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South Facing House: दक्षिणमुखी घर क्यों है अशुभ, दक्षिण दिशा क्यों है खतरनाक, जानें ज्योतिष-वास्तु नियम

South Facing House: क्या आपके घर में मुख्य द्वार या पूजा स्थल दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में है? जानिए वास्तु शास्त्र में ये दिशाएं क्यों मानी जाती है अशुभ और कैसे गलत निर्माण से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और सही उपयोग इसे स्थिरता व सुरक्षा दे सकता है?

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South Facing House: वास्तु शास्त्र में दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा को अक्सर नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है. इन दिशाओं में घर का मुख्य द्वार या पूजा स्थल होने से कई समस्याएं आ सकती हैं. यमराज और राहु जैसे पौराणिक तत्व इन दिशाओं की नकारात्मकता को बढ़ाते हैं. हालांकि, सही निर्माण और उपयोग से ये दिशा स्थिरता और सुरक्षा भी प्रदान कर सकती हैं.

पौराणिक और ज्योतिषीय कारण

दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है. इसे मृत्यु और पूर्वजों के प्रभाव से जोड़ा जाता है. दक्षिण-पश्चिम दिशा के स्वामी राहु हैं, जो भ्रम और नकारात्मकता के प्रतीक माने जाते हैं. इसी कारण, घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थल को इन दिशाओं में रखना वर्जित माना जाता है. गलत निर्माण से मानसिक तनाव और परिवार में अशांति बढ़ सकती है.

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ऊर्जा और वैज्ञानिक कारण

दोपहर की तेज धूप दक्षिण-पश्चिम दिशा से प्रवेश करती है. यह घर के तापमान को बढ़ा सकती है और स्वास्थ्य पर असर डालती है. वास्तु के अनुसार, सकारात्मक ऊर्जा उत्तर-पूर्व से आती है. यदि दक्षिण-पश्चिम में द्वार या खिड़की हो, तो यह ऊर्जा बाहर निकल जाती है. परिणामस्वरूप आर्थिक अस्थिरता और मानसिक थकान बढ़ती है.

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गलत उपयोग के प्रभाव

यदि इन दिशाओं का वास्तु नियमों के विरुद्ध उपयोग किया जाए, तो समस्याएँ गंभीर हो सकती हैं. आर्थिक नुकसान, परिवार में झगड़े और स्वास्थ्य समस्याएँ आम होती हैं. भारी और गंदगी भरी जगह से निवासियों में सुस्ती और तनाव बढ़ सकता है.

सही उपयोग के उपाय

दक्षिण-पश्चिम दिशा का सही उपयोग करने पर यह स्थिरता और सुरक्षा देती है. मास्टर बेडरूम के लिए इसे सर्वोत्तम माना जाता है. भारी वस्तुएँ या स्टोर रूम रखने से घर में मजबूती आती है. सही निर्माण और साफ-सफाई के साथ यह दिशा घर में समृद्धि और स्थायित्व भी प्रदान करती है.

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वास्तु सुझाव

इस दिशा में मुख्य द्वार, पूजा घर या रसोई न बनाएं. सही वास्तु उपायों से घर में नकारात्मकता कम होती है. भारी वस्तुएँ और मास्टर बेडरूम के लिए दक्षिण-पश्चिम को उपयोग करना लाभकारी है.

दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा हमेशा अशुभ नहीं हैं. सही दिशा, निर्माण और वास्तु नियमों का पालन करने से ये दिशाएँ घर और परिवार में सुरक्षा, स्थायित्व और समृद्धि लाती हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Apr 09, 2026 08:40 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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