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Vastu Tips: किचन में नहीं रखनी चाहिए 5 चीजें, वरना अपशकुन तय

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में किचन (रसोई घर) के लिए नियम बहुत स्पष्ट हैं कि किचन में कौन-सी चीज कहां होनी चाहिए और क्या नहीं होना चाहिए। कुछ चीजें किचन में रखने के लिए वास्तु शास्त्र में मनाही है, क्योंकि उनसे वास्तु दोष उत्पन्न होता है। आइए जानते हैं कि ये चीजें क्या हैं?

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Vastu Tips: हर घर में किचन यानी रसोई घर एक बहुत महत्वपूर्ण भाग है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, न केवल भोजन और स्वास्थ्य बल्कि घर की धन-संबंधी जरूरतों को भी प्रभावित करती है। किचन में कुछ चीजों को रखने के लिए मनाही है। इस शास्त्र के अनुसार, मनाही किए गए चीजों को किचन में रखने से वास्तु दोष होता है, जो दुर्भाग्य को बढ़ावा देते हैं। इससे आर्थिक नुकसान होने के साथ कुछ अनिष्ट भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि किचन में कौन-कौन सी चीजें नहीं रखनी चाहिए और उन्हें रखने से क्या असर होता है?

खाली डब्बे और जार

वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन में जब कोई डब्बा या जार खाली हो जाए, तो उसे किचन से तुरंत हटा देना चाहिए। इन्हें लंबे समय तक किचन में रखने से घर में दरिद्रता का प्रवेश हो सकता है। घर में धन की कमी हो सकती है और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।

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जूठे और बासी भोजन

जूठे और बासी भोजन से, वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में नकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोतरी होती है। इन का किचन में होना देवी अन्नपूर्णा को नाराज कर सकता है। यह घर के सदस्यों की आमदनी पर नकारात्मक असर डालता है। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि खाने-पीने की जिन चीजों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है, उसे भी तत्काल हटा दें।

खुले स्थान में तेज और नुकीली वस्तुएं

वास्तु शास्त्र के अनुसार, चाकू और कैंची जैसी नुकीली वस्तुओं को हमेशा सही स्थान पर रखना चाहिए। इनके खुले स्थान पर होने से एक तो दुर्घटनाएं हो सकती है और दूसरा इनके अव्यवस्थित होने से घर में वित्तीय अस्थिरता शुरू हो सकती है।

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टूटे हुए बर्तन

वास्तु सिद्धांतों के मुताबिक, टूटी हुई थालियां, छोटी डिश, बाउल, गिलास आदि किचन ही नहीं, घर में में भी नहीं होनी चाहिए, अन्यथा टूटे हुए बर्तन आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं और हर तरह की प्रगति में बाधा और रूकावट पैदा करती हैं।

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बिना उपयोग के किचन टूल्स

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस प्रकार टूटे हुए बर्तन रखने से धन और घर के विकास पर नकारात्मक असर पड़ता है, वैसा ही प्रभाव किचन में बिना उपयोग के किचन टूल्स रखने से होता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: May 10, 2024 06:39 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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