दुनिया के इस देश को तेल की जरूरत नहीं, बंद हो रहे पेट्रोल पंप! जानिए कैसे चलेगा काम?

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध को 17 दिन पूरे हो चुके हैं, ऐसे में दुनिया के कई देशों में ईंधन को लेकर संकट खड़ा हो गया है. चीन-पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं, जबकि भारत में एलपीजी को लेकर हंगामा मचा हुआ है. इस बीच आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जो पेट्रोल पर निर्भरता को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है.

Iceland renewable energy
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ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध को 17 दिन पूरे हो चुके हैं, ऐसे में दुनिया के कई देशों में ईंधन को लेकर संकट खड़ा हो गया है. चीन-पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं, जबकि भारत में एलपीजी को लेकर हंगामा मचा हुआ है. इस बीच आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जो पेट्रोल पर निर्भरता को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है.

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इस देश को तेल की जरूरत नहीं

इस देश को तेल की जरूरत नहीं2 / 9

आइसलैंड प्रकृति के अनमोल उपहारों से समृद्ध एक द्वीप राष्ट्र है, जहां ज्वालामुखीय गतिविधियों और हिमनद नदियों ने ऊर्जा क्षेत्र को पूरी तरह नवीकरणीय बना दिया है. यहां की लगभग सौ प्रतिशत बिजली हाइड्रोपावर और जियोथर्मल स्रोतों से उत्पन्न होती है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता न्यूनतम रह गई है. पेट्रोल पंपों को धीरे-धीरे बंद कर ईवी चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जो आइसलैंड को तेल संकट से अप्रभावित रखने का मजबूत आधार प्रदान करता है.

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तेल नहीं तो कैसे चलेगा देश?

तेल नहीं तो कैसे चलेगा देश?3 / 9

जमीन के गर्भ से निकलने वाली गर्म भाप और जल आइसलैंड की ऊर्जा व्यवस्था का आधार हैं. ये स्रोत घरों की हीटिंग, उद्योगों और बिजली उत्पादन के लिए पर्याप्त हैं. तेल-आधारित हीटिंग प्रणाली यहां लगभग अप्रचलित हो चुकी है.

हाइड्रोपावर की अपार क्षमता

हाइड्रोपावर की अपार क्षमता4 / 9

हिमनद नदियों से प्राप्त जल ऊर्जा देश की बिजली का 70 प्रतिशत उत्पादन करती है. जियोथर्मल के साथ मिलकर यह 100 प्रतिशत हरित बिजली सुनिश्चित करता है. कोयला या जीवाश्म ईंधन की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती.

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कृषि में जियोथर्मल का उपयोग

कृषि में जियोथर्मल का उपयोग5 / 9

ग्रीनहाउस में गर्म पानी से साल भर फसलें उगाई जाती हैं, भले ही बाहर कठोर सर्दी हो. इससे खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई है और तेल-निर्भर यंत्रों पर बोझ कम पड़ा है. आइसलैंड आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है.

इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ोतरी

इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ोतरी6 / 9

देश के 40 प्रतिशत वाहन अब इलेक्ट्रिक हैं, जो सस्ती बिजली पर निर्भर हैं. चार साल में पेट्रोल-डीजल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा. यह परिवहन को भी नवीकरणीय बनाएगा.

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ईवी चार्जिंग का मजबूत नेटवर्क

ईवी चार्जिंग का मजबूत नेटवर्क7 / 9

हर 50-100 किलोमीटर पर फास्ट चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं. पुराने पेट्रोल पंप ऊर्जा केंद्रों में परिवर्तित हो रहे हैं. पर्यटन स्थलों पर चार्जर सुविधा ने यात्रा को सुगम बना दिया है.

बंद हो रहे पेट्रोल पंप

बंद हो रहे पेट्रोल पंप8 / 9

सरकार और कंपनियां पंपों को बंद कर रही हैं, क्योंकि मांग घट गई है. सीमित सड़क नेटवर्क ने चार्जिंग विस्तार को आसान किया है. यह तेल युग का अंत दर्शाता है.

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अभी भी पड़ेगी तेल की जरूरत

अभी भी पड़ेगी तेल की जरूरत9 / 9

मछली पकड़ने के जहाज, ट्रक और विमान अभी जीवाश्म ईंधन पर हैं. हालांकि, बिजली और हीटिंग पूरी तरह सुरक्षित हैं. छोटी आबादी (3.8 लाख) प्रबंधन को सरल बनाती है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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