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Religion

Holika Dahan 2026: किन लोगों को नहीं देखनी चाहिए जलती होलिका, वरना हो सकता है अशुभ

Holika Dahan 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, होलिका दहन 3 मार्च को मनाया जाएगा, जो बुराई पर अच्छाई की जीत और नकारात्मकता के अंत का प्रतीक है. लेकिन, पूजा, परिक्रमा और समृद्धि की कामना के बीच सभी के लिए जलती होलिका देखना शुभ नहीं होता है? जानिए, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार किन लोगों होलिका की अग्नि से सावधानी रखनी चाहिए और क्यों?

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Written By: Shyamnandan Updated: Feb 24, 2026 11:33
Holika

Holika Dahan 2026: बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होलिका दहन इस वर्ष 3 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. फाल्गुन पूर्णिमा की रात जलने वाली अग्नि को नकारात्मकता के अंत का संकेत माना जाता है. लोग परिक्रमा करते हैं, पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व शुभ है, लेकिन कुछ स्थितियों में सावधानी जरूरी बताई गई है. ज्योतिष और लोक परंपराओं में ऐसे लोगों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें जलती होलिका से दूरी रखने की सलाह दी गई है.

नवविवाहित महिलाएं

जिन महिलाओं की शादी के बाद यह पहली होली हो, उन्हें अग्नि को सीधे न देखने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि नई बहू घर में नई ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक होती है. इसलिए वह प्रतीकात्मक दहन से दूरी रखे तो बेहतर माना जाता है. कई परिवारों में वे अगले दिन पूजा करती हैं.

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गर्भवती महिलाएं

धार्मिक कारणों के साथ व्यावहारिक कारण भी जुड़े हैं. भीड़, धुआं और तेज गर्मी गर्भवती महिला के लिए असहज हो सकते हैं. सांस की दिक्कत या थकान बढ़ सकती है. इसलिए सुरक्षित दूरी रखना समझदारी है.

नवजात और छोटे बच्चे

छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है. धुएं और धूल से खांसी या एलर्जी हो सकती है. तेज शोर भी उन्हें परेशान कर सकता है. विशेषज्ञ भी शिशुओं को भीड़भाड़ से दूर रखने की सलाह देते हैं.

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सास और बहू की परंपरा

कुछ क्षेत्रों में यह लोक मान्यता प्रचलित है कि सास और बहू एक साथ जलती होलिका न देखें. इसे रिश्तों की मधुरता से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, फिर भी कई परिवार परंपरा निभाते हैं.

इकलौती संतान वाले माता-पिता

ज्योतिष मान्यता के अनुसार जिनकी एक ही संतान हो, वे अग्नि प्रज्वलित न करें. वे दूर से प्रार्थना कर सकते हैं. इसे संतान की सुरक्षा से जोड़कर देखा जाता है.

बीमार और बुजुर्ग लोग

अस्थमा, हृदय रोग या उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को धुएं से परेशानी हो सकती है. बुजुर्गों के लिए भीड़ और गर्मी जोखिम बढ़ा सकती है. मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को भी आराम को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है.

रखें ये सावधानियां

सिंथेटिक कपड़े न पहनें. बच्चों का हाथ न छोड़ें. राख या अनजान वस्तु को तुरंत न छुएं. पर्यावरण का ध्यान रखें और प्लास्टिक या रबर अग्नि में न डालें. होलिका दहन आस्था का पर्व है. परंपराओं का सम्मान करें, लेकिन स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देना भी उतना ही जरूरी है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Feb 24, 2026 11:22 AM

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