क्या है हिमालय और होर्मुज स्ट्रेट का कनेक्शन, दोनों में दूरी 1500KM की, फिर भी एक ही कोख से कैसे जन्मे?
एक तरफ हिमालय की बर्फीली चोटियां हैं और दूसरी तरफ ईरान के पास स्थित होर्मुज स्ट्रेट की लहरें, जहां से दुनिया का कच्चा तेल का पांचवां हिस्सा गुजरता है. दिखने में ये दोनों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों का जन्मदाता एक ही है? एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, करोड़ों साल पहले 'टेथिस' नाम का एक विशाल महासागर हुआ करता था. पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल ने इस समंदर को गायब कर दिया, लेकिन जाते-जाते यह दुनिया को दो ऐसी चीजें दे गया जिन्होंने भूगोल और भू-राजनीति दोनों बदल दीं. आज जानेंगे हिमालय और होर्मुज के इस अनोखे कनेक्शन के बारे में...

एक तरफ हिमालय की बर्फीली चोटियां हैं और दूसरी तरफ ईरान के पास स्थित होर्मुज स्ट्रेट की लहरें, जहां से दुनिया का कच्चा तेल का पांचवां हिस्सा गुजरता है. दिखने में ये दोनों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों का जन्मदाता एक ही है? एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, करोड़ों साल पहले 'टेथिस' नाम का एक विशाल महासागर हुआ करता था. पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल ने इस समंदर को गायब कर दिया, लेकिन जाते-जाते यह दुनिया को दो ऐसी चीजें दे गया जिन्होंने भूगोल और भू-राजनीति दोनों बदल दीं. आज जानेंगे हिमालय और होर्मुज के इस अनोखे कनेक्शन के बारे में...
जहां आज पहाड़ हैं, वहां कभी लहरें थीं
2 / 6करीब 25 करोड़ साल पहले धरती पर दो बड़े भूभाग थे - उत्तर में लौरेशिया और दक्षिण में गोंडवाना. इनके बीच फैला था विशाल टेथिस सागर. आज का हिमालय और होर्मुज इसी सागर की कोख से जन्मे हैं.
जब आपस में भिड़ गईं प्लेटें
3 / 6जैसे-जैसे समय बीता, अरब की प्लेट उत्तर की ओर खिसकी और यूरेशियाई प्लेट से टकरा गई. इस टक्कर से टेथिस सागर सिकुड़ने लगा और जो संकरा रास्ता बच गया, उसे ही आज हम 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' कहते हैं.
होर्मुज का निर्माण
4 / 6अरब और यूरेशिया की इसी टक्कर ने ईरान की जाग्रोस पहाड़ियों को जन्म दिया. इस दबाव ने समंदर को एक पतली नली में बदल दिया, जो आज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम रणनीतिक रास्ता है.
समंदर की तली से आसमान तक
5 / 6करीब 5 करोड़ साल पहले जब भारतीय प्लेट यूरेशिया से टकराई, तो टेथिस सागर की तलछट ऊपर की ओर मुड़ने लगी. इसी मलबे ने दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला 'हिमालय' का निर्माण किया.
पहाड़ों पर मिलते हैं शंख और सीप
6 / 6हिमालय और होर्मुज के रिश्ते का सबसे बड़ा सबूत यह है कि आज भी माउंट एवरेस्ट की चोटियों पर समुद्री जीवों के जीवाश्म मिलते हैं. यानी जो पत्थर आज आसमान छू रहे हैं, वे कभी समंदर की गहराई में थे.



















