'हमारा अधिकार कोई कैसे ले सकता है', क्या पाकिस्तान जाने वाला पानी रोक देगा भारत? केंद्रीय मंत्री CR पाटिल ने दिया जवाब

सीआर पाटिल ने कहा, गुजरात में पॉपुलेशन बढ़ेगा, इंडस्ट्री की पॉपुलेशन बढ़ेगी और एनर्जी की अपनी भी जो आवश्यकता है, वो भी बढ़ रही है. सेमीकंडक्टर में पानी की आवश्यकता बहुत होती है और गुजरात में किस तरह से इंडस्ट्री को पानी की व्यवस्था हो, उसके ऊपर भी काम हो रहा है.

SUMMIT 2026 2.jpg

न्यूज 24 भारत निर्माण समिट 2026 में पहुंचे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री

नई दिल्ली में आयोजित न्यूज 24 भारत निर्माण समिट 2026 में पहुंचे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने जल संरक्षण और पाकिस्तान जाने वाले पानी पर सवालों का जवाब दिया. उन्होंने लोगों से जल संरक्षण करने के लिए लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने घरों में ऐसी व्यवस्था बनाएं कि पानी सीधे जमीन में जाए, इसके लिए सिर्फ 700 रुपये तक का खर्च आता है. पाकिस्तान जाने वाले पानी को लेकर जब सीआर पाटिल से सवाल किया गया तो उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि भारत का अधिकार कोई और कैसे ले सकता है.

विज्ञापन

क्या पाकिस्तान जाएगा भारत का पानी?

सीआर पाटिल ने कहा कि भारत का पानी भारत के लोगों और उद्योगों के काम आना चाहिए. उनके मुताबिक, जो पानी भारत में उपलब्ध है, उसे देश के भीतर ही इस्तेमाल करने की व्यवस्था की जानी चाहिए. पाकिस्तान को लेकर उन्होंने स्पष्ट करने की कोशिश की कि बात यह नहीं है कि भारत के हिस्से का पानी भारत में ही इस्तेमाल होगा. उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री आएगी तो पानी की आवश्यकता तो होगी. जैसे मैं सूरत से आता हूं, आने वाले पचास साल में जब पॉपुलेशन बढ़ेगा और इंडस्ट्री आएगी, उसके लिए हमें पानी की व्यवस्था की है, हमने बड़ा स्टैप बनाया है.

विज्ञापन

सीआर पाटिल ने आगे कहा, गुजरात में पॉपुलेशन बढ़ेगा, इंडस्ट्री की पॉपुलेशन बढ़ेगी और एनर्जी की अपनी भी जो आवश्यकता है, वो भी बढ़ रही है. सेमीकंडक्टर में पानी की आवश्यकता बहुत होती है और गुजरात में किस तरह से इंडस्ट्री को पानी की व्यवस्था हो, उसके ऊपर भी काम हो रहा है.

विज्ञापन

बड़े बांध बनाना बहुत लंबा और महंगा काम

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि बड़े बांध बनाना बहुत लंबा और महंगा काम है. एक बांध बनाने में करीब 25 साल लग सकते हैं और हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं. साथ ही किसानों की जमीन भी प्रभावित होती है. इसके मुकाबले जल संचय और बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने का काम जल्दी किया जा सकता है. इससे कुओं और बोरवेल में पानी का स्तर बढ़ सकता है और पानी की गुणवत्ता में भी सुधार हो सकता है. जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक नल के जरिए साफ पेयजल पहुंचाना है. अब तक करीब 16 करोड़ घरों तक नल से पानी पहुंचाया जा चुका है, जबकि लगभग 3 करोड़ घरों तक और पानी पहुंचाना बाकी है. इसे 31 दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ