Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में 7 तीव्रता के दो भूकंप आने की क्या है असली वजह, आखिर पृथ्वी के भीतर क्या चल रहा है? वैज्ञानिकों ने दिए चौंकाने वाले जवाब
Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में लगातार दो शक्तिशाली भूकंप क्यों आए? क्या टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल इसकी वजह है? क्या यह किसी बड़े भूगर्भीय बदलाव का संकेत माना जा रहा है? आइये इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण जानते हैं.
Venezuela Earthquake: वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित देश के कई इलाकों में बुधवार शाम को लगातार दो बहुत ही शक्तिशाली भूकंप आए, जिससे कई इमारतें ढह गईं. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक पहला झटका 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र कैरेबियन तट पर स्थित मोरॉन समुदाय के पश्चिम में था. यह जगह काराकास से करीब 168 किलोमीटर दूर है और इसकी गहराई 13 किलोमीटर थी. इसके ठीक कुछ मिनट बाद दूसरा और भी बड़ा 7.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई केवल 10 किलोमीटर थी. इन बैक-टू-बैक झटकों से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई, लोग घरों से बाहर भागने लगे और चारों तरफ धूल के गुबार उठते दिखे.
क्या है इस महाभूकंप की असली साइंटिफिक वजह?
वैज्ञानिकों के अनुसार इस भयानक भूकंप के पीछे पृथ्वी के नीचे मौजूद टेक्टॉनिक प्लेट्स की हलचल है. वेनेजुएला असल में कैरेबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट की सीमा पर बसा हुआ है. यहां कैरेबियन प्लेट, साउथ अमेरिकन प्लेट के मुकाबले पूर्व दिशा में हर साल लगभग 20 मिलीमीटर की गति से खिसक रही है. यह पूरा इलाका एक ट्रांसफॉर्म बाउंड्री है, जहां सैन सेबेस्टियन और एल पिलार फॉल्ट सिस्टम मौजूद हैं. जब ये प्लेट्स आपस में फंस जाती हैं, तो वहां भारी दबाव और तनाव बनता है. इसके बाद जब ये अचानक फिसलती हैं, तो भूकंप के रूप में बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा बाहर निकलती है.
इस बार आए दोनों भूकंप बेहद उथले थे, यानी जमीन के अंदर इनकी गहराई सिर्फ 10 से 13 किलोमीटर थी. उथले केंद्र वाले भूकंप जमीन की सतह पर बहुत ज्यादा तेज कंपन पैदा करते हैं, जिससे तबाही का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. भू-विज्ञान की भाषा में इसे 'डबलेट इवेंट' कहा जाता है, जहां एक बड़े झटके के तुरंत बाद दूसरा बड़ा झटका आता है. यह पूरा क्षेत्र सदियों से भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहा है. इससे पहले साल 1812 और 1900 में भी काराकास के पास 7 से अधिक तीव्रता के विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, क्योंकि इस प्लेट बाउंड्री का एक बड़ा हिस्सा ब्लॉक है और वहां लगातार प्रेशर जमा हो रहा है.
सुनामी की चेतावनी क्यों किया रद्द?
भूकंप का केंद्र समुद्र तट के पास होने की वजह से अमेरिकी पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स के लिए तुरंत सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया था. आमतौर पर समुद्र के नीचे आने वाले 7 से अधिक तीव्रता के उथले भूकंप पानी में ऊंची लहरें पैदा कर सकते हैं. हालांकि, बाद में इस अलर्ट को रद्द कर दिया गया क्योंकि समुद्र तल में कोई बड़ा खतरनाक बदलाव नहीं देखा गया. आंतरिक मंत्री डियोस्डाडो काबेलो ने प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू टीमों को एक्टिव कर दिया है. उन्होंने नागरिकों से आफ्टरशॉक्स से सावधान रहने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है.
Venezuela Earthquake: वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित देश के कई इलाकों में बुधवार शाम को लगातार दो बहुत ही शक्तिशाली भूकंप आए, जिससे कई इमारतें ढह गईं. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक पहला झटका 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र कैरेबियन तट पर स्थित मोरॉन समुदाय के पश्चिम में था. यह जगह काराकास से करीब 168 किलोमीटर दूर है और इसकी गहराई 13 किलोमीटर थी. इसके ठीक कुछ मिनट बाद दूसरा और भी बड़ा 7.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई केवल 10 किलोमीटर थी. इन बैक-टू-बैक झटकों से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई, लोग घरों से बाहर भागने लगे और चारों तरफ धूल के गुबार उठते दिखे.
क्या है इस महाभूकंप की असली साइंटिफिक वजह?
वैज्ञानिकों के अनुसार इस भयानक भूकंप के पीछे पृथ्वी के नीचे मौजूद टेक्टॉनिक प्लेट्स की हलचल है. वेनेजुएला असल में कैरेबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट की सीमा पर बसा हुआ है. यहां कैरेबियन प्लेट, साउथ अमेरिकन प्लेट के मुकाबले पूर्व दिशा में हर साल लगभग 20 मिलीमीटर की गति से खिसक रही है. यह पूरा इलाका एक ट्रांसफॉर्म बाउंड्री है, जहां सैन सेबेस्टियन और एल पिलार फॉल्ट सिस्टम मौजूद हैं. जब ये प्लेट्स आपस में फंस जाती हैं, तो वहां भारी दबाव और तनाव बनता है. इसके बाद जब ये अचानक फिसलती हैं, तो भूकंप के रूप में बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा बाहर निकलती है.
इस बार आए दोनों भूकंप बेहद उथले थे, यानी जमीन के अंदर इनकी गहराई सिर्फ 10 से 13 किलोमीटर थी. उथले केंद्र वाले भूकंप जमीन की सतह पर बहुत ज्यादा तेज कंपन पैदा करते हैं, जिससे तबाही का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. भू-विज्ञान की भाषा में इसे ‘डबलेट इवेंट’ कहा जाता है, जहां एक बड़े झटके के तुरंत बाद दूसरा बड़ा झटका आता है. यह पूरा क्षेत्र सदियों से भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहा है. इससे पहले साल 1812 और 1900 में भी काराकास के पास 7 से अधिक तीव्रता के विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, क्योंकि इस प्लेट बाउंड्री का एक बड़ा हिस्सा ब्लॉक है और वहां लगातार प्रेशर जमा हो रहा है.
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सुनामी की चेतावनी क्यों किया रद्द?
भूकंप का केंद्र समुद्र तट के पास होने की वजह से अमेरिकी पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स के लिए तुरंत सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया था. आमतौर पर समुद्र के नीचे आने वाले 7 से अधिक तीव्रता के उथले भूकंप पानी में ऊंची लहरें पैदा कर सकते हैं. हालांकि, बाद में इस अलर्ट को रद्द कर दिया गया क्योंकि समुद्र तल में कोई बड़ा खतरनाक बदलाव नहीं देखा गया. आंतरिक मंत्री डियोस्डाडो काबेलो ने प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू टीमों को एक्टिव कर दिया है. उन्होंने नागरिकों से आफ्टरशॉक्स से सावधान रहने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है.
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