Kaalchakra: पितृ पक्ष में क्यों जरूरी है पंचबलि? पंडित सुरेश पांडेय से जानिए श्राद्ध से जुड़ा नियम
Kaalchakra Today: आज के कालचक्र में पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म करने के महत्व और पंचबलि के बारे में जानेंगे. श्राद्ध पक्ष में पंचबलि क्यों जरूरी है. आइये इसके बारे में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं.
Kaalchakra Today 30 September 2026: आज 30 सितंबर 2026 को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है. चतुर्थी तिथि का समापन दोपहर को 2 बजकर 55 मिनट पर होगा. इसके बाद पंचमी तिथि आरंभ होगी. आज चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध किया जा रहा है. इसके साथ ही आज सर्वार्थ सिद्धि योग और विडाल योग प्रभावी रहेगा. भरणी, कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र रहेगा. वज्र और सिद्धि योग प्रभावी रहेगा. बालव, कौलव और तैतिल करण रहेगा.
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आज के कालचक्र में पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध में किए जाने वाली पंचबलि श्राद्ध के बारे में जानेंगे. श्राद्ध के दौरान पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है. पितृ पक्ष में पंचबलि श्राद्ध के दौरान जीवों और देवताओं को भोजन किया जाता है. आज दिशाशूल उत्तर रहेगा. इसके साथ ही अशुभ राहुकाल, यमगण्ड काल, विडाल योग और दुमुहूर्त रहेगा. आज के कालचक्र में पितृ पक्ष में पंचबलि के बारे में पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचबलि कर्म के बिना श्राद्ध पूरा नहीं होता है. श्राद्ध के लिए बनाए गए भोजन के पांच हिस्से कर जीवों और देवता को अर्पित किया जाता है. पंचबलि के भोजन को गाय, कुत्ते, कौवे, देवता और चींटियों को खिलाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि, अलग-अलग जीवों और देवताओं को भोजन का अंश अर्पित करने से यह पितरों को प्राप्त होता है.
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पितृ पक्ष में श्राद्ध
पितरों का तर्पण और श्राद्ध प्रत्येक वर्ष पितृ पक्ष के दौरान करना चाहिए. पितृ कर्म सुबह सूर्योदय के बाद कभी भी कर सकते हैं. पितरों का तर्पण करने और श्राद्ध करने के लिए काले तिल, कुशा, जौ, गंगाजल और पिंडदान के लिए चावल या जौ के आटे की आवश्यकता होती है. इन सभी सामग्री को लेकर आप विधि के साथ पितरों का तर्पण कर सकते हैं. श्राद्ध के भोजन में सात्विक भोजन, खीर, पूड़ी, और सब्जी बनानी चाहिए.
पितृ पक्ष के महत्व, पितरों के श्राद्ध और पंचबलि के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ऊपर दिए गए कालचक्र के वीडियो को देख सकते हैं.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.