प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ में वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रमुखों के साथ अहम बैठक की. File Photo
विज्ञापन
18वें ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा, ”छोटे उद्यमों को नॉलेज, फाइनेंस और नए मार्केट से जोड़ने के लिए ब्रिक्स MSMI कोऑपरेशन पोर्टल का इनिशिएटिव लिया गया है. वहीं हमारे शहरों के बीच बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने के लिए ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब की स्थापना की गई है.” पीएम मोदी ने कहा- ”भारतीय सभ्यता में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है. सदियों से हमारी मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि पूरक हैं. ब्रिक्स में भी हमने मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है. यही सस्टेनेबिलिटी का आधार है और ये भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है.”
#WATCH | दिल्ली: BRICS समिट 2026 के दूसरे दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारतीय सभ्यता में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है। सदियों से हमारी मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं बल्कि पूरक हैं। ब्रिक्स में भी हमने मानव विकास और पर्यावरण के बीच… pic.twitter.com/LAv9YjLfQ5
पीएम मोदी ने आगे कहा- ”भारत की अध्यक्षता में हमारा पूरा फोकस चार स्तंभों पर केंद्रित किया है. इनमें रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी शामिल हैं.” उन्होंने कहा- ”सभी के सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा विजन को विन-विन कोलैबोरेशन में बदलने में कामयाब रहे हैं.” पीएम मोदी ने कहा- ”आज दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका आम लोगों की जिंदगी पर बड़ा और व्यापक नकारात्मक असर पड़ रहा है. महामारी, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहता. इसलिए हमने ब्रिक्स के भीतर रेजिलिएंस बढ़ाने पर खास जोर दिया है.”
‘सीफेयरर्स ग्लोबल ट्रेड में अहम योगदान देते हैं’
पीएम मोदी ने कहा- ”सीफेयरर्स ग्लोबल ट्रेड में अहम योगदान देते हैं, लेकिन संकट के समय उन्हें अक्सर पर्याप्त मदद नहीं मिलती. इसलिए उन्होंने सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रखा.” उन्होंने कहा- ”हमारा भविष्य साझा है, इसलिए उस भविष्य को आकार देने का अधिकार भी साझा होना चाहिए, आवाज से असर तक और विशेषाधिकार से साझेदारी तक. सेशन के अंत में न्यू दिल्ली ब्रिक्स लीडर्स डिक्लेरेशन को अपनाया गया, जिसमें आगे ब्रिक्स सहयोग के लिए साझा प्राथमिकताओं, प्रतिबद्धता और दिशा तय की गई.”
#WATCH | दिल्ली: BRICS समिट 2026 के दूसरे दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं मेरे निजी अनुभव के साथ कह सकता हूं कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास बढ़ा है क्योंकि ब्रिक्स में उनकी आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभव का सम्मान होता है और समाधान न केवल उनके लिए बल्कि… pic.twitter.com/uF5OGviRSX