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Salt Asking Mistake: खाते समय नमक मांगना शुभ या अशुभ? जानिए कौन सा ग्रह बन जाता है आपका शत्रु

Salt Asking Mistake: भारतीय ज्योतिष और परंपरा में खाने के दौरान की आदतें ग्रहों के संतुलन से जुड़ी मानी जाती हैं. कहा जाता है कि खाते समय नमक मांगना की महत्वपूर्ण ग्रहों को कमजोर कर सकता है. आइए जानते हैं, आखिर क्यों मानी जाती है यह आदत अशुभ और इससे जीवन पर क्या असर पड़ता है?

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Salt Asking Mistake: भारतीय परंपरा, ज्योतिष और वास्तु में भोजन को महज भोजन नहीं माना गया है. इसे ऊर्जा, संस्कार और ग्रहों के संतुलन का आधार बताया गया है. इसलिए खाना बनाते और खाते समय कई नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है. हम कई बार अनजाने में ऐसी आदतें अपना लेते हैं जिनका असर न केवल सेहत, बल्कि ग्रहों की स्थिति और भाग्य पर भी पड़ सकता है. ऐसी ही एक आदत है- ‘खाते समय नमक मांगना’. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्धन शांडिल्य के अनुसार, यह छोटी-सी आदत भी ग्रहों को कमजोर कर सकती है.

क्यों नहीं मांगना चाहिए खाते समय नमक?

खाने के दौरान नमक मांगना अशुभ माना जाता है. ज्योतिष में नमक को सफेद रंग के कारण चंद्र और शुक्र से जोड़ा गया है. चंद्र मन, शांति और भावनात्मक संतुलन का कारक है. शुक्र प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख और आकर्षण का कारक है. जब आप खाने के बीच नमक मांगते हैं, तो माना जाता है कि यह आपकी मानसिक अस्थिरता या अधीरता का संकेत है. यही अधीरता धीरे-धीरे आपके भावनात्मक और भौतिक जीवन में असंतुलन ला सकती है. इस कारण चंद्र और शुक्र ग्रह कमजोर होने लगते हैं.

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नमक मांगने का मनोवैज्ञानिक संकेत

खाने के दौरान बार-बार नमक मांगना आपके व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बताता है. यह आदत व्यक्ति की फोकस और स्थिरता की कमी का संकेत मानी जाती है. ऐसे लोग अक्सर बेचैन, जल्दी परेशान होने वाले और छोटी बातों पर असंतुष्ट महसूस करने वाले हो सकते हैं. यह आदत रिश्तों में छोटी-छोटी तकरार या गलतफहमियां बढ़ा सकती है. सामुद्रिक शास्त्र में भी कहा गया है कि जो लोग बिना जरूरत चीजें बार-बार मांगते हैं, वे जीवन में असंतोष का अनुभव करते हैं.

बहुत ज्यादा नमक खाना क्या संकेत देता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अधिक नमक का सेवन कमजोर सूर्य का संकेत माना गया है. सूर्य मनुष्य के आत्मविश्वास, ऊर्जा, निर्णय क्षमता, नेतृत्व और सम्मान का कारक है. नमक एक साथ पृथ्वी और जल तत्व से जुड़ा है. इसके अधिक सेवन से शरीर में जल तत्व बढ़ता है और अग्नि तत्व यानी सूर्य की ऊर्जा कमजोर होती है. इससे व्यक्ति में आलस, थकान और निर्णय लेने में दुविधा बढ़ती है.

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नमक बर्बाद करना क्यों है अशुभ?

यह देखा गया है कि कई लोग खाने से पहले या बाद में नमक प्लेट में डालकर छोड़ देते हैं. परंपराओं में नमक को धन, रिश्तों और स्थिरता का प्रतीक माना गया है. इसे बर्बाद करना घर में झगड़े, रिश्तों में मनमुटाव और कामों में रुकावट का कारण बन सकता है. अगर नमक बच जाए, उसे फेंकने की बजाय किसी अलग कंटेनर में रख दें. अगर वह खराब हो गया है, तो उसमें थोड़ा पानी मिलाकर बहा दें.

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स्वाद के नहीं, स्वास्थ्य के हिसाब से नमक

हेल्थ एक्सपर्ट भी कहते हैं कि नमक का अत्यधिक सेवन ब्लड प्रेशर, हार्ट डिज़ीज़ और किडनी पर असर डालता है. इसलिए नमक का उपयोग संतुलित मात्रा में करें, पके हुए भोजन में ऊपर से नमक डालने से बचें और स्वाद नहीं, बल्कि सेहत को प्राथमिकता दें.

गौरतलब है कि खाते समय नमक मांगने की आदत छोटी लगती है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार यह चंद्र और शुक्र को कमजोर करती है और जीवन में असंतुलन लाती है. बहुत अधिक नमक खाना सूर्य को कमजोर करता है और नमक बर्बाद करना धन और रिश्तों में रुकावट पैदा करता है. इसलिए सही आदतें अपनाएं और भोजन को केवल स्वाद नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन का माध्यम बनाएं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Nov 20, 2025 10:10 PM

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श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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