Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर को हुआ था, इसका समापन 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ हो जाएगा. पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने के साथ ही कई उपायों को करना बेहद शुभ माना जाता है. पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के लिए उपायों को करना चाहिए. इन सभी के साथ ही आप जीवन में सुधार और अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति के लिए उपाय कर सकते हैं. आइये इस अष्ट महादान के बारे में जानते हैं.
अष्ट महादान
व्यक्ति जन्म से लेकर मृत्यु तक जाने-अनजाने में अनेकों पाप करता है. इन पापों से मुक्ति के लिए व्यक्ति को अष्ट महादान करना चाहिए. पितृ पक्ष में या मृत्यु के समय इन महादान को करना अधिक लाभकारी माना जाता है. अष्ट महादान में व्यक्ति को आठ चीजों का दान करना होता है.
अष्ट महादान में गोदान, भूमि दान, तिल दान, लौह दान, कपास दान, सोना दान, नमक दान और सप्त धान्य यानी सात प्रकार के अनाज का दान करना चाहिए. आप योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंदों को इन चीजों का दान कर सकते हैं. अष्ट महादान संकल्प लेकर आदरपूर्वक देना सबसे उत्तम माना जाता है. आप आदर-सत्कार के साथ अष्ट महादान करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.