्लोटर के रूप में किया जाता था. वॉशिंगटन को भी स्पष्ट भूमिका और पूरा चार ओवर का कोटा मिलना चाहिए. उन्हें अगर यह मौका नहीं दिया जाता, तो वह एक भरोसेमंद हरफनमौला के रूप में कैसे उभरेंगे."
वॉशिंगटन सुंदर ने 2017 में भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. सुंदर ने भारत के लिए अब तक 61 टी20I मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने 7.05 के इकोनॉमी रेट से 51 विकेट हासिल किए हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच में 1.2 ओवर में 3 रन देकर तीन विकेट लिए थे, जो उनका सर्वश्रेष्ठ टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजी प्रदर्शन है. वहीं, बल्लेबाजी में उन्होंने 16.11 की औसत और 129.24 के स्ट्राइक रेट से 274 रन बनाए हैं. उनके नाम टी20I में एक अर्धशतक दर्ज है.
R Ashwin on Washington Sundar: आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारत की करारी हार के बाद एक बार फिर वॉशिंगटन सुंदर की भूमिका को लेकर बहस शुरू हो गई है. सवाल यह है कि आखिर टीम मैनेजमेंट उन्हें किस रूप में देखता है? एक ऐसे बल्लेबाज के तौर पर जो जरूरत पड़ने पर ऑफ स्पिन कर सकते हैं या फिर एक स्पेलिस्ट स्पिनर के रूप में जो बल्लेबाजी में भी योगदान देने की क्षमता रखता है.
बेलफास्ट में खेले गए मुकाबले में सुंदर को सिर्फ एक ओवर गेंदबाजी का मौका मिला, जिसमें उन्होंने 19 रन लुटा दिए. इसके बाद वह बल्लेबाजी में भी कुछ खास नहीं सके और 12 गेंदों पर सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि, यह सिर्फ एक मैच की बात नहीं है. पिछले कुछ समय से टीम में उनके इस्तेमाल का तरीका लगातार सवालों के घेरे में रहा है. इसी बीच पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सुंदर की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं.
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अश्विन ने वॉशिंगटन सुंदर की भूमिका को लेकर उठाए सवाल
आंकड़ों पर नजर डालें तो वॉशिंगटन सुंदर ने अब तक भारत के लिए खेले खेले 61 टी20 इंटरनेशनल मैचों में कुल 1049 वैध गेंदें फेंकी हैं, यानी औसतन प्रति मैच करीब 17 गेंदें. इसका मतलब यह है कि ज्यादातर मुकाबलों में उन्हें अपना पूरा चार ओवर का स्पेल भी पूरा करने का मौका नहीं मिला. पिछले 12 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उनकी भूमिका और भी अस्थिर रही है. कभी उन्हें सिर्फ एक ओवर दिया गया, कभी दो, जबकि इन 12 मुकाबलों में सिर्फ दो बार ही उन्होंने अपना पूरा चार ओवर का कोटा फेंका.
ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर आर अश्विन ने अपने यूट्यूब शो ‘ऐश की बात’ में वॉशिंगटन सुंदर की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. अश्विन ने कहा, “वॉशिंगटन को लगातार टीम में मौके मिल रहे हैं, लेकिन उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं है. कभी उन्हें एक ओवर मिलता है, कभी बिल्कुल नहीं. अगर आपको याद हो तो टी20 वर्ल्ड कप में उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर कर वॉशिंगटन को मौका दिया गया था, जो टीम मैनेजमेंट के भरोसे को दर्शाता है.”
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🚨 RAVI ASHWIN ON WASHINGTON SUNDAR ROLL CLARITY IN TEAM INDIA 🚨
Ravi Ashwin Said 🗣️:
"Ever since the new management took over and the team came under Gautam Gambhir, Washington Sundar has consistently been backed. But simply backing a player isn't enough you also have to give… pic.twitter.com/kcKreOGcNP
अश्विन का मानना है कि वॉशिंगटन सुंदर को फिनिशर की भूमिका में इस्तेमाल करना सही रणनीति नहीं है. उन्होंने कहा, “वॉशिंगटन को फिनिशर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि वह उस भूमिका के खिलाड़ी नहीं हैं. उन्हें अगर लंबे समय तक टीम में रखना है तो उन्हें अक्षर पटेल की तरह स्पष्ट भूमिका दी जानी चाहिए, जैसा कि कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा के समय अक्षर का फ्लोटर के रूप में किया जाता था. वॉशिंगटन को भी स्पष्ट भूमिका और पूरा चार ओवर का कोटा मिलना चाहिए. उन्हें अगर यह मौका नहीं दिया जाता, तो वह एक भरोसेमंद हरफनमौला के रूप में कैसे उभरेंगे.”
वॉशिंगटन सुंदर ने 2017 में भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. सुंदर ने भारत के लिए अब तक 61 टी20I मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने 7.05 के इकोनॉमी रेट से 51 विकेट हासिल किए हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच में 1.2 ओवर में 3 रन देकर तीन विकेट लिए थे, जो उनका सर्वश्रेष्ठ टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजी प्रदर्शन है. वहीं, बल्लेबाजी में उन्होंने 16.11 की औसत और 129.24 के स्ट्राइक रेट से 274 रन बनाए हैं. उनके नाम टी20I में एक अर्धशतक दर्ज है.
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Sanjeet
संजीत कुमार News24 में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU), वाराणसी से जर्नलिज्म में परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2022 में Prabhat Khabar, रांची से पत्रकारिता का सफर शुरू किया. फिर SportzWiki में लगभग डेढ़ साल काम करने के बाद News24 में पहुंचे हैं. क्रिकेट खेलना और देखना काफी पसंद है. मूलत: ज्ञान और मोक्ष की भूमि, गया (बिहार) के रहने वाले हैं और पिछले 4 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं.