Surya Arghya Benefits: सुबह-सुबह सूर्य को जल का अर्घ्य देना क्यों है इतना शुभ? जानें धार्मिक महत्व और जल चढ़ाने का सही तरीका

Surya Arghya Benefits: हिन्दू धर्म में सुबह-सुबह सूर्य को जल चढ़ाना सनातन परंपरा में बेहद शुभ माना गया है. इससे आत्मविश्वास, मान-सम्मान और सफलता के योग मजबूत होते हैं. जानिए सूर्य अर्घ्य देने की सही विधि और इसका धार्मिक महत्व.

Surya-Arghya
विज्ञापन

Surya Arghya Benefits: सनातन धर्म में सुबह की पहली किरण के साथ भगवान सूर्य को जल चढ़ाने की परंपरा हजारों साल पुरानी है. इसे सूर्य अर्घ्य कहते हैं. सनातन परंपरा में सूर्य एक प्रत्यक्ष देवता हैं. ये सूर्यदेव ही हैं, जो धरती को प्रकाश और ऊष्मा से जीवन देते हैं. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है. इसलिए सूर्य अर्घ्य को मान-सम्मान, आत्मविश्वास, आरोग्य और सफलता से भी जोड़कर देखा जाता है. आइए जानते हैं, सूर्य को जल चढ़ाना इतना शुभ क्यों माना जाता है और अर्घ्य देने की सही विधि क्या है?

सूर्य को अर्घ्य देना क्यों है खास?

ज्योतिष शास्त्र में मजबूत सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान और करियर में तरक्की से संबंधित है. इसलिए रोज सूर्य को अर्घ्य देने से ग्रह शांत होते हैं. वहीं, धार्मिक मान्यता के अनुसार सुबह सूर्य को जल देने से मन में सकारात्मकता आती है. नकारात्मक विचार दूर होते हैं. इसे सूर्यदेव के प्रति आभार जताने का तरीका भी माना जाता है. इससे सूर्यदेव की कृपा मिलती है और व्यक्ति में कॉन्फिडेंस बढ़ता है.

विज्ञापन

7 स्टेप्स में जानें सूर्य अर्घ्य की सही विधि

सूर्य को जल अर्पित करने के लिए सूर्योदय का समय सबसे अच्छा माना जाता है. अगर किसी वजह से उस समय संभव न हो, तो सुबह के समय अर्घ्य दे सकते हैं.

  1. सबसे पहले तांबे के लोटे में साफ जल भरें. ज्योतिष शास्त्र में तांबे को सूर्य से जुड़ी धातु माना गया है.
  2. अर्घ्य के जल में थोड़ा रोली, अक्षत और लाल फूल डालें. (यदि न हो तो भी कोई बात नहीं)
  3. अर्घ्य हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुंह करके या जिस दिशा में सूर्य हो और सीधे खड़े होकर देना चाहिए.
  4. लोटा को दोनों हाथों से पकड़ें और धीरे-धीरे जल की पतली धार सूर्यदेव को अर्पित करें.
  5. जल चढ़ाते समय शांत रहकर सूर्यदेव का ध्यान करें, मंत्र पढ़ें.
  6. कोशिश करें कि अर्घ्य का पानी पैरों पर या गंदी जगह न गिरे.
  7. जल चढ़ाने के बाद हाथ जोड़कर सूर्यदेव को प्रणाम करें और अपनी मनोकामना कहें.

यह भी पढ़ें: Panchmukhi Hanuman Photo Vastu: पंचमुखी हनुमान जी की फोटो बदल देती है घर की ऊर्जा, जानें लगाने के सही वास्तु नियम और दिशा

विज्ञापन

अर्घ्य देते समय करें इस मंत्र का जाप

सूर्य को जल चढ़ाते समय ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं. इसके अलावा ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ का जाप भी शुभ माना जाता है. अगर आप चाहें तो गायत्री मंत्र का जाप भी कर सकते हैं. मान्यता है कि मंत्र जाप के साथ अर्घ्य देने से मन एकाग्र होता है और पूजा का प्रभाव बढ़ता है.

सूर्य अर्घ्य में इन बातों का रखें ध्यान

सूर्य को अर्घ्य देते समय जल्दबाजी न करें. साफ कपड़े पहनकर और शांत मन से पूजा करना बेहतर माना जाता है. लोटे में साफ पानी ही रखें. अर्घ्य की धार जमीन पर गंदे स्थान पर न गिरने दें. जल चढ़ाते समय सूर्यदेव की तरफ श्रद्धा से देखें. पूजा के बाद कुछ देर शांत होकर प्रार्थना करें.

विज्ञापन

सूर्य अर्घ्य से जुड़े हैं ये धार्मिक लाभ

सनातन परंपरा में सूर्य को ऊर्जा, प्रकाश और जीवन का आधार माना गया है. इसलिए सूर्यदेव की पूजा को बहुत खास माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य को नियमित अर्घ्य देने से करियर में आगे बढ़ने का रास्ता खुलता है. नेतृत्व क्षमता बेहतर होती है. व्यक्ति अपने फैसलों को लेकर ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस करता है. काम करने की ऊर्जा बढ़ती है. मान-सम्मान मिलने के योग मजबूत होते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से ही सुबह सूर्यदेव को जल देने की परंपरा चली आ रही है.

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ