Russia Ukraine War: रूस ने कहा है कि भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान मॉस्को और कीव के बीच शांति बातचीत को आसान बनाने की कोशिशों में मदद करने की ख्वाहिश जताई है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शांति प्रक्रिया में योगदान देने की उनकी तैयारी का स्वागत किया है.
कोशिश करते रह गए ट्रंप
ये घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत फिर से शुरू करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि लड़ाई खत्म करने के लिए बार-बार डिप्लोमैटिक कोशिशें की जा रही हैं. हालांकि भारत और चीन को इस काम में पॉजिटिव प्रोग्रेस देखने को मिल रहा है.
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भारत-चीन की बड़ी कामयाबी
भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के बीच करीबी बातचीत भी ब्रिक्स मीटिंग की एक खास बात थी. तीनों नेताओं की मुस्कुराते और हाथ पकड़े तस्वीरों ने उनके पब्लिक में साथ को दिखाया और बड़ी ताकतों के बीच करीबी तालमेल को दिखाया.
भारत का रोल क्यों मायने रखता है?
रूस और यूक्रेन के बीच एक पुल के तौर पर भारत का पोटेंशियल रोल अहम है क्योंकि नई दिल्ली दोनों पक्षों के साथ डिप्लोमैटिक रिश्ते बनाए रखता है. पिछले कुछ सालों में, पीएम मोदी ने बार-बार पुतिन से कहा है कि लड़ाई के किसी भी पक्ष के साथ सीधे तालमेल से बचते हुए बातचीत और डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाएं.
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हाल ही में एक मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि जंग का मसला सुलझाने के लिए बातचीत जरूरी है और कहा कि भारत शांति की कोशिशों को सपोर्ट करने के लिए तैयार है. उन्होंने पहले रूसी नेता से ‘कभी न खत्म होने वाले युद्ध’ से ‘युद्ध के अंत’ की ओर बढ़ने की गुजारिश की थी. मोदी ने 2022 में भी ऐसा ही संदेश दिया था, जब उन्होंने पुतिन से कहा था कि आज का दौर ‘युद्ध का दौर नहीं है’.
US के शांति प्रयासों में रुकावटें
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में पुतिन से बात की और यूक्रेन संघर्ष को जल्दी खत्म करने पर जोर दिया, ये तर्क देते हुए कि शांति यूएस-रूस के रिश्तों को फिर से बेहतर करने में भी मदद कर सकती है. अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने वाशिंगटन के डिप्लोमैटिक कोशिशों के तहत अलग-अलग मॉस्को और कीव का दौरा किया था, लेकिन इन दौरों से कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली. इस बीच व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच भविष्य में आमने-सामने की संभावित मुलाकात को लेकर अटकलें जारी हैं, जो शायद इस साल के आखिर में जी20 समिट में हो सकती है.