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आमतौर पर कार में ब्रेक फ्लुइड को हर 2 साल में बदलने की सलाह दी जाती है. हालांकि हर कार के लि यह समय एक जैसा नहीं होता. इसलिए अपनी कार के सर्विस मैनुअल में दिए गए निर्देशों को जरूर देखें.
कुछ कारों में ज्यादा समय लग सकता है

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कुछ कारों में ब्रेक फ्लुइड को 3 साल या उससे भी ज्यादा समय बाद बदलने की जरूरत पड़ सकती है. यह कार के मॉडल और कंपनी की गाइडलाइन पर निर्भर करता है. इसलिए सिर्फ एक तय समय के आधार पर फैसला न लें.
ब्रेक फ्लुइड में नमी क्यों बढ़ती है?

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समय के साथ ब्रेक फ्लुइड नमी सोख सकता है. इसकी वजह से फ्लुइड की क्षमता प्रभावित हो सकती है और ब्रेकिंग सिस्टम के परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ सकता है. इसकी कारण समय-समय पर इसकी स्थिति जांचना जरूरी है.
ब्रेक पेडल मुलायम लगे तो सावधान

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अगर ब्रेक दबाने पर पेडल पहले की तुलना में ज्यादा मुलायम महसूस होने लगा है तो इसे नजरअंदाज न करें. ऐसी स्थिति में ब्रेक सिस्टम की जांच करवाना बेहतर होता है, ताकि किसी संभावित समस्या का समय रहते पता चल सके.
ब्रेक लगाने में ज्यादा समय लगे तो जांच कराएं

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अगर ब्रेक लगाने के बाद कार को रुकने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है तो इसे सामान्य न समझें. ये ब्रेकिंग सिस्टम से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है.
फ्लुइड का रंग भी देता है संकेत

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अगर ब्रेक फ्लुइड का रंग बहुत गहरा और गंदा दिखाई देने लगे तो इसकी जांच करवाना बेहतर है. कार की नियमित सर्विसिंग के दौरान ब्रेक फ्लुइड का लेवल और उसकी स्थिति जरूर चेक करवाएं.
समय पर बदलना क्यों जरूरी?

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ब्रेक फ्लुइड को सही समय पर बदलन से ब्रेकिंग सिस्टम का प्रदर्शन बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है. साथ ही ये गाड़ी की ब्रेकिंग से जुड़ी सुरक्षा के लिए भी जरूरी है.