दुनिया भर में बैन, फिर भी भारत में क्यों उतरते हैं ईरान की इस एयरलाइन के विमान?
ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर हाल ही में हुए अमेरिकी हवाई हमले ने एक बार फिर 'महान एयर' (Mahan Air) को सुर्खियों में ला दिया है. ईरान का दावा है कि इस हमले में उसका एक विमान क्षतिग्रस्त हुआ. यह विमान एक अप्रैल को राहत सामग्री लेने के लिए भारत आने वाला था. 1991 में शुरू हुई यह एयरलाइन आज नागरिक उड्डयन और भू-राजनीति के सबसे विवादास्पद चौराहे पर खड़ी है. अमेरिका और यूरोप के अधिकांश देशों में बैन होने के बावजूद, महान एयर के विमान आज भी भारत की धरती पर उतरते हैं. आज हम जानेंगे, आखिर इस एयरलाइंस से जुड़ा क्या है विवाद?

ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर हाल ही में हुए अमेरिकी हवाई हमले ने एक बार फिर 'महान एयर' (Mahan Air) को सुर्खियों में ला दिया है. ईरान का दावा है कि इस हमले में उसका एक विमान क्षतिग्रस्त हुआ. यह विमान एक अप्रैल को राहत सामग्री लेने के लिए भारत आने वाला था. 1991 में शुरू हुई यह एयरलाइन आज नागरिक उड्डयन और भू-राजनीति के सबसे विवादास्पद चौराहे पर खड़ी है. अमेरिका और यूरोप के अधिकांश देशों में बैन होने के बावजूद, महान एयर के विमान आज भी भारत की धरती पर उतरते हैं. आज हम जानेंगे, आखिर इस एयरलाइंस से जुड़ा क्या है विवाद?
कब हुई शुरुआत
2 / 71991 में स्थापित महान एयर ईरान की पहली निजी एयरलाइन थी. सोवियत युग के विमानों से शुरू हुआ यह सफर आज एयरबस और बोइंग तक पहुंच चुका है, जिन्हें अक्सर प्रतिबंधों के बावजूद जटिल रास्तों से हासिल किया गया.
दुनिया ने क्यों लगाया बैन?
3 / 7अमेरिका ने 2011 में महान एयर पर बैन लगाया, आरोप था कि यह 'कुद्स फोर्स' को रसद और हथियार पहुंचाती है. जर्मनी, फ्रांस और इटली जैसे देशों ने भी सुरक्षा कारणों से इसे अपने आसमान में आने से रोक दिया.
हथियारों की तस्करी के आरोप
4 / 7पश्चिमी खुफिया एजेंसियों का दावा है कि महान एयर नागरिक उड़ानों की आड़ में सीरिया, लेबनान और रूस तक हथियार और लड़ाके पहुंचाती है. आरोप है कि इसके कई पायलटों के संबंध सीधे रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से हैं. आज, महान एयर US, UK, कनाडा और ज्यादातर यूरोप में बैन है.
सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवाल
5 / 7महान एयर का सुरक्षा रिकॉर्ड भी चिंताजनक रहा है. पुराने विमानों के कारण इंजन फेल होने और रनवे से फिसलने जैसी कई घटनाएं दर्ज हुई हैं, जिसके चलते सऊदी अरब ने इसे असुरक्षित घोषित कर बैन कर दिया था.
भारत में क्यों है एंट्री?
6 / 7दुनिया भर में पाबंदियों के बावजूद भारत ने कभी इस पर पूर्ण बैन नहीं लगाया. भारत इसे मानवीय मिशनों और निकासी के लिए इस्तेमाल करता है. कोविड-19 के दौरान भी फंसे हुए भारतीयों को लाने में इसी एयरलाइन ने मदद की थी.
डिप्लोमेसी बैलेंस
7 / 7भारत का रुख हमेशा व्यावहारिक रहा है. चाबहार पोर्ट और ईरान के साथ ऊर्जा संबंधों को देखते हुए भारत एक कूटनीतिक संतुलन बनाए रखता है, जहां सुरक्षा से ज्यादा एक्सेस और मानवीय सहायता को प्राथमिकता दी जाती है.



















