---विज्ञापन---

Mangal Sutra Rules: मंगलसूत्र के काले मोती क्यों माने जाते हैं खास? जानें इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं

Mangal Sutra Rules: हिन्दू धर्म में विवाह 7 जन्मों का बंधन है, जिसकी सबसे ठोस पहचान मंगलसूत्र है. यूं तो इस धर्म के शुभ कार्यों में काला रंग वर्जित है, फिर भी इसमें काले मोतियों का होना बेहद खास माना गया है. आइए जानते हैं, काले मोतियों से जुड़ी क्या-क्या मान्यताएं हैं?

---विज्ञापन---

Mangal Sutra Rules: भारतीय हिन्दू समाज में विवाह केवल दो हृदयों के रिश्ते का सूत्र-बंधन नहीं माना गया है, बल्कि यह जन्म-जन्मांतर, यहां तक कि 7 जन्मों, का बंधन माना जाता है। दिलों के इस खूबसूरत बंधन की जीवंत पहचान है- ‘मंगलसूत्र’। हिन्दू संस्कृति में हर सुहागन महिलाएं इसे न केवल चाव से बल्कि गर्व से धारण करती हैं। पारंपरिक रूप से मंगल सूत्र काले मोतियों की माला से बना एक पेंडेंट या लॉकेट है, सुहाग की बेमिसाल निशानी है। हिन्दू धर्म में काले रंग का इस्तेमाल शुभ कार्यों और वस्तुओं में नहीं होता है। लेकिन मंगलसूत्र की बात सबसे अलग है। आइए जानते हैं, मंगलसूत्र के काले मोती क्यों खास माने जाते हैं और इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं क्या हैं?

यह भी पढ़ें: Tulsi Puja ke Niyam: तुलसी के पास भूल से भी नहीं रखनी चाहिए ये 3 चीजें, जानें तुलसी पूजा से जुड़े नियम

---विज्ञापन---

बुरी नजर से रक्षा

हिन्दू संस्कृति में मंगल सूत्र के काले मोतियों को एक प्रकार से ‘सेफ्टी बॉल्स’ या सुरक्षा कवच माना जाता है। शुभ कामों में काला रंग वर्जित होने के बावजूद मंगलसूत्र में काले मोती होना अनिवार्य है। धार्मिक मान्यता है कि मोती का यह रंग नेगेटिव एनर्जी और बुरी नजरों की शक्तियों को अपने अंदर सोंख लेता है। कहते हैं, यह ठीक वैसे ही काम करता है, जैसे बच्चे को काला टीका लगाने असर होता है।

शिव-शक्ति संयोग

हिन्दू धर्म में मंगलसूत्र भगवान शिव और देवी पार्वती यानी शक्ति के पवित्र संगम का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि इस सौभाग्य सूत्र में सोना धातु, माता पार्वती का शक्ति रूप है, जो समृद्धि और तेज का प्रतीक है। वहीं, माला के मनके यानी काले मोती भगवान शिव का प्रतिनिधि मांगे गए हैं, जो सुरक्षा की दीवार हैं। मान्यता है कि इन दोनों तत्वों का संयोजन पति-पत्नी के रिश्ते में शक्ति, ऊर्जा और अटूट बंधन को मजबूती देता है।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Hindu Dharma: भगवान को भोग लगाने के बाद कितनी देर में उठाना चाहिए प्रसाद? भूलकर भी न करें ये गलती

गुरु-शनि का शुभ प्रभाव

हिन्दू धर्म में मंगलसूत्र को ज्योतिष दृष्टिकोण से भी बहुत शुभ और कल्याणकारी माना गया है। इस शास्त्र की मान्यता है कि इस माला का धातु और रंग ग्रहों की स्थिति को संतुलित करता है। सोना धातु का संबंध ‘गुरु’ ग्रह है, वैवाहिक सुख, सौभाग्य, संतान, धन और ज्ञान के दाता और स्वामी ग्रह हैं। वहीं, काले मोतियों में शनि का वास माना जाता है, जो जीवन को स्थिरता और सुरक्षा देते हैं।

---विज्ञापन---

माला का हृदय चक्र से स्पर्श

जब सुहागन स्त्रियां मंगलसूत्र धारण करती हैं, तो उसका लॉकेट और मोती उसके हृदय के पास अनाहत चक्र को स्पर्श करता है। योग और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इससे शरीर की ऊर्जा में संतुलन बना रहता है। यह दंपति के रिश्ते को मजबूत बनाता है और उनमें आत्मीयता और रिश्तों की मधुरता बढ़ती रहती है।

यह भी पढ़ें: Temples of India: इस मंदिर में स्टाम्प पेपर पर मनोकामना लिख टांगते हैं भक्त, मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं ये चीज

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Sep 08, 2026 07:19 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार पिछले 20+ वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है। वे स्वयं वैदिक ज्योतिष (पाराशरीय), अंक ज्योतिष (न्यूमरोलॉजी) और सामुद्रिक शास्त्र के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और एक सक्रिय ज्योतिष हैं। वे साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं और वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके।  धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 𝕀𝕟 ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 𝕏 ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K 𝔽 ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola