पृथ्वी का सबसे विशाल झरना कहां है? ऊंचाई 4 बुर्ज खलीफा के बराबर, फिर भी देख नहीं सकते आप

पृथ्वी का सबसे बड़ा झरना डेनमार्क स्ट्रेट कैटरेक्ट है, जो आइसलैंड और ग्रीनलैंड के बीच आर्कटिक जल में छिपा हुआ है. यह पूरी तरह से समुद्र की सतह के नीचे स्थित है.

Denmark Strait Cataract
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पृथ्वी का सबसे बड़ा झरना डेनमार्क स्ट्रेट कैटरेक्ट है, जो आइसलैंड और ग्रीनलैंड के बीच आर्कटिक जल में छिपा हुआ है. यह पूरी तरह से समुद्र की सतह के नीचे स्थित है, जहां ठंडा और नमकीन पानी कारण तेजी से नीचे की ओर बहता है. इसकी ऊंचाई लगभग 11,500 फीट (3,500 मीटर) है, जो धरती पर मौजूद किसी भी झरने से कहीं अधिक है.

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दुनिया का सबसे विशाल झरना

दुनिया का सबसे विशाल झरना2 / 8

नायाग्रा फॉल्स की ऊंचाई महज 167 फीट और एंजेल फॉल्स 3212 फीट है, लेकिन डेनमार्क स्ट्रेट कैटरेक्ट इन दोनों से कई गुना ऊंचा और विशाल है. यहां पानी की धारा धीमी गति से बहती है, क्योंकि इसका पानी काफी गाढ़ा है, ना कि अन्य नदियों जैसा पतला. इसकी गति करीब 1.6 फीट प्रति सेकंड होती है, फिर भी इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर गहरा है.

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समुद्र के बहता है झरना

समुद्र के बहता है झरना3 / 8

यह झरना नॉर्डिक सीज से आने वाला ठंडा, नमकीन पानी का मिश्रण है जो गर्म अटलांटिक पानी के नीचे डूब जाता है. ग्रीनलैंड-आइसलैंड रिज पर एक छिपी चट्टान इस 'लीज' का काम करती है, जहां से पानी नीचे की ओर गिरता है. कोरियोलिस प्रभाव के कारण यह धारा ग्रीनलैंड की ओर थोड़ी ऊंची रहती है.

महासागर के लिए जरूरी ये झरना

महासागर के लिए जरूरी ये झरना4 / 8

प्रति सेकंड 3.2 मिलियन क्यूबिक मीटर से अधिक पानी यहां से गुजरता है, जो अमेजन नदी के प्रवाह से भी कहीं ज्यादा है. यह विशाल मात्रा अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (एएमओसी) के निचले हिस्से को मजबूती देती है. इस 'कन्वेयर बेल्ट' से गर्मी, ऑक्सीजन और पोषक तत्व पूरे महासागर में वितरित होते हैं.

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जलवायु परिवर्तन का बुरा असर

जलवायु परिवर्तन का बुरा असर5 / 8

जलवायु परिवर्तन इस प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है, क्योंकि आर्कटिक का गर्म होना लवणता और तापमान पैटर्न बदल रहा है. यदि प्रवाह कमजोर हुआ तो यूरोप में ठंड बढ़ सकती है और ट्रॉपिकल तूफान नए रास्ते अपनाएंगे. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बदलाव वैश्विक मौसम प्रणाली को गहराई से प्रभावित कर सकता है.

कैसे हुई थी खोज?

कैसे हुई थी खोज?6 / 8

इस कैटरेक्ट की खोज दशकों पहले तापमान और नमक मापन से हुई थी. अब ऑटोनॉमस ग्लाइडर्स, डीप-सी लैंडर्स और सैटेलाइट से इसकी निगरानी की जा रही है. फिर भी इसका पूरा वीडियो या 3डी मैप अभी तक उपलब्ध नहीं है.

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महासागर का सर्कुलेशन सिस्टम

महासागर का सर्कुलेशन सिस्टम7 / 8

ध्रुवीय क्षेत्रों में ऐसे डेंस वॉटर ओवरफ्लो सबसे तीव्र होते हैं, जहां समुद्री बर्फ बनने से पानी घना होकर नीचे डूबता है. यह प्रक्रिया महासागर की सर्कुलेशन सिस्टम का 'दिल' मानी जाती है. वैज्ञानिक इसे पृथ्वी की जलवायु नियंत्रण प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हैं.

क्यों जरूरी है ये अदृश्य झरना?

क्यों जरूरी है ये अदृश्य झरना?8 / 8

इस अदृश्य झरने का प्रभाव रोजमर्रा की जिंदगी में दिखता है, क्योंकि यह गल्फ स्ट्रीम के माध्यम से यूरोप को गर्म रखता है और समुद्री जीवन को पोषण देता है. मछली पकड़ने से लेकर मौसम तक, यह छिपा हुआ दैत्य चुपचाप ग्रह की संतुलन बनाए रखता है. वैज्ञानिक इसकी गहराई समझने के लिए अभी भी रिसर्च कर रहे हैं. Images : AI Generated

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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