Raksha Bandhan Abhijit Muhurat: क्या 28 अगस्त को 'अभिजीत मुहूर्त' के दौरान बांध सकते हैं राखी; जानें मुहूर्त का महत्व और सही समय

Raksha Bandhan Abhijit Muhurat: रक्षाबंधन 27 या 28 अगस्त को लेकर अभी भी कन्फ्यूजन बना हुआ है. साथ ही मुहूर्त को लेकर यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि क्या 28 अगस्त के अभिजीत मुहूर्त में राखी बांधना शुभ है या नहीं? आइए ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य से जानते और समझते हैं सही मुहूर्त और वजह.

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27 या 28 अगस्त, जानें रक्षाबंधन की सही तारीख और अभिजीत मुहूर्त का कन्फ्यूजन। (फोटो क्रेडिट: AI | News24)

Raksha Bandhan Abhijit Muhurat: इस साल के रक्षाबंधन को लेकर दो बड़ा कन्फ्यूजन अभी भी बना हुआ है. पहला तो यह कि 27 या 28 अगस्त, राखी कब है? दूसरा यह सवाल खूब पूछा जा रहा है कि यदि 28 अगस्त को रक्षाबंधन है, क्या इस दिन दोपहर में पड़ने वाले अभिजीत मुहूर्त में राखी बांधना शुभ है या नहीं? अगर आप भी इसी कन्फ्यूजन में हैं, तो पहले पूरा मामला समझ लीजिए. क्योंकि ज्योतिषाचार्य और पंडित हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, इस बार सिर्फ ‘अभिजीत मुहूर्त’ देखकर राखी बांधना सही नहीं माना जा रहा है.

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28 अगस्त को सावन पूर्णिमा कब तक रहेगी?

द्रिक पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे तक रहेगी. चूंकि इस दिन का सूर्योदय पूर्णिमा तिथि में होगा, इसलिए रक्षाबंधन इसी दिन मनाया जाएगा. राखी बांधने के लिए सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय सबसे शुद्ध और श्रेष्ठ बताया गया है. इस दौरान भद्रा का भी कोई असर नहीं है. न ही चंद्र ग्रहण का को असर है. इसलिए सुबह का यह टाइम राखी के लिए सबसे सेफ और शुभ विकल्प है. अगर घर में सब लोग उपलब्ध हैं, तो कोशिश करें कि इसी दौरान भाई की कलाई पर राखी बांध दें.

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अभिजीत मुहूर्त को लेकर कन्फ्यूजन क्यों?

ज्योतिषाचार्य और पंडित हर्षवर्द्धन शांडिल्य के अनुसार, अब असली बात यहां से शुरू होती है. 28 अगस्त को दोपहर 11:42 बजे से 12:33 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. आमतौर पर इसे बेहद शुभ माना जाता है. ज्योतिष में अभिजीत मुहूर्त को ‘महा-मुहूर्त’ कहा गया है. मान्यता है कि इस समय कई काम किए जा सकते हैं. लेकिन इस बार पेंच तिथि का है. सावन मास के पूर्णिमा की तिथि सुबह 9:48 बजे ही खत्म हो जाएगी और इसके बाद भादो माह की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी. शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार भादो प्रतिपदा में राखी बांधना उचित नहीं माना होता है. इसलिए केवल अभिजीत मुहूर्त शुभ होने के आधार पर दोपहर में राखी बांधने को पूरी तरह शास्त्रसम्मत नहीं कहा जा सकता है.

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अगर सुबह राखी नहीं बांध पाए तो?

अब सवाल है कि अगर किसी वजह से सुबह का समय मिस हो गया तो क्या करें? घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति में दिन में बाद में भी राखी बांधी जा सकती है. यानी त्योहार का पूरा मजा खराब करने की जरूरत नहीं है. इस दिन अभिजीत मुहूर्त के साथ-साथ, विजय मुहूर्त भी है, जो दोपहर में 2:15 बजे से 3:06 बजे तक रहेगा. इसे भी शुभ समय माना जाता है. इसलिए सुबह का समय न मिल पाए तो अभिजीत मुहूर्त के साथ विजय मुहूर्त भी एक बेहतर विकल्प है.

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राखी बांधना सबसे अच्छा कब रहेगा?

शास्त्र की सम्मति और प्रचलित विधान के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे के बीच राखी बांधना सबसे बेहतर रहेगा. अभिजीत मुहूर्त को लेकर ज्यादा कन्फ्यूजन में पड़ने की जरूरत नहीं है. अगर सुबह संभव है, तो उसी समय राखी बांधें. यही इस बार सबसे साफ और शुभ विकल्प माना जा रहा है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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