
Video: पितृ पक्ष में जरूर करें तिल और कुशा का उपाय, पितरों के प्रसन्न होने से घर आएगी खुशहाली
Edited By Aman Maheshwari

Edited By Aman Maheshwari
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने के साथ ही कई उपायों को करना अच्छा होता है. पितृ तर्पण के लिए काले तिल और कुशा का महत्व होता है. कुशा घास को कहते हैं. पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण करने के दौरान कुशा यानी घास का इस्तेमाल अनिवार्य माना गया है. तर्पण करने के समय सीधे हाथ की अनामिका उंगली में कुश से बनी अंगूठी पहनते हैं. कुश की अंगूठी को पवित्र मानते हैं.
काले तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु से मानी जाती है. जल में काला तिल मिलाकर के ही पितरों का तर्पण किया जाता है. तिल और कुशा दोनों को पूजनीय और पवित्र माना जाता है. आपको पितरों का तर्पण करने के लिए जल में काले तिल मिलाने चाहिए. जल में काले तिल मिलाने के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का अर्पित करें. इस उपाय को करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. इससे उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.
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पद्म पुराण में तिल के महत्व के बारे में बताया गया है. जिस पानी में तिल होता है वह अमृत से भी अधिक स्वादिष्ट होता है. ऐसा माना जाता है कि, पितृ पक्ष में उपाय के लिए जितने तिलों का उपयोग होता है उतने हजार सालों तक पितर स्वर्ग में रहते हैं. श्राद्ध कर्म में काले तिलों का उपयोग करने से पितर प्रसन्न होते हैं. गरुड़ पुराण और बृहद नारदी पुराण के अनुसार, किसी पूर्वज की मृत्यु अचानक या किसी दुर्घटना में हुई हो उनके लिए तिल और गंगाजल से तर्पण किया जाना चाहिए. ऐसा करने से मुक्ति जरूर मिलती है. आप विस्तार से जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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