100 लीटर कच्चे तेल को रिफाइनरी में तपाने पर उससे क्या-क्या निकलता है? जानें यहां
100 लीटर कच्चे तेल को रिफाइनरी में गर्म करने पर आखिर क्या-क्या निकलता है, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है, आइए इसे आसान तरीके से समझते हैं.

जमीन से निकलने वाला गाढ़ा और काला कच्चा तेल सीधे किसी काम का नहीं आता है. इसे बड़ी-बड़ी भट्ठियों में उबालकर पेट्रोल और डीजल जैसे जरूरी ईंधनों में बदला जाता है.
डीजल और पेट्रोल
2 / 6100 लीटर कच्चे तेल से सबसे ज्यादा लगभग 43 लीटर डीजल प्राप्त होता है. इसके बाद करीब 27 लीटर पेट्रोल निकलता है जो गाड़ियों को सड़कों पर दौड़ने की ताकत देता है.
विमान और रसोई गैस
3 / 6आसमान में उड़ने वाले विमानों के लिए करीब 9 लीटर जेट फ्यूल तैयार किया जाता है. इसी की प्रोसेसिंग से लगभग 5 लीटर एलपीजी गैस भी निकलती है जो किचन तक पहुंचती है.
उबालने की प्रक्रिया
4 / 6कच्चे तेल को विशाल टावर में 400 डिग्री सेल्सियस तक उबाला जाता है जिससे वह भाप बनता है. हल्की गैसें टावर में सबसे ऊपर जमा होती हैं और भारी डामर नीचे बैठ जाता है.
डामर और प्लास्टिक
5 / 6बाकी बचे हिस्से से सड़क बनाने वाला डामर और मशीनों के लिए लुब्रिकेंट तेल तैयार होता है. इसी से मोमबत्ती वाला मोम और प्लास्टिक का कच्चा माल भी बड़े पैमाने पर निकलता है.
कॉस्मेटिक्स और कपड़े
6 / 6लिपस्टिक और पेट्रोलियम जेली जैसे कॉस्मेटिक्स की चमक इसी कच्चे तेल की ही देन है. यहां तक कि आपके कपड़ों में इस्तेमाल होने वाला नायलॉन और पॉलिएस्टर भी इसी से बनता है.



















