कौन हैं IFS सिद्धार्थ बाबू? जो PM मोदी, पुतिन और जिनपिंग की वायरल तस्वीर में आए नजर
Who is IFS Sidharth Babu: ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की हाथ मिलाते तस्वीर सोशल मीडिया पर छाई हुई है. इस ऐतिहासिक फ्रेम में PM मोदी के ठीक पीछे खड़े 36 वर्षीय भारतीय राजनयिक सिद्धार्थ बाबू ने सबका ध्यान खींचा. चीनी भाषा के माहिर और 2017 बैच के IFS सिद्धार्थ बाबू ही जिनपिंग की बातों को PM मोदी तक ट्रांसलेट कर रहे थे.
Edited By : Vijay Jain|Updated: Sep 13, 2026 18:27
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ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की हाथ मिलाते तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल. Credit: instagram (narendramodi)
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Who is IFS Sidharth Babu: ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन से सामने आई एक तस्वीर इस समय दुनियाभर के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आपस में हाथ मिलाते हुए हल्के-फुल्के पलों को साझा करते नजर आ रहे हैं. लेकिन इस हाई-प्रोफाइल फ्रेम में पीएम मोदी के ठीक पीछे खड़े एक नौजवान चेहरे ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
हर कोई जानना चाहता है कि दुनिया के तीन सबसे ताकतवर नेताओं के बीच खड़ा यह युवा कौन है? यह कोई आम चेहरा नहीं, बल्कि 36 वर्षीय भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी सिद्धार्थ बाबू हैं. बातचीत के दौरान सिद्धार्थ बाबू चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बयानों को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक समझाने (इंटरप्रेट करने) में मदद कर रहे थे.
केरल के कोच्चि के रहने वाले सिद्धार्थ बाबू ने साल 2012 में मार अथेनेशियस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी. इसके बाद उन्होंने कुछ समय ई-कॉमर्स सेक्टर में भी काम किया. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मामलों में रुचि के चलते उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. पहले प्रयास में वे असफल रहे, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया 15वीं रैंक (AIR 15) हासिल कर विदेश सेवा चुनी.
चीनी भाषा पर मजबूत पकड़
2017 बैच के आईएफएस अधिकारी सिद्धार्थ बाबू 2018 से 2022 के बीच बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में तैनात रहे. इस दौरान उन्होंने चीनी भाषा (मैंडरिन) पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई. इसके बाद उन्होंने कैलिफोर्निया में भारत के वाणिज्य दूत के रूप में भी सेवाएं दीं. जनवरी 2025 से वे विदेश मंत्रालय (MEA) के ईस्ट एशिया डिवीजन में डिप्टी सेक्रेटरी पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. यह पहला मौका नहीं है जब वे इतने बड़े मंच पर दिखे हों. इससे पहले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में भी वे वीआईपी मंच पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और पीएम मोदी के बीच बातचीत का अनुवाद करते नजर आए थे.