Akshardham Mandir Delhi: राजधानी दिल्ली में स्थित अक्षरधाम मंदिर पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र है. देश-विदेश से पर्यटक मंदिर में घूमने और दर्शन के लिए आते हैं. यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और भव्यता के लिए जाना जाता है. अब अक्षरधाम मंदिर में विशाल प्रतिमा लग चुकी है. इस दिव्य और भव्य मूर्ति का विधिवत पूजन इस महीने यानी 2026 में मार्च के अंत तक हो जाएगा. इस मंदिर में यह विशाल प्रतिमा लगने से इसकी भव्यता और अधिक बढ़ जाएगी.
गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है मंदिर का नाम
दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर का नाम पहले से ही गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है. मंदिर का नाम गिनीज बुक में विशाल संरचनात्मक कला और वास्तुकला की उपलब्धि के लिए दर्ज है. इसके साथ ही क्षेत्रफल के हिसाब से यह मंदिर सबसे बड़े व्यापक हिंदू मंदिर है. इस मंदिर का परिसर बहुत बड़ा है. यह मंदिर मंदिर लगभग 8,021 वर्ग मीटर में फैला है. इसके साथ ही मंदिर में कई खासियत हैं जिसके लिए यह आकर्षण का केंद्र है.
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108 फुट ऊंची प्रतिमा बढ़ाएगी मंदिर की भव्यता
अक्षरधाम मंदिर में नीलकंठ वर्णी की विशाल प्रतिमा खड़ी की गई है. यह प्रतिमा लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है. अक्षरधाम मंदिर परिसर में लगी यह प्रतिमा 108 फुट ऊंची और सोने जैसी चमकदार है. मंदिर परिसर में लगी प्रतिमा युवा संत नीलकंठ वर्णी की है जो एक पैर पर तपस्या मुद्रा में खड़े हैं. युवा संत नीलकंठ वर्णी की प्रतिमा तप, त्याग और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक है. बता दें कि, इस दिव्य और भव्य मूर्ति का विधिवत पूजन 2026 में मार्च के अंत में होगा.
Akshardham Mandir Delhi: राजधानी दिल्ली में स्थित अक्षरधाम मंदिर पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र है. देश-विदेश से पर्यटक मंदिर में घूमने और दर्शन के लिए आते हैं. यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और भव्यता के लिए जाना जाता है. अब अक्षरधाम मंदिर में विशाल प्रतिमा लग चुकी है. इस दिव्य और भव्य मूर्ति का विधिवत पूजन इस महीने यानी 2026 में मार्च के अंत तक हो जाएगा. इस मंदिर में यह विशाल प्रतिमा लगने से इसकी भव्यता और अधिक बढ़ जाएगी.
गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है मंदिर का नाम
दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर का नाम पहले से ही गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है. मंदिर का नाम गिनीज बुक में विशाल संरचनात्मक कला और वास्तुकला की उपलब्धि के लिए दर्ज है. इसके साथ ही क्षेत्रफल के हिसाब से यह मंदिर सबसे बड़े व्यापक हिंदू मंदिर है. इस मंदिर का परिसर बहुत बड़ा है. यह मंदिर मंदिर लगभग 8,021 वर्ग मीटर में फैला है. इसके साथ ही मंदिर में कई खासियत हैं जिसके लिए यह आकर्षण का केंद्र है.
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108 फुट ऊंची प्रतिमा बढ़ाएगी मंदिर की भव्यता
अक्षरधाम मंदिर में नीलकंठ वर्णी की विशाल प्रतिमा खड़ी की गई है. यह प्रतिमा लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है. अक्षरधाम मंदिर परिसर में लगी यह प्रतिमा 108 फुट ऊंची और सोने जैसी चमकदार है. मंदिर परिसर में लगी प्रतिमा युवा संत नीलकंठ वर्णी की है जो एक पैर पर तपस्या मुद्रा में खड़े हैं. युवा संत नीलकंठ वर्णी की प्रतिमा तप, त्याग और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक है. बता दें कि, इस दिव्य और भव्य मूर्ति का विधिवत पूजन 2026 में मार्च के अंत में होगा.