साल में एक बार खुलता है 800 साल पुराना ये मंदिर, 12 महीने तक बिना तेल-बाती जलता है दीपक
कर्नाटक के हसन जिले में एक ऐसा अनोखा मंदिर है जो साल में सिर्फ एक बार खुलता है. इस मंदिर के रहस्य और चमत्कार सुनकर वैज्ञानिक भी हैरान रह जाते हैं!

2 / 6यह मंदिर 12वीं सदी में होयसला शैली में बनाया गया था. मंदिर की बनावट चींटी के टीले जैसी है और यहां रावण की वीणा बजाती दुर्लभ मूर्ति मौजूद है.
3 / 6दिवाली पर मंदिर बंद करते समय वहां चावल और घी का दीपक रखा जाता है. एक साल बाद जब कपाट खुलते हैं तो दीपक जलता हुआ मिलता है.
4 / 6हैरानी की बात यह है कि एक साल पुराने चावल खराब नहीं होते और गर्म रहते हैं. मंदिर के फूल भी साल भर बाद एकदम ताजे और सुगंधित मिलते हैं.
5 / 6मान्यता है कि सात दिव्य माताएं यहां आकर बस गई थीं. मां हसनंबा अपने भक्तों की हर मुराद हंसते हुए पूरी करती हैं.
6 / 6यहां एक पत्थर है जो हर साल एक चावल के दाने बराबर आगे बढ़ता है. कहते हैं जिस दिन यह पत्थर देवी तक पहुंचेगा उस दिन कलियुग खत्म हो जाएगा.



















