हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

2025 में रिकॉर्ड होगा अब तक का सबसे छोटा दिन! जानिए क्यों पृथ्वी के घूमने की रफ्तार में आया बदलाव

Earth Rotation Speed Increases: वैज्ञानिकों ने पाया है कि धरती इस साल अपनी रोटेशन की गति में बदलाव देख सकती है। तकरीबन 4.5 साल बाद पृथ्वी अपने सबसे छोटे दिन को 2025 में रिकॉर्ड कर सकती है। मगर इसका कारण क्या है? आइए समझते हैं।

विज्ञापन

Earth Rotation Speed Increases: क्या आप जानते हैं इस साल आने वाले कुछ दिनों में धरती अपने सबसे छोटे दिनों को रिकॉर्ड करेगी। दरअसल, इस पर शोधकर्ताओं ने रिसर्च कर पता लगाया है कि धरती की रोटेशन स्पीड बीते पांच सालों में बढ़ती हुई देखी गई है। हालांकि, धरती साल 2020 से अपनी एक सामान्य गति में घूम रही है, मगर अब इस खगोलीय गतिविधि से इस स्पीड में बदलाव देखने को मिल सकता है। दुनिया इस कारण अपना सबसे छोटा दिन जुलाई या अगस्त के महीने में दर्ज कर सकती है। इसका अर्थ यह होगा कि धरती पर एक दिन 24 घंटे से कम का हो सकता है।

कौन सा दिन होगा छोटा?

एस्ट्रोफिजिसिस्ट ग्राहम जोन्स ने इस रिसर्च पर गहन शोध किए हैं। धरती के सबसे छोटे दिनों के लिए तीन तारीखों का ऐलान किया गया है। ये तारीखें हैं- 9 जुलाई, 22 जुलाई और अगस्त में 5 तारीख। इसमें से किसी एक दिन के छोटे होने की संभावनाएं जताई गई हैं। दरअसल, इसका कारण बताया जा रहा है कि चंद्रमा की कक्षा में धरती का प्रभाव इस प्रतिक्रिया का कारक है। इसलिए, यह दिन अन्य दिनों के मुताबिक, 1.66 मिली सेकंड छोटा दर्ज किया जा सकता है।

क्यों होगा दिन छोटा?

हालांकि, शोधकर्ताओं के मुताबिक, अबतक इस बारे में पता लगाना बाकी है कि आखिर क्यों ये दिन छोटे हो रहे हैं, मगर अब तक की स्टडी बताती है कि इसका कारण धरती की रोटेशनल स्पीड है। यह गति हर वर्ष बदल रही है और बढ़ती जा रही है। असल में वैज्ञानिक इस बात की अबतक खोज कर रहे हैं कि धरती क्यों घूम रही है, जिसका जवाब नहीं मिल रहा है। मगर इससे पहले भी कई बार छोटे दिनों को रिकॉर्ड किया जा चुका है।

विज्ञापन

इससे पहले कब रिकॉर्ड हुए छोटे दिन?

कुछ रिकॉर्ड के मुताबिक, अबतक इससे पहले सबसे छोटा दिन 29 जून साल 2022 को रिकॉर्ड किया गया था।  इस दिन धरती ने अपना पूरा चक्कर  23 घंटे, 56 मिनट और 4.4 सेकंड के अंदर निपटाया था। ऐसे में यह दिन 24 घंटों में से 1.59 मिलीसेकंड कम रिकॉर्ड हुआ।  मगर वैज्ञानिकों ने इस परिवर्तन को लेकर कोई भी घबराने की बात नहीं मानी है।

हालांकि, इसके कुछ कारणों के बारे में किताबों में बताया गया है जिसके अनुसार, दिनों के छोटे होने की वजहें हैं- आंतरिक कोर की गतिविधियां

विज्ञापन
  • महासागरों और वायुमंडल की हलचलें।
  • चंद्रमा और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण प्रभाव।
  • चांडलर वॉबल, इसमें पृथ्वी के घूमने की धुरी में छोटा सा झुकाव होना।

ये भी पढ़ें- कौन थे DNA-फिंगरप्रिंटिंग के जनक वैज्ञानिक लालजी सिंह? 2004 में मिला था पद्मश्री अवार्ड

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

Namrata Mohanty 

@namratamohanty105

Namrata Mohanty

... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola