FSSAI New Rules: जंग लगे चाकू और टूटे ब्लेड पर सख्त हुई FSSAI, रेस्टोरेंट-ढाबों के लिए जारी हुई कड़ी एडवायजरी
FSSAI ने रेस्टोरेंट और ढाबों में जंग लगे चाकू और टूटे ब्लेड के इस्तेमाल पर कड़ी एडवाइजरी जारी की है. भोजन को बैक्टीरिया और दूषित कणों से बचाने के लिए जारी किए गए इन नए नियमों को लेकर क्या आदेश दिया गया है, यहां जानिए.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jun 24, 2026 16:59
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jun 24, 2026 16:59
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जंग लगे चाकू और टूटे ब्लेड पर सख्त हुई FSSAI (Image:Pexels)
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आजकल बाहर खाना खाना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है. वीकेंड पर परिवार के साथ डिनर हो, दोस्तों के साथ पार्टी हो या ऑफिस के बाद जल्दी से खाना खाने की मजबूरी, लोग बड़ी संख्या में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का रुख करते हैं. आमतौर पर ग्राहक साफ टेबल, अच्छी सजावट और एसी वाले माहौल को देखकर संतुष्ट हो जाते हैं और सोचते हैं कि यहीं सबसे साफ और अच्छा खाना मिलेगा. लेकिन असली सवाल किचन की साफ-सफाई और वहां इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का है. इसी बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लिए एक अहम एडवायजरी जारी की है, जिसको नजरअंदाज करना सभी रेस्टोरेंट-ढाबों के लिए भारी पड़ सकता है.
FSSAI की ओर से 15 जून 2026 को जारी सलाह में साफ कहा गया है कि कई खाद्य प्रतिष्ठानों में सब्जियां, फल, मीट और अन्य खाद्य पदार्थ काटने के लिए ऐसे चाकू, ब्लेड और कटिंग उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं जो जंग लगे, टूटे, घिसे हुए या खराब हालत में हैं. ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल सिर्फ सफाई का मामला नहीं, बल्कि सीधे फूड सेफ्टी का मुद्दा है. खराब चाकू के टूटे हिस्सों, जंग या उखड़ी हुई परत के छोटे कण खाने में मिल सकते हैं. साथ ही, दरारों और कटे किनारों में गंदगी व बैक्टीरिया जमा होने का खतरा भी बढ़ जाता है. यही वजह है कि FSSAI ने इसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम मानते हुए देशभर के होटल, ढाबों, फूड स्टॉल और रेस्टोरेंट्स को सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं.
अब किचन में क्या-क्या रखना होगा ध्यान
FSSAI की एडवायजरी के मुताबिक फूड बिजनेस चलाने वालों को अब कुछ बातों का सख्ती से पालन करना होगा.
सिर्फ फूड-ग्रेड और जंग-रोधी स्टेनलेस स्टील के चाकू/ब्लेड इस्तेमाल किए जाएं.
जंग लगे, टूटे, घिसे या उखड़ी कोटिंग वाले उपकरण तुरंत किचन से हटाए जाएं.
हर इस्तेमाल के बाद चाकू और कटिंग टूल्स की अच्छी तरह सफाई की जाए और उन्हें सूखी जगह पर रखा जाए.
किचन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की नियमित जांच और समय-समय पर बदलाव सुनिश्चित किया जाए.
इन नियमों का मकसद सिर्फ दिखावटी सफाई नहीं, बल्कि भोजन को दूषित होने से बचाना और ग्राहकों की सेहत की रक्षा करना है.
नियम तोड़ना डाल सकता है मुश्किलों में
FSSAI ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के फूड सेफ्टी अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे नियमित निरीक्षण के दौरान अब किचन में इस्तेमाल हो रहे चाकू, ब्लेड और अन्य कटिंग उपकरणों की हालत पर खास नजर रखें. अगर किसी होटल, ढाबे या फूड स्टॉल में खराब, जंग लगे या असुरक्षित उपकरण पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है. इसमें जुर्माना, नोटिस और गंभीर मामलों में लाइसेंस पर असर तक शामिल हो सकता है.
आजकल बाहर खाना खाना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है. वीकेंड पर परिवार के साथ डिनर हो, दोस्तों के साथ पार्टी हो या ऑफिस के बाद जल्दी से खाना खाने की मजबूरी, लोग बड़ी संख्या में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का रुख करते हैं. आमतौर पर ग्राहक साफ टेबल, अच्छी सजावट और एसी वाले माहौल को देखकर संतुष्ट हो जाते हैं और सोचते हैं कि यहीं सबसे साफ और अच्छा खाना मिलेगा. लेकिन असली सवाल किचन की साफ-सफाई और वहां इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का है. इसी बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लिए एक अहम एडवायजरी जारी की है, जिसको नजरअंदाज करना सभी रेस्टोरेंट-ढाबों के लिए भारी पड़ सकता है.
FSSAI की ओर से 15 जून 2026 को जारी सलाह में साफ कहा गया है कि कई खाद्य प्रतिष्ठानों में सब्जियां, फल, मीट और अन्य खाद्य पदार्थ काटने के लिए ऐसे चाकू, ब्लेड और कटिंग उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं जो जंग लगे, टूटे, घिसे हुए या खराब हालत में हैं. ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल सिर्फ सफाई का मामला नहीं, बल्कि सीधे फूड सेफ्टी का मुद्दा है. खराब चाकू के टूटे हिस्सों, जंग या उखड़ी हुई परत के छोटे कण खाने में मिल सकते हैं. साथ ही, दरारों और कटे किनारों में गंदगी व बैक्टीरिया जमा होने का खतरा भी बढ़ जाता है. यही वजह है कि FSSAI ने इसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम मानते हुए देशभर के होटल, ढाबों, फूड स्टॉल और रेस्टोरेंट्स को सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं.
अब किचन में क्या-क्या रखना होगा ध्यान
FSSAI की एडवायजरी के मुताबिक फूड बिजनेस चलाने वालों को अब कुछ बातों का सख्ती से पालन करना होगा.
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सिर्फ फूड-ग्रेड और जंग-रोधी स्टेनलेस स्टील के चाकू/ब्लेड इस्तेमाल किए जाएं.
जंग लगे, टूटे, घिसे या उखड़ी कोटिंग वाले उपकरण तुरंत किचन से हटाए जाएं.
हर इस्तेमाल के बाद चाकू और कटिंग टूल्स की अच्छी तरह सफाई की जाए और उन्हें सूखी जगह पर रखा जाए.
किचन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की नियमित जांच और समय-समय पर बदलाव सुनिश्चित किया जाए.
इन नियमों का मकसद सिर्फ दिखावटी सफाई नहीं, बल्कि भोजन को दूषित होने से बचाना और ग्राहकों की सेहत की रक्षा करना है.
नियम तोड़ना डाल सकता है मुश्किलों में
FSSAI ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के फूड सेफ्टी अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे नियमित निरीक्षण के दौरान अब किचन में इस्तेमाल हो रहे चाकू, ब्लेड और अन्य कटिंग उपकरणों की हालत पर खास नजर रखें. अगर किसी होटल, ढाबे या फूड स्टॉल में खराब, जंग लगे या असुरक्षित उपकरण पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है. इसमें जुर्माना, नोटिस और गंभीर मामलों में लाइसेंस पर असर तक शामिल हो सकता है.