---विज्ञापन---

Gentle Parenting: जेंटल पैरेंटिंग बच्चे के लिए किस-किस तरह से फायदेमंद हो सकती है, जानिए कैसे होती है यह परवरिश

What Is Gentle Parenting: जेंटल पैरेंटिंग परवरिश का ही एक तरीका है जिसके पक्ष में ही नहीं बल्कि विपक्ष में भी बहुत से लोग हैं, ऐसे में यहां जानिए जेंटल पैरेंटिंग क्या है और यह बच्चे पर कैसा असर डालती है.

---विज्ञापन---

Parenting: माता-पिता बच्चे की परवरिश में अलग-अलग तरीके आजमाते हैं. कोई बच्चे को बहुत लाड़ से रखने की कोशिश करता है तो कोई सख्ती बरतता है. बहुत से लोग बच्चे को उसके हाल पर छोड़कर चीजें सिखाने की कोशिश करते हैं तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बच्चे के हर एक कदम पर नजर रखते हैं. इन अलग-अलग पैरेंटिंग स्टाइल्स (Parenting Styles) का मकसद एक ही है, बच्चे को बेहतर परवरिश देना. ऐसा ही एक पैरेंटिंग स्टाइल है जेंटल पैरेंटिंग. इंटरनेट पर शायद आपने इस पैरेंटिंग स्टाइल के बारे में सुना होगा. जेंटल पैरेंटिंग (Gentle Parenting) क्या है, यह कैसे काम करती है और इसके बच्चे को क्या फायदे मिलते हैं, जानिए यहां.

यह भी पढ़ें – बच्चों का कॉन्फिडेंस कैसे बढ़ाएं? इन 5 तरीकों से स्टेज पर बेझिझक बोलने लगेगा आपका लाडला

---विज्ञापन---

क्या है जेंटल पैरेंटिंग | What Is Gentle Parenting

जेंटल पैरेंटिंग परवरिश का एक ऐसा प्रकार है जिसमें माता-पिता बच्चे को रिस्पेक्ट, उदारता और उससे बातचीत से चीजें समझाने की कोशिश करते हैं, अगर बच्चा कोई गलती करता भी है तो उसे डांटने या उसे झड़पने के बजाय पैरेंट्स उसे प्यार से समझाते हैं. कोशिश की जाती है कि बच्चे को किसी तरह का दंड ना दिया जाए और उसके अच्छे व्यवाहर पर उसे रिवॉर्ड दिया जाए.

जेंटल पैरेंटिंग के क्या फायदे होते हैं

---विज्ञापन---

रिश्ता गहराता है – जेंटल पैरेंटिंग में बच्चे और माता-पिता के रिश्ते कई ज्यादा मजबूत होने लगते हैं. बच्चे खुद को पैरेंट्स के ज्यादा करीब महसूस करते हैं. इसमें बच्चे माता-पिता से ओपन अप होते हैं और किशोरावस्था में खासतौर से किसी तरह के खतरे में पड़ने से बचते हैं.

सेल्फ अवेयरनेस – जिन बच्चों के पैरेंट्स उनके साथ जेंटल होते हैं उन बच्चों को अपने इमोशंस बेहतर तरह से समझ आते हैं और वे खुद को लेकर ज्यादा अवेयर होते हैं.

---विज्ञापन---

पारिवारिक माहौल बेहतर होता है – फैमिली डायनेमिक्स बेहतर होने में जेंटल पैरेंटिंग का बड़ा रोल देखने को मिलता है. परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर समझ होती है, सम्मान की भावना ज्यादा देखी जाती है और परिवार के लोग एकदूसरे के करीब होते हैं.

सोशल स्किल्स बेहतर होती है – जेंटल पैरेंटिंग में बच्चों को बेहतर सोशल स्किल्स डेवलप किया हुआ देखा जाता है. बच्चे उदार भाव को समझते हैं, डिसिप्लिन में जबरदस्ती नहीं बल्कि अपनी मर्जी से रहते हैं और बाउंडरीज भी बेहतर तरह से समझ पाते हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें – क्या आप भी उठाते हैं बच्चे पर हाथ? एक्सपर्ट ने बताया बच्चे को मारने पर क्या पड़ता है नन्हे-मुन्ने पर असर

First published on: Feb 01, 2026 04:02 PM

End of Article

About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

Read More

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola