Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है. पितृ पक्ष में श्राद्ध करने के लिए भोजन बनाकर ब्राह्मणों को कराया जाता है. इसके साथ ही भोजन के पांच भाग अलग-अलग हिस्से जीवों और देवताओं को कराए जाते हैं. इसे पंचबलि श्राद्ध कहते हैं. पंचबलि श्राद्ध के लिए गाय, कुत्ता, कौवे, देवता और चींटी को कराया जाता है. पंचबलि के भोजन में कौवे को भोजन कराने का विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कौवे को भोजन कराए बिना श्राद्ध पूरा नहीं माना जाता है.
पितृ पक्ष 2026 (Pitru Paksha 2026)
पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर को हो गया था. इस दिन पूर्णिमा का श्राद्ध किया गया था. अब 10 अक्टूबर को पितृ पक्ष का समापन हो जाएगा. पितृ पक्ष के अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध किया जाएगा. पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का महत्व होता है. इस दौरान कौवे को भोजन कराने के महत्व और इसके पीछे के कारणों के बारे में जानते हैं. आखिर क्यों किसी अन्य पक्षी को नहीं, बल्कि सिर्फ कौवे को ही भोजन कराया जाता है.
कौवे को क्यों कराते हैं भोजन?
पितृपक्ष में ब्राह्मणों को भोजन कराने के साथ ही कौवे को खाना खिलाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कौवे को पितरों का संदेशवाहक माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि, पितृ पक्ष में कौवे को भोजन कराने से यह सीधा पितरों तक पहुंचता है. पितृ पक्ष में पितृ कौवे के रूप में श्राद्ध का भोजन स्वीकार करते हैं. इसके अलावा अन्य मान्यता है कि, एक बार यमराज ने कौवे को वरदान दिया था. कौवे को दिया गया भोजन पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करेगा.
अन्य पौराणिक कथा
रामायण काल से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान इंद्र के पुत्र जयंत कौवे का रूप धारण करके पृथ्वी थे. जयंत ने कौवे के रूप में माता सीता को चोंच मार दी थी. इससे माता सीता के पैर से खून बहने लगा. इस बात से नाराज भगवान राम ने तिनके के बाण से कौवे की आंख फोड़ दी. कौवे के पश्चाताप करने और माफी मांगने पर भगवान राम ने उसे माफ किया. भगवान राम ने कौवे को वरदान दिया कि, पितृपक्ष के दौरान कौवों को भोजन कराने से यह सीधा पितरों को मिलेगा. ऐसी मान्यता है कि, तभी से कौवे को भोजन कराने की परंपरा चली आ रही है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.