---विज्ञापन---

Loan Giving Mistakes: पैसा उधार देते समय ये 3 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, डूब सकता है आपका दिया धन

Loan Giving Mistakes: पैसा उधार देते समय अक्सर लोग छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जो भविष्य में बड़ा नुकसान करा सकती हैं. कभी-कभी दिया हुआ धन वापस नहीं मिलता है. क्या आप जानते हैं, कौन सी 3 प्रमुख गलतियां सबसे ज्यादा नुकसान करती हैं? साथ ही जानिए, इन गलतियों से बचने का सही तरीका.

Loan Giving Mistakes: आपने यह सुना होगा कि कई लोगों ने जो पैसा उधार दिया था, वह कभी वापस नहीं आया. मदद करने की नीयत से दिया गया धन जब लौटकर नहीं आता, तो रिश्तों में तनाव और आर्थिक परेशानियां दोनों बढ़ जाती हैं. पुराने समय से ही धन लेन-देन को लेकर कई व्यावहारिक नियम और परंपराएं बताई गई हैं, जिन्हें आज भी उपयोगी माना जाता है. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्धन शांडिल्य बताते हैं कि धन का लेन-देन करते समय दिशा, तरीका और आदतों में की गई छोटी-छोटी गलतियां भी बड़ी समस्या बन सकती हैं. आइए समझते हैं ये 3 प्रमुख गलतियां क्या हैं और इनसे कैसे बचें?

गलत दिशा की ओर देखकर धन का लेनदेन

---विज्ञापन---

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धन का लेन-देन करते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. कहा जाता है कि दक्षिण दिशा की ओर देखकर पैसा उधार देने से उसके वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है. वहीं, पश्चिम दिशा की ओर देखकर पैसा लेने से धन का उपयोग अक्सर बीमारियों या अनचाहे खर्चों में हो जाता है. उधार लेते या देते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर चेहरा रखना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि ये दिशाएँ सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता का प्रतीक हैं.

ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य की ये 3 सलाह मान लीं, तो हर मुश्किल से हो सकता है बचाव

---विज्ञापन---

लेन-देन में हाथ का गलत प्रयोग

धन का लेन-देन करते समय हाथ का उपयोग भी महत्वपूर्ण माना गया है. कई परंपराओं में माना गया है कि पैसा देते समय दाहिने हाथ का प्रयोग करना चाहिए. लेते समय बाएं हाथ का प्रयोग शुभ माना जाता है. यह नियम सिर्फ आस्था से जुड़ा नहीं, बल्कि व्यवहारिक भी है. दाहिने हाथ से देना सम्मान और स्वीकृति का संकेत माना जाता है. वहीं बाएँ हाथ से लेना विनम्रता का भाव दर्शाता है. इससे लेन-देन के दौरान स्पष्टता और सम्मान दोनों बने रहते हैं.

---विज्ञापन---

नोट गिनने की गलत आदत

कई लोग नोट गिनते समय बार-बार उंगलियों पर थूक लगाते हैं, जो न सिर्फ अस्वच्छ है बल्कि अशुभ माना जाता है. यह आदत धन के प्रति असम्मान दर्शाती है, नोटों को गंदा करती है, जिसे देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, और इससे आपके लेन-देन की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है. वहीं, आज के समय में स्वच्छ और शालीन व्यवहार भी धन आकर्षित करने के तौर पर देखा जाता है.

---विज्ञापन---

अपनाएं ये उपयोगी आदतें

कुछ आसान आदतें अपनाकर धन के प्रवाह को बेहतर बना सकते हैं. लेन-देन हमेशा स्पष्ट शर्तों के साथ करनी चाहिए. उधार को लिखित रूप में रखने की आदत डालनी चाहिए. इसके साथ ही, जिस व्यक्ति को उधार दे रहे हैं, उसकी विश्वसनीयता जरूर परखें. बड़े धन लेन-देन में गवाह या डिजिटल रिकॉर्ड रखना बुद्धिमानी है. पैसे को हमेशा सम्मानपूर्वक दें और लें, न तो मुड़ा-तुड़ा नोट दें और न ही अस्वच्छ तरीके से गिनें.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Marriage Vidai Gift: बेटी की विदाई में न करें ये गलतियां, कभी भूल से भी नहीं देनी चाहिए ये 4 चीजें, जानें क्यों

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

---विज्ञापन---
First published on: Nov 20, 2025 07:31 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.
Sponsored Links by Taboola