Yoga Day History: दुनियाभर में 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस, क्या आप जानते हैं इसके पीछे की वजह?
International Yoga Day: 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के पीछे कई कारण हैं. यह दिन हमें योग की प्राचीन जड़ों से जोड़ने का काम करता है. साथ ही, याद दिलाता है कि योग सिर्फ एक व्यायाम नहीं, बल्कि हेल्दी रहने की एक आर्ट है.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: Jun 21, 2026 08:00
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Yoga Diwas 2026: योग हमारी लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा है. रोजाना अगर रूटीन में शामिल किया जाए तो परेशानी काफी हद तक हल हो सकती है, इसलिए योग करने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोर दिया जाता है. इसलिए हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. इस दिन लाखों लोग पार्क, स्कूल, ऑफिस और खुली जगहों पर एक साथ योग करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख ही क्यों चुनी गई? इसके पीछे सिर्फ एक कारण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व छिपा हुआ है. हालांकि, हर साल योग दिवस पर एक थीम तय की जाती है, जिसे ग्लोबल स्तर पर माना जाता है. इस बार की थीम स्वस्थ आयु के लिए योग के नाम पर रखी गई है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि योग दिवस की शुरुआत कब और कैसे की गई थी.
योग भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसका इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है. योग सिर्फ शारीरिक योग नहीं, बल्कि शरीर को हेल्दी रखने की एक आर्ट है. इसलिए साल 2014 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था.
177 देशों का समर्थन मिला
भारत के इस प्रस्ताव को दुनिया के 177 देशों का समर्थन मिला, जो संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे अच्छे प्रस्तावों में से एक था. इसके बाद, 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया. इसके बाद से ही पूरी दुनिया में योग दिवस को मनाया जाने लगा.
21 जून की तारीख ही क्यों चुनी गई?
साल का सबसे बड़ा दिन 21 जून को माना जाता है. इसे 'ग्रीष्म अयनांत' कहा जाता है. इस दिन सूर्य की रोशनी सबसे अधिक समय तक पृथ्वी पर रहती है. माना जाता है कि यह दिन ऊर्जा, सकारात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक है. इसलिए योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख को चुना गया.
आध्यात्मिक के नजरिए से क्यों खास है यह दिन?
योग परंपरा के अनुसार, ग्रीष्म अयनांत के बाद सूर्य दक्षिणायन की ओर बढ़ना शुरू करता है. भारतीय संस्कृति में इस समय काफी अच्छा माना जाता है. इसी अवधि में योगी भगवान शिव ने अपने ज्ञान को सप्तऋषियों को देना शुरू किया था.
योग दिवस का उद्देश्य क्या है?
संयुक्त राष्ट्र ने योग दिवस का उद्देश्य लोगों को हेल्दी लाइफ अपनाने, दिमाग को सुकून देने और फिटनेस के प्रति जागरूक करने का है. हालांकि, हर रोज योग करना चाहिए, लेकिन 21 जून को भूल जाने वाले लोगों को खासतौर से याद दिलाया जाता है कि योग हेल्थ के लिए कितना फायदेमंद है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Yoga Diwas 2026: योग हमारी लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा है. रोजाना अगर रूटीन में शामिल किया जाए तो परेशानी काफी हद तक हल हो सकती है, इसलिए योग करने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोर दिया जाता है. इसलिए हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. इस दिन लाखों लोग पार्क, स्कूल, ऑफिस और खुली जगहों पर एक साथ योग करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख ही क्यों चुनी गई? इसके पीछे सिर्फ एक कारण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व छिपा हुआ है. हालांकि, हर साल योग दिवस पर एक थीम तय की जाती है, जिसे ग्लोबल स्तर पर माना जाता है. इस बार की थीम स्वस्थ आयु के लिए योग के नाम पर रखी गई है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि योग दिवस की शुरुआत कब और कैसे की गई थी.
योग भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसका इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है. योग सिर्फ शारीरिक योग नहीं, बल्कि शरीर को हेल्दी रखने की एक आर्ट है. इसलिए साल 2014 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था.
177 देशों का समर्थन मिला
भारत के इस प्रस्ताव को दुनिया के 177 देशों का समर्थन मिला, जो संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे अच्छे प्रस्तावों में से एक था. इसके बाद, 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया. इसके बाद से ही पूरी दुनिया में योग दिवस को मनाया जाने लगा.
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21 जून की तारीख ही क्यों चुनी गई?
साल का सबसे बड़ा दिन 21 जून को माना जाता है. इसे ‘ग्रीष्म अयनांत’ कहा जाता है. इस दिन सूर्य की रोशनी सबसे अधिक समय तक पृथ्वी पर रहती है. माना जाता है कि यह दिन ऊर्जा, सकारात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक है. इसलिए योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख को चुना गया.
आध्यात्मिक के नजरिए से क्यों खास है यह दिन?
योग परंपरा के अनुसार, ग्रीष्म अयनांत के बाद सूर्य दक्षिणायन की ओर बढ़ना शुरू करता है. भारतीय संस्कृति में इस समय काफी अच्छा माना जाता है. इसी अवधि में योगी भगवान शिव ने अपने ज्ञान को सप्तऋषियों को देना शुरू किया था.
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योग दिवस का उद्देश्य क्या है?
संयुक्त राष्ट्र ने योग दिवस का उद्देश्य लोगों को हेल्दी लाइफ अपनाने, दिमाग को सुकून देने और फिटनेस के प्रति जागरूक करने का है. हालांकि, हर रोज योग करना चाहिए, लेकिन 21 जून को भूल जाने वाले लोगों को खासतौर से याद दिलाया जाता है कि योग हेल्थ के लिए कितना फायदेमंद है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.